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Mon Apr 23, 2018 07:39:41 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
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Today (07:12)  ‘साफ्ट टारगेट’ बने रेल इंजन (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 334917     
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Apr 23 2018 (07:12)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Varanasi Junction/BSB  
 
 
जासं, वाराणसी : कैंट रेलवे स्टेशन पर आतंकी घटना होने के बाद भी रेल प्रशासन गंभीर नहीं है। स्टेशन परिसर में न तो मुकम्मल तौर पर जांच होती है और न सुरक्षा उपकरण ही दुरुस्त है। साथ ही रेल कर्मियों की लापरवाही इस कदर कि वे रेल इंजनों को भी सुरक्षित नहीं रखते हैं। इसका कभी बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बड़ी वारदात के लिए कैंट स्टेशन व यार्ड में खड़े इंजनों को साफ्ट टारगेट बनाया जा सकता है क्योंकि वहां खड़े इंजनों के गेट खुले रहते हैं। 1 करीब 25 दिन पूर्व प्लेटफार्म पांच के यार्ड में खड़े इलेक्टिक इंजन में युवक घुस गया था। उसने इंजन के बटन भी दबाए थे। संयोग अच्छा था कि मिनट भर में रेलकर्मी वहां पहुंच गए और उसे दबोच लिया। रेल अफसरों का कहना है कि युवक की मंशा वारदात की नहीं थी। बस, अंदर क्या है, इसकी जानकारी की जिज्ञासा में...
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चला गया था। इस तर्क को मान भी लें तो क्या आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले साफ्ट टारगेट के तौर पर इंजनों का इस्तेमाल कभी नहीं किया जा सकता है। 1आरपीएफ व जीआरपी रहती परेशान : रेल कर्मियों की इस लापरवाही को लेकर आरपीएम व जीआरपी भी परेशान रहती है। आरपीएफ के जवानों का कहना है कि चाहे डीरेका से नया इंजन बनकर आए या फिर किसी ट्रेन से निकाल कर यार्ड में गया इंजन ही क्यों न हो, सभी की रखवाली को लेकर रेल कर्मी लापरवाही बरतते हैं। वे इंजन का न तो दरवाजा बंद करते हैं और न आरपीएफ को ही सूचित करते हैं। इंजन में एलईडी टीवी, अग्निशमन यंत्र समेत कई कीमती सामान रखे रहते हैं जो गायब भी हो जाते हैं। इसकी शिकायतें पूर्व में आई भी हैं। 1कैंट स्टेशन का पॉवर गुल : निर्बाध विद्युत आपूर्ति का दावा करने वाले कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को आधे घंटे की कटौती से यात्रियों परेशानी का सामना करना पड़ा। कटौती के दौरान शाम 5.55 बजे से लेकर शाम 6.25 तक स्टेशन परिसर में टिकट बुकिंग का कार्य कुछ मिनट के लिए प्रभावित था। हालांकि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने फॉल्ट खोजकर तुरंत पॉवर सप्लाई को सुचारु किया।जासं, वाराणसी : कैंट रेलवे स्टेशन पर आतंकी घटना होने के बाद भी रेल प्रशासन गंभीर नहीं है। स्टेशन परिसर में न तो मुकम्मल तौर पर जांच होती है और न सुरक्षा उपकरण ही दुरुस्त है। साथ ही रेल कर्मियों की लापरवाही इस कदर कि वे रेल इंजनों को भी सुरक्षित नहीं रखते हैं। इसका कभी बड़ा खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। बड़ी वारदात के लिए कैंट स्टेशन व यार्ड में खड़े इंजनों को साफ्ट टारगेट बनाया जा सकता है क्योंकि वहां खड़े इंजनों के गेट खुले रहते हैं। 1 करीब 25 दिन पूर्व प्लेटफार्म पांच के यार्ड में खड़े इलेक्टिक इंजन में युवक घुस गया था। उसने इंजन के बटन भी दबाए थे। संयोग अच्छा था कि मिनट भर में रेलकर्मी वहां पहुंच गए और उसे दबोच लिया। रेल अफसरों का कहना है कि युवक की मंशा वारदात की नहीं थी। बस, अंदर क्या है, इसकी जानकारी की जिज्ञासा में चला गया था। इस तर्क को मान भी लें तो क्या आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने वाले साफ्ट टारगेट के तौर पर इंजनों का इस्तेमाल कभी नहीं किया जा सकता है। 1आरपीएफ व जीआरपी रहती परेशान : रेल कर्मियों की इस लापरवाही को लेकर आरपीएम व जीआरपी भी परेशान रहती है। आरपीएफ के जवानों का कहना है कि चाहे डीरेका से नया इंजन बनकर आए या फिर किसी ट्रेन से निकाल कर यार्ड में गया इंजन ही क्यों न हो, सभी की रखवाली को लेकर रेल कर्मी लापरवाही बरतते हैं। वे इंजन का न तो दरवाजा बंद करते हैं और न आरपीएफ को ही सूचित करते हैं। इंजन में एलईडी टीवी, अग्निशमन यंत्र समेत कई कीमती सामान रखे रहते हैं जो गायब भी हो जाते हैं। इसकी शिकायतें पूर्व में आई भी हैं। 1कैंट स्टेशन का पॉवर गुल : निर्बाध विद्युत आपूर्ति का दावा करने वाले कैंट रेलवे स्टेशन पर रविवार को आधे घंटे की कटौती से यात्रियों परेशानी का सामना करना पड़ा। कटौती के दौरान शाम 5.55 बजे से लेकर शाम 6.25 तक स्टेशन परिसर में टिकट बुकिंग का कार्य कुछ मिनट के लिए प्रभावित था। हालांकि विद्युत विभाग के कर्मचारियों ने फॉल्ट खोजकर तुरंत पॉवर सप्लाई को सुचारु किया।ा06उ स्टेशन व यार्ड में खड़े इंजन सुरक्षित नहीं, खुले रहते हैं दरवाजे1ा06उ कोई भी व्यक्ति कभी आराम से घुस सकता है अंदरसीआइटी स्टेशन को डीआरएम मेडल 1जासं, वाराणसी : कैंट स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा के लिए सराहनीय प्रयास करने के लिए सीआइटी स्टेशन एसपी मिश्र को डीआरएम मेडल मिला है। शनिवार को लखनऊ स्थित डिवीजन कार्यालय में आयोजित समारोह में डीआरएम सतीश कुमार ने सीआईटी स्टेशन को मेडल, प्रशस्ति पत्र व पांच हजार रुपये प्रदान किया।
  
Today (07:10)  एक तो ट्रेन विलंबित दूसरे अभ्यर्थियों का हंगामा (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 334916     
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Apr 23 2018 (07:10)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Varanasi Junction/BSB  
 
 
जासं, वाराणसी : कैंट स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तो ट्रेनें लेट चल रही हैं तो दूसरे सेना भर्ती समेत नगर में संचालित परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का हंगामा हो रहा है। रविवार को भी कई ट्रेनें लेट थी तो वहीं यात्रियों को हंगामा का सामना भी करना पड़ा। लेट आ रही टेनों का प्लेटफार्म बदलने व पानी की किल्लत को लेकर भी यात्रियों की ओर से हंगामा किया गया।1इन दिनों वाराणसी लखनऊ रूट समेत कई स्थानों पर पटरियों को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। इस कारण लेट चल रही ट्रेनों का सिलसिला जारी है। रविवार को भी कैंट रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ियां अपने निर्धारित समय से कई घंटे तक विलंबित थीं। कोटा- पटना एक्सप्रेस सर्वाधिक 15 घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 12 घंटे, आनंद विहार-मालदा टाउन एक्सप्रेस 10 घंटे और पटना- कोटा एक्सप्रेस 10 घंटे तक विलंब से पहुंची।...
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हिमगीरी एक्सप्रेस 8 घंटे, गंगा सतलज एक्सप्रेस 8 घंटे, डाउन दून एक्सप्रेस छह, अप दून एक्सप्रेस छह, विभूति एक्सप्रेस छह, गोंडिया- बरौनी एक्सप्रेस छह और अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, डूप्लिकेट पंजाब मेल व भृगुनाथ एक्सप्रेस पांच घंटे लेट थी। वहीं, वाराणसी- सिंगरौली एक्सप्रेस एवं रांची गरीानवाज एक्सप्रेस चार घंटे लेट से रवाना हुई।जासं, वाराणसी : कैंट स्टेशन पर इन दिनों यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। एक तो ट्रेनें लेट चल रही हैं तो दूसरे सेना भर्ती समेत नगर में संचालित परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का हंगामा हो रहा है। रविवार को भी कई ट्रेनें लेट थी तो वहीं यात्रियों को हंगामा का सामना भी करना पड़ा। लेट आ रही टेनों का प्लेटफार्म बदलने व पानी की किल्लत को लेकर भी यात्रियों की ओर से हंगामा किया गया।1इन दिनों वाराणसी लखनऊ रूट समेत कई स्थानों पर पटरियों को दुरुस्त करने का कार्य चल रहा है। इस कारण लेट चल रही ट्रेनों का सिलसिला जारी है। रविवार को भी कैंट रेलवे स्टेशन से गुजरने वाली गाड़ियां अपने निर्धारित समय से कई घंटे तक विलंबित थीं। कोटा- पटना एक्सप्रेस सर्वाधिक 15 घंटे, स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस 12 घंटे, आनंद विहार-मालदा टाउन एक्सप्रेस 10 घंटे और पटना- कोटा एक्सप्रेस 10 घंटे तक विलंब से पहुंची। हिमगीरी एक्सप्रेस 8 घंटे, गंगा सतलज एक्सप्रेस 8 घंटे, डाउन दून एक्सप्रेस छह, अप दून एक्सप्रेस छह, विभूति एक्सप्रेस छह, गोंडिया- बरौनी एक्सप्रेस छह और अमृतसर-हावड़ा एक्सप्रेस, पूर्वा एक्सप्रेस, डूप्लिकेट पंजाब मेल व भृगुनाथ एक्सप्रेस पांच घंटे लेट थी। वहीं, वाराणसी- सिंगरौली एक्सप्रेस एवं रांची गरीानवाज एक्सप्रेस चार घंटे लेट से रवाना हुई।
  
Today (07:09)  रेल इंजन निर्माण में अगुआ बना डीरेका (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNR/Northern  -  

News Entry# 334915     
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Apr 23 2018 (07:10)
Station Tag: Varanasi Junction/BSB added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Varanasi Junction/BSB  
 
 
स्थापना दिवस आज
जासं, वाराणसी : डीजल रेल इंजन कारखाना का शिलान्यास 23 अप्रैल, 1956 को देश के प्रथम राष्ट्रपति डा. राजेंद्र प्रसाद ने किया था। तब से यह संस्थान विश्व कीर्तिमान की ओर बढ़ता जा रहा है। एक से बढ़कर एक चुनौतियों को आसानी से पूरा कर रहा है। अभी तक हर वर्ष 300 रेल इंजन बना कर अपने कार्य का लोहा मनवा रहा है तो वहीं डुअल यानी बिजली व डीजल से संचालित इंजन के साथ ही हर दिन एक इंजन बनाने का लक्ष्य रखते हुए कीर्तिमान की ओर कदम बढ़ा दिया है।1फिलहाल, एसी इंजन के साथ डुअल यानी बिजली व डीजल दोनों से चलने वाले इंजनों का निर्माण शुरू हो गया है। यह प्रयोग भारत में पहली बार किया
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गया है। डीरेका में अब तक प्रतिवर्ष 300 इंजन बनाए जा रहे हैं। नए वर्ष में हर रोज एक इंजन बनाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया पहल के तहत डीजल रेल इंजन को विद्युत रेल इंजन में बदलकर इतिहास रचने की दिशा में कदम बढ़ाया है। मेक इन इंडिया पहल के तहत स्वदेशी तकनीक अपनाते हुए डीरेका ने यह इतिहास बनाया है। इसके लिए दो पुराने हो चुके डीजल इंजनों को चुना गया। ऐसे डीजल रेल इंजन के चेसिस, बोगी और ट्रैक्शन मोटर्स को बनाए रखा गया। प्रोजेक्ट में डीरेका के साथ आरडीएसओ, सीएलडब्ल्यू और बीएचईएल के इंजीनियरों ने एक साथ काम किया। पहला इंजन दो माह में बन गया। इसी तरह मार्च 2018 तक दूसरा इंजन भी बन गया। डीरेका की शान विश्व स्तर पर बढ़ती जा रही है। बांग्लादेश, श्रीलंका, म्यांमार आदि देशों से यहां निर्मित इंजनों की मांग बढ़ गई है। 1संस्थान डीरेका का समारोह आयोजन- डीजल रेल इंजन कारखाना के स्थापना दिवस के अवसर पर दो दिवसीय समारोह का आयोजन रंगशाला में किया जा रहा है। डीरेका से जुड़े लोगों ने संस्थान डीरेका के तत्वावधान में रविवार को डीरेका प्रशासन भवन परिसर में पहुंचे। यहां स्थापित डीरेका के संस्थापक डा. राजेन्द्र प्रसाद व डीरेका निर्मित प्रथम रेल इंजन को लोकार्पित करने वाले प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की प्रतिमा को साफ किया। श्रमदानियों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित किया। संस्थान डीरेका के उपाध्यक्ष एवं वरिष्ठ कार्मिक अधिकारी (कारखाना) राजकुमार गुप्ता, कार्य प्रबंधक मुकेश कारीढाल, कर्मचारी परिषद के संयुक्त सचिव विष्णुदेव दुबे, कर्मचारी परिषद के सदस्य विनोद कुमार सिंह आदि थे।’>>एसी इंजन के साथ डुअल (बिजली व डीजल चालित) इंजन निर्माण है शुरू1’>>कारखाने ने पाई बड़ी कामयाबी, इलेक्टिक में तब्दील डीजल इंजन
  
Today (07:07)  हंसिए मत.., मजबूरी समङिाए (epaper.jagran.com)
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Commentary/Human InterestSER/South Eastern  -  

News Entry# 334914     
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Apr 23 2018 (07:07)
Station Tag: Rourkela Junction/ROU added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Rourkela Junction/ROU  
 
 
गर्मी से बेहाल यात्री ने पांच सौ रुपये के मिनरल वाटर से प्लेटफार्म पर किया खुलेआम स्नान
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जागरण संवाददाता, राउरकेला : इंसान पल-परिस्थिति में किस कदर बेबस हो जाता है कि उसे अपनी स्थिति सामान्य करने के लिए सामाजिक लोकाचार की अनदेखी तक करना मजबूरी होती है। ऐसा ही एक नजारा राउरकेला स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर रविवार की सुबह की सुबह देखने को मिला। 1 यहां भीषण गर्मी से बेहाल एक यात्री ने खुलेआम प्लेटफार्म को बाथरूम बना दिया और मिनरल वाटर से जमकर शॉवर लिया।
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यह दृश्य देख वहां मौजूद यात्री हतप्रभ दिखे लेकिन उक्त यात्री इससे बेफिक्र शावर लेने में मशगूल रहा। उसके हाथ तब तक नहीं रुके जबतक ठंडे पानी की दर्जनों बोतलें समाप्त नहीं हो गयी। ऐसा करने के बाद वह वापस बोगी में सवार हो गया और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया। दरअसल, रविवार को पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस सुबह 9:15 बजे राउरकेला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-3 पर पहुंची। इसी समय एस-1 कोच से एक अधेड़ यात्री उतरा और एक स्टाल में जाकर 500 रुपये में दर्जनों रेल नीर खरीद लिया। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता। उसने ट्रेन के सामने प्लेटफार्म पर कपड़े उतारकर बोतलबंद मिनरल पानी से नहाना शुरू कर दिया। एक नहीं .. दो नहीं .. बल्कि एक के बाद एक मिनरल वाटर की दर्जनों बोतलों से वह भरे स्टेशन में नहाता चला गया। 42 डिग्री के प्रचंड गर्मी में बोतलबंद ठंडे पानी से नहाते इस शख्स का अंदाजे बयां कर रहा था कि इसे भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। 1बताते चलें कि स्लीपर बोगियों में गर्मी के मौसम में जो पानी शौचालय में आता है वह गर्म निकलता है। ट्रेन में सफर के दौरान ठंडे पानी से नहाने का यह नायाब और सनकी भरा अंदाज शायद ही किसी ने देखा या सोचा था। स्टेशन में जिसने भी यह नजारा देखा उसकी आंखे खुली की खुली रह गयी। प्लेटफार्म पर लोग भीड़ लगाकर उक्त यात्री का स्नान देखते रहे। नहाने के बाद शरीर पोछकर वह वापस ट्रेन में अपनी सीट पर जा बैठा। यात्री कौन था और कहां से कहां जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं मिल पायी। जिस स्टाल वाले इसने पानी की बोतलें खरीदी उसने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वैसे मामला तो स्टेशन परिसर को गंदा करने का भी बनता है, लेकिन यह भी समझ से परे है कि एक रेल यात्री सरेआम स्टेशन में बोतल फेंक-फेंक कर नहाता रहा, स्टेशन को गंदा करता रहा लेकिन किसी भी रेल अधिकारी या कर्मचारी ने उसे रोकने की कोशिश तक नहीं की।जागरण संवाददाता, राउरकेला : इंसान पल-परिस्थिति में किस कदर बेबस हो जाता है कि उसे अपनी स्थिति सामान्य करने के लिए सामाजिक लोकाचार की अनदेखी तक करना मजबूरी होती है। ऐसा ही एक नजारा राउरकेला स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर तीन पर रविवार की सुबह की सुबह देखने को मिला। 1 यहां भीषण गर्मी से बेहाल एक यात्री ने खुलेआम प्लेटफार्म को बाथरूम बना दिया और मिनरल वाटर से जमकर शॉवर लिया। यह दृश्य देख वहां मौजूद यात्री हतप्रभ दिखे लेकिन उक्त यात्री इससे बेफिक्र शावर लेने में मशगूल रहा। उसके हाथ तब तक नहीं रुके जबतक ठंडे पानी की दर्जनों बोतलें समाप्त नहीं हो गयी। ऐसा करने के बाद वह वापस बोगी में सवार हो गया और अपने गंतव्य के लिए रवाना हो गया। दरअसल, रविवार को पुरी-हरिद्वार एक्सप्रेस सुबह 9:15 बजे राउरकेला रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या-3 पर पहुंची। इसी समय एस-1 कोच से एक अधेड़ यात्री उतरा और एक स्टाल में जाकर 500 रुपये में दर्जनों रेल नीर खरीद लिया। इससे पहले की कोई कुछ समझ पाता। उसने ट्रेन के सामने प्लेटफार्म पर कपड़े उतारकर बोतलबंद मिनरल पानी से नहाना शुरू कर दिया। एक नहीं .. दो नहीं .. बल्कि एक के बाद एक मिनरल वाटर की दर्जनों बोतलों से वह भरे स्टेशन में नहाता चला गया। 42 डिग्री के प्रचंड गर्मी में बोतलबंद ठंडे पानी से नहाते इस शख्स का अंदाजे बयां कर रहा था कि इसे भीषण गर्मी से राहत मिल रही है। 1बताते चलें कि स्लीपर बोगियों में गर्मी के मौसम में जो पानी शौचालय में आता है वह गर्म निकलता है। ट्रेन में सफर के दौरान ठंडे पानी से नहाने का यह नायाब और सनकी भरा अंदाज शायद ही किसी ने देखा या सोचा था। स्टेशन में जिसने भी यह नजारा देखा उसकी आंखे खुली की खुली रह गयी। प्लेटफार्म पर लोग भीड़ लगाकर उक्त यात्री का स्नान देखते रहे। नहाने के बाद शरीर पोछकर वह वापस ट्रेन में अपनी सीट पर जा बैठा। यात्री कौन था और कहां से कहां जा रहा था, इसकी जानकारी नहीं मिल पायी। जिस स्टाल वाले इसने पानी की बोतलें खरीदी उसने इस घटना को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वैसे मामला तो स्टेशन परिसर को गंदा करने का भी बनता है, लेकिन यह भी समझ से परे है कि एक रेल यात्री सरेआम स्टेशन में बोतल फेंक-फेंक कर नहाता रहा, स्टेशन को गंदा करता रहा लेकिन किसी भी रेल अधिकारी या कर्मचारी ने उसे रोकने की कोशिश तक नहीं की।राउरकेला स्टेशन में मिनेरल वाटर से नहाता गर्मी से बेहाल यात्री ’ जगन्नाथ महतो
  
तुर्की स्टेशन पर स्टेशन मास्टर ने नए पैनल केबिन से चलाई ट्रेनें,सबसे पहले अप लाइन पर इंटरसिटी व डाउन लाइन पर कविगुरु एक्सप्रेस गुजारी गई1
निर्माण पूरा
आज से निर्धारित मार्ग से चलेगी पाटलिपुत्र व सिवान पैसेंजर
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जासं,
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मुजफ्फरपुर : रेलवे इंजीनियरिंग विभाग ने रविवार को तुर्की स्टेशन पर ननइंटरलॉकिंग कार्य पूरा कर लिया। दोपहर 11.50 बजे तुर्की से कुढ़नी के बीच नई डबल लाइन को पॉलिड स्टेट इंटरलॉकिंग एसएसआइ करके चालू कर दिया गया। इसके बाद पूर्व मध्य रेल के मुख्य प्रशासनिक पदाधिकारी जेकेएल दास और सिग्नल के मुख्य अभियंता (निर्माण) श्रीरेंद्र सिंह ने तुर्की स्टेशन पर नए लिंक पैनल केबिन का शुभारंभ किया। स्टेशन मास्टर ने नए सिस्टम से अप लाइन पर सिग्नल व लाइन को तैयार किया। जयनगर से पाटलिपुत्र जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस को सबसे पहले इससे गुजारा गया। इसके बाद दोपहर 12.12 बजे डाउन लाइन पर पहली 19602 कविगुरु एक्सप्रेस को चलाई गई। ननइंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने के बाद रामदयालुनगर, तुर्की व कुढ़नी स्टेशन तक नई डबल लाइन पर ट्रेनें 70 किमी की रफ्तार से दौड़ीं। इससे स्टेशन मास्टर व अन्य कर्मचारी उत्साहित दिखे। रेलवे अधिकारी ने कहा कि स्टेशन मास्टरों को चाबी घुमाकर सिग्नल व लाइन तैयार करने के झंझट से मुक्ति मिल गई। नए लिंक पैनल केबिन तैयार होने से परिचालन में कोई दिक्कत नहीं होगी। बेहतर परिचालन होगा। मौके पर यातायात निरीक्षक आमोद कुमार व स्टेशन अधीक्षक मौजूद थे। 1आज कुढ़नी स्टेशन पर होगा नन इंटरलॉकिंग कार्य : इंजीनियरिंग विभाग का प्लान फेल हो गया। इससे एक दिन बाद सोमवार को कुढ़नी स्टेशन पर ननइंटरलॉकिंग कार्य पूरा होने की उम्मीद जताई जा रही है।रामदयालुनगर, तुर्की व कुढ़नी स्टेशन तक 70 किमी की रफ्तार से दौड़ीं ट्रेनें 1स्टेशन मास्टरों को चाबी घुमाकर लाइन तैयार करने से मिली मुक्तितुर्की स्टेशन पर नए पैनल केबिन का शुभारंभ करते अधिकारी ’ जागरणट्रेन के इंतजार में बीते 18 घंटे1जासं, मुजफ्फरपुर : ट्रेन के इंतजार में रविवार को यात्रियों के 18 घंटे प्लेटफॉर्म पर ही गुजर गए। इसके बाद भी ट्रेन का कोई अतापता नहीं। यात्री पूछताछ काउंटर पर सूचना के लिए दौड़ते रहे। सही सूचना नहीं मिलने पर वे आक्रोशित होते रहे। जानकारी के अनुसार जननायक एक्सप्रेस 18 घंटा, बिहार संपर्क क्रांति एक्सप्रेस 10 घंटा, हावड़ा स्पेशल 16 घंटा, अवध असम एक्सप्रेस 19, सप्तक्रांति 13 घंटा समेत अन्य ट्रेनें जंक्शन पर विलंब से आईं। इससे यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। 1जासं, मुजफ्फरपुर : हाजीपुर रेलमार्ग पर ननइंटरलॉकिंग को लेकर 18 से 22 अप्रैल तक रद रहने वाली इंटरसिटी व सिवान जाने वाली पैसेंजर ट्रेन सोमवार से अपने निर्धारित रूट से चलेगी। इसी के साथ एक सप्ताह से लोकल यात्रियों की जारी परेशानी खत्म हो जाएगी। इंटरसिटी व सवारी ट्रेन का ठहराव रामदयालुनगर, तुर्की, कुढ़नी, सराय, भगवानपुर, गोरौल व हाल्ट पर होगा। इसके साथ शाहपुर पटोरी होकर चलने वाली सवारी ट्रेनों का परिचालन चालू कर दिया गया है। इसके साथ ही ट्रेनों का आंशिक समापन खत्म कर दिया गया है। 1रद ट्रेनें चलेंगी आज से :’55229 व 55230 बरौनी पाटलिपुत्र इंटरसिटी। ’55215 व 55218 पाटलिपुत्र से मुजफ्फरपुर इंटरसिटी। ’55215 व 55216 पाटलिपुत्र से मुजफ्फरपुर। ’55227 व 55228 मुजफ्फरपुर से पाटलिपुत्र जाने वाली सवारी टेन। ’63280 व 63285 पटना-बरौनी सवारी ट्रेन।1आज से निर्धारित स्टेशन से चलेगी ट्रेनें : ’15202 इंटरसिटी रक्सौल से निर्धारित मार्ग से पाटलिपुत्र जाएगी। ’निर्धारित मार्ग से 15201 इंटरसिटी रक्सौल से पाटलिपुत्र1’निर्धारित मार्ग से 11124 ग्वालियर मेल बरौनी तक जाएगी। ’निर्धारित मार्ग से 11123 ग्वालियर मेल बरौनी से खुलेगी। ’सिवान से समस्तीपुर जानेवाली 55021 सवारी ट्रेन समस्तीपुर जाएगी।

  
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