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Mon Apr 23, 2018 07:37:24 ISTHomeTrainsΣChainsAtlasPNRForumGalleryNewsFAQTripsLoginFeedback
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Today (06:56)  इलाहाबाद रूट की सभी ट्रेनें लेट, यात्री परेशान (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNCR/North Central  -  

News Entry# 334912     
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Apr 23 2018 (06:56)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Kanpur Central/CNB  
 
 
जासं, कानपुर: लगातार विलंब से चल रही ट्रेनों की रफ्तार में रविवार को भी सुधार नहीं हुआ। विशेषकर बिहार से वाया इलाहाबाद होकर आने वाली सभी गाड़ियां देरी से चल रही हैं। 1इलाहाबाद रूट पर कानपुर से लगभग 80-80 गाड़ियों का आना जाना है। आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद से होकर आने वाली हर गाड़ी लेट है। लगभग 40 गाड़ियां तीन घंटे से भी अधिक विलंब से चल रही थी। इसका असर कानपुर से जाने वाली ट्रेनों पर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि हालात कुछ बेहतर हैं। हावड़ा रुट के अलावा अन्य रूटों पर गाड़ियां विलंब से चल रही हैं। कुल 100 से अधिक गाड़ियां तीन घंटे से देर चल रही हैं। 1इलाहाबाद से कानपुर : इस्लामपुर-नई दिल्ली: 10.06 घंटा, वाराणसी-ओखा: 3.55 घंटा, मडुवाडीह-न्यू दिल्ली: 2.27 घंटा, सियालदह-आनंद विहार: 7.05 घंटा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी: 5.17 घंटा, पूवरेत्तर संपर्क क्रांति: 10.47 घंटा, हावड़ा-आनंद विहार: 4.51 घंटा, तूफान एक्सप्रेस: 8.55 घंटा, पुरी-नई दिल्ली:...
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8.47 घंटा, गोरखपुर- कानपुर: 6.05 घंटा, हावड़ा- कालका : 7.05 घंटा, टाटानगर- जम्मूतवी : 9.30 घंटा, सीमांचल :9.21 घंट, हावड़ा -जोधपुर: 6.07 घंटे लेट रहीं।जासं, कानपुर: लगातार विलंब से चल रही ट्रेनों की रफ्तार में रविवार को भी सुधार नहीं हुआ। विशेषकर बिहार से वाया इलाहाबाद होकर आने वाली सभी गाड़ियां देरी से चल रही हैं। 1इलाहाबाद रूट पर कानपुर से लगभग 80-80 गाड़ियों का आना जाना है। आंकड़ों के मुताबिक इलाहाबाद से होकर आने वाली हर गाड़ी लेट है। लगभग 40 गाड़ियां तीन घंटे से भी अधिक विलंब से चल रही थी। इसका असर कानपुर से जाने वाली ट्रेनों पर भी दिखाई दे रहा है। हालांकि हालात कुछ बेहतर हैं। हावड़ा रुट के अलावा अन्य रूटों पर गाड़ियां विलंब से चल रही हैं। कुल 100 से अधिक गाड़ियां तीन घंटे से देर चल रही हैं। 1इलाहाबाद से कानपुर : इस्लामपुर-नई दिल्ली: 10.06 घंटा, वाराणसी-ओखा: 3.55 घंटा, मडुवाडीह-न्यू दिल्ली: 2.27 घंटा, सियालदह-आनंद विहार: 7.05 घंटा, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी: 5.17 घंटा, पूवरेत्तर संपर्क क्रांति: 10.47 घंटा, हावड़ा-आनंद विहार: 4.51 घंटा, तूफान एक्सप्रेस: 8.55 घंटा, पुरी-नई दिल्ली: 8.47 घंटा, गोरखपुर- कानपुर: 6.05 घंटा, हावड़ा- कालका : 7.05 घंटा, टाटानगर- जम्मूतवी : 9.30 घंटा, सीमांचल :9.21 घंट, हावड़ा -जोधपुर: 6.07 घंटे लेट रहीं।
  
Today (06:55)  गाजियाबाद से चकेरी तक बेधड़क गुजरेंगी ट्रेनें (epaper.jagran.com)
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IR AffairsNCR/North Central  -  

News Entry# 334911     
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Apr 23 2018 (06:55)
Station Tag: Kanpur Central/CNB added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Kanpur Central/CNB  
 
 
जागरण संवाददाता, कानपुर : हावड़ा रूट पर विलंब से चल रही ट्रेनों के संचालन में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। रविवार को चकेरी से चंदारी के बीच आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली की सफल टेस्टिंग के बाद यह प्रणाली सक्रिय कर दी गई। अब गाजियाबाद से लेकर चकेरी तक एक ही लाइन पर कई गाड़ियां बेधड़क दौड़ सकेंगी। 1ट्रेनों के संचालन की पुरानी व्यवस्था में दो स्टेशनों के बीच केवल एक ट्रेन गुजारी जाती थी। इस व्यवस्था में ट्रेनों के संचालन में बहुत अधिक समय लगता था। दो स्टेशनों के बीच एक ही ट्रैक पर एक साथ कई ट्रेनें दौड़ाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ वर्षो में बेहतर प्रगति की है। नई प्रणाली को आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली के नाम से जाना जाता है। 1अभी तक गाजियाबाद से कानपुर तक बीच का कुछ भाग छोड़कर पूरे ट्रैक पर आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली सक्रिय है। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कुछ कम हुई है।...
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अब यही काम कानपुर से इलाहाबाद तक होना है। कानपुर से चंदारी तक आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली को कुछ समय पहले सक्रिय किया गया था। रविवार को चंदारी से चकेरी के बीच भी इस प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। इसके लिए दोपहर 12 बजे से दो बजे के लिए ब्लॉक लिया गया। इसके चलते करीब एक दर्ज गाड़ियां सेंट्रल रेलवे स्टेशन और रूमा के आसपास खड़ी रही। दोपहर दो से साढ़े तीन बजे तक स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों को पहले गुजारा गया, इसके बाद साढ़े तीन से चार बजे के बीच आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली की टेस्टिंग की गई। प्रणाली पूरी सफलता से काम कर रही है। 1पहले एक, अब चार ट्रेनें : चंदारी से चकेरी के बीच छह किमी के फासले पर पहले एक ही ट्रेन दौड़ती थी। नई व्यवस्था में 1.5-1.5 किमी के अंतराल पर चार ब्लॉक बनाए गए हैं। अब एक ही समय में इन ब्लॉक के बीच एक साथ चार गाड़ियां दौड़ सकेंगी। इस रेल खंड में एक गाड़ी गुजरने में करीब 7 मिनट का समय लगता है। पुरानी व्यवस्था में चार ट्रेनों को गुजारने में 28 मिनट खर्च होते थे जबकि नई व्यवस्था में अधिकतम दस मिनट के अंतराल में ही चार ट्रेनें गुजर जाएंगी। 1देश का सबसे लंबा आटोमेटिक ट्रैक : गाजियाबाद से चकेरी तक आटोमेटिक सिग्नल ट्रैक की लंबाई अब बढ़कर 476 किमी हो गई है। यह आटोमेटिक सिग्नलिंग में देश का सबसे लंबा ट्रैक है। इस काम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पिछले दिनों इस योजना में शामिल सीनियर डिविजनल इंजीनियर सिग्नल एंड टेलीकॉम अनिल कुमार सिंह को जीएम अवार्ड से सम्मानित किया गया था।जागरण संवाददाता, कानपुर : हावड़ा रूट पर विलंब से चल रही ट्रेनों के संचालन में कुछ सुधार देखने को मिलेगा। रविवार को चकेरी से चंदारी के बीच आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली की सफल टेस्टिंग के बाद यह प्रणाली सक्रिय कर दी गई। अब गाजियाबाद से लेकर चकेरी तक एक ही लाइन पर कई गाड़ियां बेधड़क दौड़ सकेंगी। 1ट्रेनों के संचालन की पुरानी व्यवस्था में दो स्टेशनों के बीच केवल एक ट्रेन गुजारी जाती थी। इस व्यवस्था में ट्रेनों के संचालन में बहुत अधिक समय लगता था। दो स्टेशनों के बीच एक ही ट्रैक पर एक साथ कई ट्रेनें दौड़ाने की दिशा में भारतीय रेलवे ने पिछले कुछ वर्षो में बेहतर प्रगति की है। नई प्रणाली को आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली के नाम से जाना जाता है। 1अभी तक गाजियाबाद से कानपुर तक बीच का कुछ भाग छोड़कर पूरे ट्रैक पर आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली सक्रिय है। इससे ट्रेनों की लेटलतीफी कुछ कम हुई है। अब यही काम कानपुर से इलाहाबाद तक होना है। कानपुर से चंदारी तक आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली को कुछ समय पहले सक्रिय किया गया था। रविवार को चंदारी से चकेरी के बीच भी इस प्रणाली को सक्रिय कर दिया गया। इसके लिए दोपहर 12 बजे से दो बजे के लिए ब्लॉक लिया गया। इसके चलते करीब एक दर्ज गाड़ियां सेंट्रल रेलवे स्टेशन और रूमा के आसपास खड़ी रही। दोपहर दो से साढ़े तीन बजे तक स्टेशनों पर खड़ी ट्रेनों को पहले गुजारा गया, इसके बाद साढ़े तीन से चार बजे के बीच आटोमेटिक सिग्नल प्रणाली की टेस्टिंग की गई। प्रणाली पूरी सफलता से काम कर रही है। 1पहले एक, अब चार ट्रेनें : चंदारी से चकेरी के बीच छह किमी के फासले पर पहले एक ही ट्रेन दौड़ती थी। नई व्यवस्था में 1.5-1.5 किमी के अंतराल पर चार ब्लॉक बनाए गए हैं। अब एक ही समय में इन ब्लॉक के बीच एक साथ चार गाड़ियां दौड़ सकेंगी। इस रेल खंड में एक गाड़ी गुजरने में करीब 7 मिनट का समय लगता है। पुरानी व्यवस्था में चार ट्रेनों को गुजारने में 28 मिनट खर्च होते थे जबकि नई व्यवस्था में अधिकतम दस मिनट के अंतराल में ही चार ट्रेनें गुजर जाएंगी। 1देश का सबसे लंबा आटोमेटिक ट्रैक : गाजियाबाद से चकेरी तक आटोमेटिक सिग्नल ट्रैक की लंबाई अब बढ़कर 476 किमी हो गई है। यह आटोमेटिक सिग्नलिंग में देश का सबसे लंबा ट्रैक है। इस काम में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पिछले दिनों इस योजना में शामिल सीनियर डिविजनल इंजीनियर सिग्नल एंड टेलीकॉम अनिल कुमार सिंह को जीएम अवार्ड से सम्मानित किया गया था।
  
Today (06:52)  रेलवे स्टेशन पर इसी सप्ताह मिलेगी एस्केलेटर सुविधा (epaper.jagran.com)
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New Facilities/TechnologyNR/Northern  -  

News Entry# 334910     
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Apr 23 2018 (06:52)
Station Tag: Jammu Tawi/JAT added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Jammu Tawi/JAT  
 
 
सहूलियत
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जागरण संवाददाता, जम्मू : सुविधाओं की एक और कदम बढ़ाते हुए जम्मू रेलवे स्टेशन पर रेल यात्री अब एस्केलेटर की मदद से सीधे प्लेटफार्म तक पहुंच सकेंगे। इस सप्ताह एस्केलेटर को यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा। पिछले कई दिन से इसका ट्रायल किया जा रहा है। कुछ दिन पूर्व फिरोजपुर के डिवीजनल रेलवे मैनेजर (डीआरएम) ने रेलवे अधिकारियों को एक सप्ताह तक एस्केलेटर का ट्रायल पूरा कर उसे सुचारु करने के निर्देश दिए थे। 1रेलवे ने यात्रियों की के लिए डेढ़ वर्ष पूर्व जम्मू रेलवे स्टेशन
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में एस्केलेटर (स्वयं संचालित होने वाली सीढ़ियां) लगाने का काम शुरू किया था। रेलवे स्टेशन के वीआइपी गेट से प्लेटफार्म तक एस्केलेटर की मदद से रेलयात्री सीधे प्लेटफार्म पर अपने सामान के साथ पहुंच सकेंगे। 1रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर लगाने का काम कंट्रक्शन ¨वग के अधिकारियों ने किया था। पहले यह काम एक निजी कंपनी को सौंपा गया था। बाद में कंपनी ने अपने हाथ खींच लिए थे। रेलवे स्टेशन में आने वाले यात्री अब वीआइपी गेट से एस्केलेटर की मदद से सीधे प्लेटफार्म नंबर एक तक पहुंच सकेंगे। 1रेलवे प्रबंधन ने प्लेटफार्म नंबर एक से दो तथा तीन को जोड़ने के लिए एस्केलेटर लगाने का काम शुरू कर दिया है। यह एस्केलेटर प्लेटफार्म को जोड़ने वाले फुट ओवर ब्रिज के साथ लगाए जा रहे हैं। एस्केलेटर के खुलने से यात्रियों को काफी सुविधा होगी।’>>प्लेटफार्म एक और दो को जोड़ने के लिए भी एस्केलेटर का काम शुरू1’>>कई दिनों से चल रहा ट्रायल सफल यात्रियों के लिए जल्द खुलेगाकई डेड लाइन हुई पार1यहां एस्केलेटर शुरू करने के लिए तीन डेड लाइन पार हो चुकी है। इस वर्ष एक मार्च को एस्लेकेटर के काम शुरू करने का लक्ष्य रख गया था। डीआरएम विवेक कुमार ने दावा किया है कि एस्केलेटर लगाने का काम पूरा हो जाएगा। ट्रायल किया जा रहा है। ट्रायल सफल है। सब कुछ ठीक रहा तो कुछ हीं दिनों में जम्मू रेलवे स्टेशन पर एस्केलेटर काम करना शुरू कर देगा। 1कोर्ट ने दिया था निर्देश 1रेलवे स्टेशन में यात्रियों विशेषकर बच्चे, बुजुर्ग तथा दिव्यांगों को राहत देने के लिए एक समाज सेवी संगठन (एनजीओ) ने जनहित याचिका दायर (पीआइएल) की थी। 23 नवंबर 2016 को कोर्ट ने रेलवे प्रबंधन को निर्देश देकर जम्मू रेलवे स्टेशन में आठ एस्केलेटर लगाने को कहा था। चार एस्केलेटर पार्किग स्थल से वीआइपी गेट तक आएंगे और इसके बाद चार अन्य वीआइपी गेट से प्लेटफार्म तक जाएंगे।
  
Today (06:49)  अगरतला-देवघर एक्सप्रेस बांका तक पैसेंजर के रफ्तार से ही चलेगी (m.livehindustan.com)
News Entry# 334909     
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Apr 23 2018 (06:49)
Train Tag: Agartala - Deoghar Weekly Express/15626 added by ❤️SUPERMAN❤️™^~/1480955
 
 
हिन्दुस्तान टीम,भागलपुर
Updated: Mon, 23 Apr 2018 01:36 AM IST
अ+ अ-
भागलपुर-दुमका और भागलपुर-देवघर रेलखंड पर एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या बढ़ाने के लिए निम्न दर्जे की पटरी बदलने पर रेलवे बोर्ड से स्वीकृति मिल चुकी है। पूर्व रेलवे ने इसके लिए बकायदा ठेका भी कर दिया लेकिन जोन से पटरी की आपूर्ति नहीं होने के कारण पिछले एक साल से यह काम रुका
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हुआ है।
अगले कुछ महीनों में इन दोनों रेलखंडों पर नई ट्रेनें चलाने की तैयारी है। लिहाजा निम्न दर्जे की पटरी पर एक्सप्रेस ट्रेनें भी पैसेंजर के ही चाल से चलेगी। हाल में अगरतला से देवघर भाया भागलपुर और बांका साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन चलाने के लिए समय सारिणी तय की गई है। पूर्व रेलवे ने जिस समय सारिणी के साथ सहमति पत्र दिया है उसमें इसे भागलपुर से बांका के बीच की रनिंग टाइम अपेक्षाकृत अधिक रखी गई है।
वजह यह कि बाराहाट से बांका के बीच कुल 14 किमी तक निम्न दर्जे की पटरी है जिसपर 30 की प्रतिबंधित रफ्तार है। अभी इन जगहों पर प्रति मीटर 42 किलोग्राम वाली पटरी बिछी है। इसे बदलकर 60 किमी. प्रति मीटर वाली पटरी बिछायी जानी है।
रेल पटरियां अभी उपलब्ध नहीं
रेलवे ट्रैक को बनाने या बदलने की योजना में रेलवे की जो ठेका प्रक्रिया है उसके तहत सुरक्षा कारणों से स्लीपर और पटरी जैसी सामग्री खुद रेलवे मुहैया कराता है। भागलपुर से मंदारहिल और बाराहाट से बांका के बीच पहले से बिछी निम्न दर्जे की पटरी को बदलने के लिए सीमेंट के स्लीपर तक गिरा दिए गए हैं। रेल पटरियां अभी उपलब्ध नहीं है। बताया गया कि पटरियों की कमी के कारण ही इतने दिनों से यह काम अटका है।
  
Today (06:48)  रथयात्र के लिए पूर्वतट रेलवे शुरू करेगा मेमू सेवा: महाप्रबंधक (epaper.jagran.com)
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IR AffairsECoR/East Coast  -  

News Entry# 334908     
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Apr 23 2018 (06:48)
Station Tag: Bhubaneswar/BBS added by Aaditya^~/1421836
Stations:  Bhubaneswar/BBS  
 
 
जासं, भुवनेश्वर : पूर्वतट रेलवे महाप्रबंधक उमेश सिंह ने घोषणा की है कि ऐतिहासिक रथयात्र से पहले पूर्वतट रेलवे ब्रrापुर-खुर्दारोड सेक्शन के बीच मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन की सेवा शुरू हो जायेगी। खुर्दा रोड में इसके रख-रखाव के लिए मेमु सेड का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। बताया कि भुवनेश्वर स्थित रेल सदन में पत्रकारों को वर्ष 2017-18 के दौरान पूर्वतट रेलवे की उपलब्धियों के बारे में संबोधित कर रहे थे। 1उन्होंने इस अवसर पर पूर्वतट रेलवे के क्षेत्रधिकार में वर्ष के दौरान हुए आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के बारे में विस्तृत जानकारी दिए। उन्होंने बताया कि इस दौरान पूर्वतट रेलवे में 11.30 किमी. नई लाइन, 204 किमी दोहरीकरण, 324 किमी विद्युतीकरण, 28 किमी आटोमेटिक सिग्नलिंग सहित इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग की सात परियोजना, कटक में ग्रिड पृथक्करण सहित 66 सीमित उंचाई वाले उपमार्ग का निर्माण किया गया। पूर्व तट रेलवे ने इस वर्ष नवाचार (इनोवेशन) के...
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क्षेत्र में भी कई नये कार्य किये हैं। इनमें जखपुरा रेलवे स्टेशन में प्री-फैब्रिकेटेड 18 इकाई वाले आवासों का निर्माण प्रमुख है। यात्री सुविधा के कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए सिंह ने बताया कि इस साल पश्चिमी ओडिशा होते हुए भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-कृष्णराजपुरम हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरूआत की गई। दो पैसेंजर ट्रेनों को नयागड़ तक, जम्मू तवी-राउरकेला एक्सप्रेस का संबलपुर तक विस्तार किया गया। 6 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और तीन पैसेंजर ट्रेनों में नये कोच प्रदान किये गये, 5 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट बनाया गया व 43 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। मानवरहित समपारों पर दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए पूर्वतट रेलवे के खुर्दारोड मंडल के सभी मानव रहित समपारों को हटा दिया गया है। इसके अलावा जुलाई-2018 तक संबलपुर और वाल्टियर मंडल के भी सभी मानव रहित समपारों को हटाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 59 स्टेशनों में निश्शुल्क वाइफाई की सुविधा प्रदान की गयी। भुवनेश्वर, खुर्दारोड, विशाखापटनम व संबलपुर स्टेशन में आटोमेटिक सेनेटरी नैपकीप वें¨डग मशीन लगाए गए। पुरी में बैटरी ऑपरेटेड कार प्रदान किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी स्टेशनों की कंक्रीट ढलाई की योजना है।जासं, भुवनेश्वर : पूर्वतट रेलवे महाप्रबंधक उमेश सिंह ने घोषणा की है कि ऐतिहासिक रथयात्र से पहले पूर्वतट रेलवे ब्रrापुर-खुर्दारोड सेक्शन के बीच मेन लाइन इलेक्ट्रिकल मल्टीपल यूनिट (मेमू) ट्रेन की सेवा शुरू हो जायेगी। खुर्दा रोड में इसके रख-रखाव के लिए मेमु सेड का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है। बताया कि भुवनेश्वर स्थित रेल सदन में पत्रकारों को वर्ष 2017-18 के दौरान पूर्वतट रेलवे की उपलब्धियों के बारे में संबोधित कर रहे थे। 1उन्होंने इस अवसर पर पूर्वतट रेलवे के क्षेत्रधिकार में वर्ष के दौरान हुए आधारभूत संरचनाओं के विस्तार के बारे में विस्तृत जानकारी दिए। उन्होंने बताया कि इस दौरान पूर्वतट रेलवे में 11.30 किमी. नई लाइन, 204 किमी दोहरीकरण, 324 किमी विद्युतीकरण, 28 किमी आटोमेटिक सिग्नलिंग सहित इंटरमीडिएट ब्लॉक सिग्नलिंग की सात परियोजना, कटक में ग्रिड पृथक्करण सहित 66 सीमित उंचाई वाले उपमार्ग का निर्माण किया गया। पूर्व तट रेलवे ने इस वर्ष नवाचार (इनोवेशन) के क्षेत्र में भी कई नये कार्य किये हैं। इनमें जखपुरा रेलवे स्टेशन में प्री-फैब्रिकेटेड 18 इकाई वाले आवासों का निर्माण प्रमुख है। यात्री सुविधा के कार्यो के बारे में जानकारी देते हुए सिंह ने बताया कि इस साल पश्चिमी ओडिशा होते हुए भुवनेश्वर-नई दिल्ली राजधानी एक्सप्रेस और भुवनेश्वर-कृष्णराजपुरम हमसफर एक्सप्रेस ट्रेन की शुरूआत की गई। दो पैसेंजर ट्रेनों को नयागड़ तक, जम्मू तवी-राउरकेला एक्सप्रेस का संबलपुर तक विस्तार किया गया। 6 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें और तीन पैसेंजर ट्रेनों में नये कोच प्रदान किये गये, 5 मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों को सुपरफास्ट बनाया गया व 43 ट्रेनों की गति बढ़ाई गई। मानवरहित समपारों पर दुर्घटना को ध्यान में रखते हुए पूर्वतट रेलवे के खुर्दारोड मंडल के सभी मानव रहित समपारों को हटा दिया गया है। इसके अलावा जुलाई-2018 तक संबलपुर और वाल्टियर मंडल के भी सभी मानव रहित समपारों को हटाने का लक्ष्य है। इसके अलावा 59 स्टेशनों में निश्शुल्क वाइफाई की सुविधा प्रदान की गयी। भुवनेश्वर, खुर्दारोड, विशाखापटनम व संबलपुर स्टेशन में आटोमेटिक सेनेटरी नैपकीप वें¨डग मशीन लगाए गए। पुरी में बैटरी ऑपरेटेड कार प्रदान किया गया। यात्रियों की सुविधा के लिए सभी स्टेशनों की कंक्रीट ढलाई की योजना है।
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