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Sun May 27 15:02:33 IST
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भागलपुर। भागलपुर से सहरसा जा रही ट्रेन संख्या 05501 अप स्पेशल शनिवार को अकबरनगर के पास पलटने होने से बाल-बाल बच गई। लाल सिग्नल होने के बाद भी चालक ने ट्रैक पर ट्रेन दौड़ा दी। गाड़ी ओवरशूट होने के बाद ट्रेन को इमरजेंसी ब्रेक लगाकर रोका गया। घटना की सूचना मिलते ही मालदा मंडल में हड़कंप मच गया। ट्रेन
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में सवार यात्री शोर मचाने लगे। सूचना मिलते ही मौके पर भागलपुर से अधिकारी पहुंचे। वरीय मंडल चिकित्सा पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने ट्रेन के चालक एसएस राय और गार्ड सुशील कुमार की मेडिकल जांच की। दोनों का ब्लड सैंपल लिया गया। रिपोर्ट एक सप्ताह बाद आएगी। बाद में स्पेशल ट्रेन को साहिबंगज इंटरसिटी के चालक और गार्र सहरसा लेकर रवाना हुए। मालदा मंडल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं।
अकबरनगर-सुल्तानागंज स्टेशन के बीच अप लाइन में पटरी की मरम्मत के कार्य के लिए मेगा ब्लॉक लिया गया था। इसलिए अप लाइन से गुजरने वाली ट्रेनों का सिग्नल लाल कर दिया गया था। इस बीच भागलपुर-सहरसा स्पेशल ट्रेन दोपहर 3.30 बजे भागलपुर से खुली। ट्रेन का ठहराव सीधा ठहराव सुल्तानगंज है। इस कारण ट्रेन 100 की रफ्तार में चल रही थी। अकबरनगर स्टेशन पर सिग्नल लाल था। लेकिन ड्राइवर लाल सिग्नल नहीं देख सका और सिग्नल पार कर गया। तेज रफ्तार से ट्रेन को गुजरते देख स्टेशनकर्मियों में अफरा-तफरी मच गई। स्टार्टर में हरा सिग्नल नहीं रहने के कारण प्वाइंट को नहीं जोड़ा गया था। लेकिन चालक को जब यह ज्ञात हुआ तो उसने इमरजेंसी ब्रेक लगा दिया। हालांकि ट्रेन को प्वाइंट से दस गज पहले रोक लिया गया। यदि ट्रेन नहीं रुकती तो बड़ा हादसा हो सकता था। वहीं घटना के बाद इस रेल मार्ग पर दो घंटे तक ट्रेनों का परिचालन ठप रहा।अकबरनगर के एएसएम देवेश कुमार ने घटना की जानकारी वरीय अधिकारी को दी।
---------------------------- कोट सिग्नल लाल होने के बावजूद ट्रेन आगे बढ़ गई। मेगा ब्लॉक लेकर पटरी की मरम्मत का काम चल रहा था। सारे प्वाइंट खुले हुए थे। ट्रेन ओवरशूट हो गई। हालांकि चालक ने इमरजेंसी ब्रेक लगाकर ट्रेन को रोक दिया। घटना की रिपोर्ट तैयार कर मालदा मंडल भेजी जाएगी।
-ओंकार प्रसाद, एसएस, भागलपुर।

  
ओवर ड्यूटी का नतीजा तो नहीं?
  
Today (14:20) गर्मी में जिंदगी दाव पर लगा सफर कर रहे यात्री (m.jagran.com)
Commentary/Human Interest
ER/Eastern
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News Entry# 338506  Blog Entry# 3457609   
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May 27 2018 (14:21)
Station Tag: Bhagalpur Junction/BGP added by amishkumar~/1702584

May 27 2018 (14:21)
Train Tag: Sahibganj - Danapur InterCity Express/13235 added by amishkumar~/1702584

May 27 2018 (14:21)
Train Tag: Vikramshila Express/12367 added by amishkumar~/1702584
भागलपुर। उमस भरी गर्मी में यात्री ट्रेनों में अपनी जिंदगी दाव पर लगाकर सफर कर रहे हैं। स्लीपर और जनरल कोच में यात्री ठसाठस भीड़ के बीच बच्चों संग जैसे-तैसे यात्रा करने को मजबूर हैं। यात्रियों की बढ़ती भीड़ को कम करने के लिए रेलवे के पास कोई खास प्लान है।
उमस भरी गर्मी में भी ट्रेनों में यात्रियों की भीड़ कम नहीं हो रही है। गर्मी के कारण यात्रियों को न पंखे की हवा मिल रही और न ही खिड़कियों से। जेनरल और स्लीपर बोगियों में यात्री जैसे-तैसे सफर करने को मजबूर हैं। गर्मी से बच्चे काफी परेशान हो रहे हैं। उमस भरी गर्मी और बेतहाशा भीड़ के कारण 25 मई को इलाहाबाद के पास ब्रह्मापुत्र मेल में दम
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घुटन से एक बच्ची की मौत हो गई थी। इस घटना के बाद रेलवे में बवाल मचा हुआ है। इसके बाद भी रेलवे सतर्क नहीं है। कॉलेज और स्कूलों में गर्मी की छुट्टी होने के बाद भागलपुर से दिल्ली, मुंबई, यूपी, हावड़ा, गुवाहाटी की ओर जाने वाली ट्रेनें पूरी हाउसफुल होकर गुजर रही हैं। ऐसे में यात्रियों को बोगी में खड़े होकर यात्रा करनी पड़ रही है। शनिवार को जागरण टीम ने जंक्शन से गुजरने वाले ट्रेनों में यात्रियों के दर्द को जानने की कोशिश की।
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विक्रमशिला ट्रेन में बच्ची के साथ खड़ा होकर दिल्ली गई महिला
सुबह 10.45 बजे थे। भागलपुर से आनंद विहार टर्मिनल जाने के लिए विक्रमशिला एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या एक पर खड़ी थी। जेनरल कोच में सवार होने के लिए लोग कतारबद्ध थे। रेलवे सुरक्षा बल के जवान सभी यात्रियों को बोगी में प्रवेश करा रहे थे। तब तक 11 बज गया था। बोगी के अंदर बांका निवासी महिला अपने चार महीने के बच्ची के साथ बड़ी मुश्किल से प्रवेश की। वह किसी तरह खड़ा होने की कोशिश कर रही थी। कैरेज स्टैंड पर यात्री बैठे हुए थे। महिला ने बताया कि उसका पति दिल्ली में रोजगार करता है। ट्रेन में खड़ा होने की जगह नही है। सौ सीट वाले कोच में ढाई सौ से ज्यादा यात्री सवार थे। गर्मी के कारण कोच में हवा भी नहीं आ रही थी।
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साहिबगंज इंटरसिटी में भी रही बेतहाशा भीड़
विक्रमशिला एक्सप्रेस के गुजरने के बाद 11.28 बजे दानापुर से साहिबगंज जाने वाली इंटरसिटी भी प्लेटफार्म संख्या एक पर पहुंची। ट्रेन के कोच में बेतहाशा भीड़ थी। गर्मी के कारण बच्चे काफी परेशान दिखे। बुजुर्ग यात्री भी पसीने से सराबोर थे। सीट के अलावा यात्री फर्श से लेकर शौचालय तक में खड़े होकर यात्रा करने को मजबूर थे। क्षमता से अधिक यात्रियों के बैठने के कारण कोच ओवरवेट था। भीड़ के कारण दर्जनों यात्री कोच में नहीं घुस सके। इस ट्रेन के जनरल कोच में पहले से ही अधिक भीड़ थी।
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यात्रियों से दबकर बच्चे संग महिला ने किया सफर
शाम 4.31 बजे जमालपुर-मालदा इंटरसिटी एक्सप्रेस जंक्शन पर पहुंची। ट्रेन में सवार होने के लिए अफरा-तफरी मच गई। कोई इमरजेंसी खिड़की से बोगी में प्रवेश किया तो कई प्लेटफॉर्म के गलत दिशा में जाकर जनरल कोच में सवार हुआ। स्थिति यह हो गई कि कई यात्रियों को पायदान में लटक कर सफर करना पड़ा। साधारण डिब्बे में दोगुना से ज्यादा यात्री सवार हुए। ऐसे में यात्रियों को काफी परेशानियां हुई। महिलाओं ने बच्चे के साथ यात्रियों के बीच दबकर सफर पूरा किया।
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एक भी नहीं चल रही स्पेशल
गर्मी की छुट्टी में यात्रियों की भीड़ को देखते हुए जहां दूसरे जोन और मंडल से दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेनों का परिचालन किया जा रहा है। वहीं, भागलपुर से एक भी दिल्ली के लिए स्पेशल ट्रेन नहीं चलाई जा रही है। मालदा मंडल और पश्चिम रेलवे की ओर से सप्ताह में एक दिन हरिद्वार और गांधीधाम-भागलपुर के बीच स्पेशल ट्रेन का परिचालन हो रहा है। लेकिन इससे दिल्ली की ओर जाने वाले यात्रियों को सहूलियत नहीं हो रही है।
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जनरल कोच बढ़ाने से होगी सहूलियत
भीड़ से निपटने के लिए रेलवे को लंबी दूरी की गाड़ियों में जनरल कोचों की संख्या बढ़ाने की जरूरत है। कई बार डीआरएम से लेकर जीएम तक से जनरल कोच की संख्या बढ़ाने की मांग की गई, लेकिन बोगियों की संख्या नहीं बढ़ सकी। नतीजतन एक कोच में दोगुने से ज्यादा यात्री सफर करने को मजबूर हैं।
  
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पटना [जेएनएन]। भारतीय रेलवे ने आरक्षण टिकट लेने के लिए भरी जाने वाली पर्ची में मांगी गई जानकारी में बड़ा बदलाव किया है। यात्रियों को नई आरक्षण पर्ची में अब अपना आधार नंबर टिकट लेने के पहले ही लिखना होगा। इसके लिए पर्ची में अलग से एक कालम की व्यवस्था की गई है। पहली बार गरीब रथ अथवा दूरंतो
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एक्सप्रेस की स्लीपर श्रेणी में यात्रा करने के लिए आरक्षण टिकट लेते समय ही पर्ची पर उन्हें कॉलम में भरना होगा कि वे बेड रॉल लेना चाहते हैं या नहीं।
नई पर्ची में पुरानी पर्ची की तरह ही चिकित्सकों को बाक्स में टिक करना होगा ताकि आकस्मिक स्थिति में उनकी मदद ली जा सके। नई आरक्षण पर्ची में गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से कॉलम दिए गए हैं। उस कालम में टिक करने के बाद ही उन्हें शायिका आरक्षण में सुविधा दी जाएगी। इतना ही नहीं शायिका आरक्षण में सुविधा लेने की स्थिति में उन्हें पंजीकृत चिकित्सक का प्रमाण पत्र भी लगाना होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को रियायत की सुविधा चाहिए या नहीं, यह स्पष्ट करना होगा। रियायत 50 फीसद अथवा 100 फीसद परित्याग करना चाहते हैं, इसका भी विवरण देना होगा। अगर आप अपने टिकट का अपग्रेडेशन चाहते हैं तो इसके लिए आपको कॉलम में टिक करना होगा। अन्यथा किराये का भुगतान करने वाले यात्रियों को स्वत: अपग्रेड कर दिया जाएगा।
जिस ट्रेन में यात्री आरक्षण टिकट लेना चाहते हैं और बर्थ उपलब्ध नहीं होने पर वे दूसरे ट्रेन में आरक्षित टिकट चाहते हैं तो उन्हें इसके लिए कॉलम में विकल्प को टिक करना होगा। छोटे बच्चों के लिए अगर कोई यात्री पूरी बर्थ लेना चाहता है तो कालम में टिक करना होगा। इसके लिए पूरे किराये का भुगतान भी करना होगा।
एसएमएस के जरिये पीएनआर की अद्यतन स्थिति की जानकारी के लिए यात्रियों को अपना मोबाइल नंबर भी आरक्षण पर्ची पर दर्ज करना होगा। राजधानी, शताब्दी व दूरंतो एक्सप्रेस में भोजन लेने के लिए 'हां' या 'ना' कॉलम भरना होगा। इसके लिए अलग से कॉलम बनाया गया है। नए नियम में काउंटर क्लर्क को भी अधिक काम दिया गया है। अब उन्हें हर पर्ची पर उस यात्री का पीएनआर व बर्थ नंबर भरना होगा। यात्री से कितनी राशि ली गई है इसका भी जिक्र करना होगा।
  
पलपल संवाददाता, जबलपुर. स्वच्छ भारत मिशन के तहत अब भारतीय रेलवे ने इस दिशा में अपनी भागीदारी का दायरा बनाने का निर्णय लिया है, इसके तहत पिछले दिनों रेलवे बोर्ड ने एक नई शौचलय नीति को मंजूरी दी है, इस नीति के तहत अब देश के 8500 रेलवे स्टेशनों के शौचालयों का उपयोग आसपास के लोग जिनमें झुग्गी-झोपड़़ीवासी हैं, भी कर सकेंगे. साथ ही इन शौचालयों में सेनेटरी नेपकिन व कंडोम भी उपलब्ध होंगे, जिसे किफायती दामों पर उपलब्ध कराया जाएगा. इस नीति के तहत पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों के लगभग 2 सौ छोटे, बड़े स्टेशन शामिल किये जाएंगे, जहां पर इस नीति के तहत नये शौचालयों का निर्माण किया जाएगा.
बताया जाता है कि रेलवे बोर्ड
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ने जो शौचालय नीति को मंजूरी दी है, जिसके तहत देश के 8500 स्टेशनों पर सुविधा केंद्रों का निर्माण किया जाएगा, जिसके लिए फंड सीएसआर से उपलब्ध कराया जाएगा. साथ ही रेलवे स्टेशन के अंदर या बाहर बने शौचालयों में सभी लोगों चाहे वह यात्री हों या बाहरी आसपास के नागरिक सभी को किफायती दरों पर कंडोम और सेनेटरी नेपकीन मुहैया कराया जाएगा. शौचालय नीति में कहा गया है कि स्टेशन परिसर परिसर के अंदर तथा शौचालयों की कमी के कारण आसपास के क्षेत्रों में खासतौर पर झुग्गीवासी और गांवों के लोग अक्सर खुले में शौच करते हैं और रेल पटरियों के किनारे के स्थान का ज्यादा ही उपयोग करते हैं.
इससे रेल ट्रेक के अलावा आसपास भी गंदगी फैलती है. बताया जाता ह कि नई नीति के अनुसार इन समस्याओं से निपटने के लिए रेलवे स्टेशन परिसरों का इस्तेमाल महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय वाला सुविधा केंद्र बनाने में किया जाएगा. नीति के तहत प्रत्येक स्टेशन में ऐसे दो केंद्र होंगे. पहला स्टेशन के अंदर और दूसरा स्टेशन के बाहर, जिससे इसका इस्तेमाल स्टेशन आने वाले और आस-पास रहने वाले दोनों प्रकार के लोग कर सकें. इसके अलावा प्रत्येक केंद्र में महिलाए पुरुष और दिव्यांगों के लिए अलग.अलग शौचालय होंगे.
पमरे के लगभग दो सौ स्टेशनों में बनेंगे नई नीति के मुताबिक शौचालय
रेल सूत्रों के मुताबिक इस नीति के तहत देश भर के स्टेशन के अंदर व बाहर 8500 शौचालयों का निर्माण किया जाएगा, जिसमें पश्चिम मध्य रेलवे के जबलपुर, भोपाल व कोटा मंडलों के 200 से ज्यादा स्टेशनों पर इस योजना के तहत टायलेट का निर्माण होगा. जिसमें छोटे-छोटे स्टेशनों पर खास ध्यान दिया जाएगा, जहां पर स्वच्छ व आधुनिक टायलेट की काफी कमी है.

  
यदि टीसी किसी बिना टिकट यात्री को पकड़ता है,तो क्या वह ये बहाना बना कि "हम तो टट्टी करने आये थे"😂😂😂
  
Today (06:33) जबलपुर : पटरी से उतरकर ट्रेन के 3 कोच एक-दूसरे पर चढ़े, मची अफरातफरी! (mnaidunia.jagran.com)
IR Affairs
WCR/West Central
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News Entry# 338470  Blog Entry# 3456504   
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जबलपुर। गोसलपुर के पास ट्रेन के 3 कोच पटरी से उतरकर एक दूसरे पर चढ़ गए। इसके बाद यात्रियों में अफरातफरी मच गई। हालांकि रेल प्रबंधन ने ताबड़तोड़ एक्शन लेते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन किया और सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के मुताबिक ट्रेन के तीन कोच पटरी से उतरकर एक दूसरे पर चढ़ गए। रेलवे अधिकारियों और कर्मचारियों की टीम ने तेजी से बचाव कार्य किया और बारी-बारी से यात्रियों को उतारा। दरअसल, येे एक मॉक ड्रिल थी जो कि गोसलपुर के पास की गई। एनडीआरएफ बनारस की टीम ने जबलपुर रेल मंडल के साथ गोसलपुर में यह मॉक ड्रिल की। इसमें रेलवे के 10 विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों ने बचाव कार्य में भाग लिया। देर रात 3.40 से शुरू
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हुई यह मॉक ड्रिल शनिवार सुबह 5 बजे तक चली।

  
WCR conducts mock drills very often. That's good!

  
which train sir
Posted thru RailCal

  
It Was Only Mock Drill
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