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Fri Aug 17 23:03:29 IST
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Today (22:25) माथेरान में बढ़ेंगे विदेशी सैलानी, योजना तैयार (navbharattimes.indiatimes.com)
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मुंबई : मध्य रेलवे मुंबई से सटे हिल स्टेशन नेरल-माथेरान पर विदेशी सैलानियों को आकर्षित करने की योजना बना रही है। इस योजना के तहत नेरल से माथेरान के बीच हर एक स्टेशन पर सैलानियों को लुभाने के लिए केंद्र बनाए जाएंगे। इस काम के लिए मध्य रेलवे ने जेजे स्कूल ऑफ आर्ट को संकल्पना तैयार करने को कहा है।
तैयार हुई रिपोर्ट
गौरतलब है कि नेरल-माथेरान टॉय ट्रेन को मध्य रेलवे विश्व धरोहर के रूप में शामिल कराने का प्रयास कर रही है। इसी योजना को आगे बढ़ाने के लिए जेजे स्कूल
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आर्ट ने कुछ समय पहले मध्य रेलवे को एक रिपोर्ट सौंपी है। मध्य रेलवे के एक अधिकारी ने बताया, 'हमने जेजे स्कूल के साथ कुछ प्रोजेक्ट्स किए हैं और उन्हें पता है कि हम क्या चाहते हैं। जेजे स्कूल एक सरकारी संस्थान भी है जिसे चुनने के लिए किसी टेंडरिंग प्रक्रिया से नहीं गुजरना पड़ा।'
इतिहास दर्शाया जाएगा
यहां बनाई जाने वाली हेरिटेज गैलरी में भारत में टॉय ट्रेन के इतिहास को बताया जाएगा। इसमें दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, निलगिरी माउंटेन रेलवे और कालका-शिमला रेलवे का जिक्र होगा। इसके अलावा गैलरी के माध्यम से महाराष्ट्र के इतिहास को दर्शाया जाएगा। इस स्टडी के लिए 38 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इसके पहले चरण में दिसंबर 2018 तक अमल लॉज स्टेशन पर कलात्मक कार्य पूरा किया जाएगा। रेलवे द्वारा इस काम के लिए एक कमिटि बनाई जाएगी जिसमें जेजे स्कूल, मध्य रेलवे, आईआरसीटीसी और एमटीडीसी के लोग होंगे।
होंगे खानपान के स्टॉल
नेरल से माथेरान के बीच पिछले कई समय से स्टेशनों पर कोई नया काम नहीं किया गया है। इसके कारण भी इन स्टेशनों का हेरिटेज लुक बरकरार है। अब यहां हेरिटेज गैलरी, कियॉस्क और खान-पान के स्टॉल बना दिए जाएं, तो सैलानियों को आकर्षित करने में मदद मिलेगी। स्टेशन के प्रवेश द्वारा पर कलात्मक कृति लगाई जाएगी।
सेल्फी पॉइंट्स होंगे
सेल्फी युग में आजकल लोग तस्वीर लेने के लिए कहीं भी पहुंच जाते हैं। यदि नेरल-माथेरान जैसी सौंदर्य कृति पर लोगों के लिए सेल्फी पॉइंट्स मिले तो लोगों को आनंद आएगा। इन सेल्फी पॉइंट्स या गैलरी से लोग केवल खुद की तस्वीर ही नहीं, बारिश के दौरान झरनों की तस्वीरें भी ले सकेंगे। स्टेशन परिसर के आसपास कोई आकर्षण केंद्र नहीं होंगे। स्टेशन परिसर में ही कलात्मक गैलरी होगी और खानपान की व्यवस्था होगी।
'हम सबसे पहले अमल लॉज पर काम पूरा करेंगे। यह माथेरान जाने के लिए प्रवेश द्वार भी है। सड़क मार्ग भी यहीं खत्म होता है। हम चाहते हैं कि भारत के किसी भी टॉय ट्रेन वाले रूट से बेहतर नेरल-माथेरान रूट का अनुभव हो।'
-एस.के.जैन, डीआरएम (मुंबई डिविजन)
  
अमृतसर यार्ड में मेंटिनेंस वर्क के चलते दिल्ली-अमृतसर ट्रेन रूट 16 से 22 अगस्त तक प्रभावित रहेगा। इस दौरान कुछ ट्रेनों के रूट बदले गए हैं, कुछ के रूट छोटे कर दिए गए हैं तो कुछ को विभिन्न स्टेशनों पर अतिरिक्त ठहराव प्रदान किए गए हैं।
उत्तर रेलवे के अनुसार, 19225 भटिंडा-जम्मूतवी एक्सप्रेस, 18101 टाटानगर-जम्मूतवी मुरी एक्सप्रेस, 22429 दिल्ली जंक्शन-पठानकोट सुपरफास्ट एक्सप्रेस, 19226 जम्मूतवी भटिंडा एक्सप्रेस 18102 जम्मूतवी-टाटानगर मुरी एक्सप्रेस और 22430 पठानकोट-दिल्ली जंक्शन सुपरफास्ट एक्सप्रेस पठानकोट-जालंधर कैंट के रास्ते चलेंगी। वहीं 15209 सहरसा-अमृतसर, 15211 दरभंगा-अमृतसर जननायक एक्सप्रेस, 15212 अमृतसर-सहरसा जननायक एक्सप्रेस, 15210 अमृतसर दरभंगा जनसेवा एक्सप्रेस 30 अगस्त तक जालंधर सिटी तक ही चलेंगी।
  
Today (22:19) लखनऊः चौक से रोज 35 हजार लोग करेंगे मेट्रो सफर (navbharattimes.indiatimes.com)
IR Affairs
LMRC/Lucknow Metro
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News Entry# 351450  Blog Entry# 3723337   
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लखनऊ मेट्रो (फाइल फोटो)
लखनऊ
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में चौक मेट्रो स्टेशन शहर का सबसे व्यस्ततम स्टेशन होगा। पुराने शहर की आधी आबादी के साथ ही ग्रामीण इलाकों से आने वाले करीब 35 हजार यात्री रोज यहां से मेट्रो में सफर करेंगे। चौक के बाद पांडेयगंज, अमीनाबाद और चारबाग मेट्रो स्टेशन पर भी बाकी स्टेशनों की तुलना में यात्रियों का आवागमन अधिक रहेगा। एलएमआरसी के सर्वे में यह बात सामने आई है। पूरी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
एलएमआरसी
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के विशेषज्ञों ने ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर का संशोधित डीपीआर तैयार करते समय चारबाग से बसंत कुंज तक के सभी 12 मेट्रो स्टेशनों के आसपास की आबादी का अध्ययन किया। चौक और वहां से अन्य इलाकों में आने-जाने वाले वाहनों के आधार पर यात्रियों का तुलनात्मक अध्ययन किया गया। पता चला है कि ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के चौक इलाके से सर्वाधिक लोगों की आवाजाही है।
पढ़ेंः लखनऊ मेट्रो में जल्द होंगी भर्तियां, 572 पद खाली
चौक मेट्रो स्टेशन बनने के बाद चौक, बाजारखाला, सआदतगंज, डालीगंज, यहियागंज व नादान महल रोड के आसपास रहने वाले यहीं से मेट्रो पकड़ेंगे। इसके अलावा मलिहाबाद, माल, काकोरी व दुबग्गा के आसपास के गांवों से आने वाले ज्यादातर लोगों के लिए भी चौक मेट्रो जंक्शन पॉइंट होगा। ऐसे में अनुमान लगाया जा रहा है कि चौक मेट्रो स्टेशन पर रोज करीब 35 हजार लोगों की आवाजाही रहेगी। इसके अलावा चारबाग मेट्रो स्टेशन के जंक्शन पॉइंट होने से यहां भी यात्रियों की संख्या ज्यादा रहेगी। यहां से नॉर्थ-साउथ और ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के मेट्रो स्टेशनों के लिए लोग मेट्रो पकड़ेंगे। अनुमान है कि यहां से रोज 30 हजार लोगों की मेट्रो में आवाजाही रहेगी। इसके बाद पांडेयगंज मेट्रो स्टेशन से 28 हजार और अमीनाबाद मेट्रो स्टेशन से करीब 25 हजार लोगों के रोज यात्रा करने का अनुमान है। बालागंज मेट्रो स्टेशन से भी करीब 20 हजार लोग रोज मेट्रो का सफर करेंगे।
5 पांच साल बाद 7 लाख लोग करेंगे सफर
अगले पांच साल में करीब सात लाख लोग रोज मेट्रो ट्रेनों से सफर करेंगे। नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर पर अमौसी एयरपोर्ट से मुंशी पुलिया तक करीब 23 किमी के रूट पर रोज तीन लाख से अधिक लोगों के यात्रा करने का अनुमान है। वहीं ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर पर चारबाग से बसंतकुंज तक 11.165 किमी का मेट्रो रूट 2023 में बनकर तैयार हो जाएगा। इस रूट पर रोज चार लाख से अधिक लोग मेट्रो ट्रेन में यात्रा करेंगे। 12 मेट्रो स्टेशन वाले इस रूट पर सात अंडरग्राउंड और पांच एलिवेटेड मेट्रो स्टेशन होंगे।
भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर बढ़ाई जाएगी व्यवस्था
एलएमआरसी के सर्वे रिपोर्ट में जिन स्टेशनों से रोज सफर करने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा सामने आ रही है। वहां के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। इन मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के रुकने की व्यवस्था करने से लेकर टिकट काउंटर तक बढ़ाए जाने की तैयारी है। इसके अलावा ऑटोमेटेड मशीनें लगाकर टिकट विंडो की भीड़ को भी नियंत्रित किया जाएगा। पुराने शहर के स्टेशनों पर लॉस्ट ऐंड फाउंड सेल की भी व्यवस्था की जाएगी।
6500 करोड़ की लागत से बनेगा ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर
चारबाग से बसंत कुंज तक बनने वाले ईस्ट-वेस्ट कॉरिडोर के लिए 6500 करोड़ का प्रपोजल तैयार किया गया है। इसमें जमीन की कीमत से लेकर सभी टैक्स और कर्मचारियों का खर्च भी शामिल है। एलएमआरसी से संशोधित डीपीआर मिलने के बाद स्टेट गर्वनमेंट ने स्टडी कर केंद्र सरकार को अनुमोदन के लिए भेज दिया है। केंद्र सरकार के फाइनेंस डिपोर्टमेंट से भी डीपीआर को मंजूरी मिल गई है। एलएमआरसी के एमडी कुमार केशव का कहना है कि जल्द ही काम शुरू करवा दिया जाएगा।
  
Today (22:16) मुंबई: इस साल 100 किमी की रफ्तार से दौड़ेगी मालगाड़ी (navbharattimes.indiatimes.com)
New Facilities/Technology
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सांकेतिक तस्वीर
मुंबई
वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डीएफसी) पर पहली बार 190 किमी ट्रैक पर मालगाड़ी का ट्रायल किया गया। बीते बुधवार को यह ट्रायल अटेली (हरियाणा) से फुलेरा (राजस्थान) के बीच किया गया। इस ट्रायल के साथ ही 1,504 किमी लंबे पश्चिमी डीएफसी को पूरा करने की कवायद तेज हो गई है। इस कॉरिडोर पर 100 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से मालगाड़ी चलाने की योजना है।
बता
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दें कि वर्तमान में भारतीय रेलवे में मालगाड़ी की औसत गति 30-35 किमी प्रतिघंटा है। 9 किमी प्रभावित क्षेत्र को छोड़कर जेएनपीटी से वैतरणा तक के 102 क्षेत्र सिविल वर्क का काम शुरू हो चुका है। टाटा प्रॉजेक्ट्स द्वारा यह काम किया जा रहा है और योजना के मुताबिक सितंबर 2020 तक काम पूरा होना है। इसी वर्ष के आखिर तक वेस्टर्न डीएफसी का पहला चरण (941 किमी) अटेली-मेहसाणा तक जल्दी ही शुरू किए जाने की उम्मीद है।
रेलवे का संकटमोचक डीएफसी
वर्ष 30 अक्टूबर 2006 को कंपनीज ऐक्ट के तहत डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (डीएफसीसीआई) का गठन हुआ। वर्ष 2007-12 की पंचवर्षीय योजना में इस परियोजना को शामिल किया गया। इसके तहत वेस्टर्न डीएफसी और ईस्टर्न डीएफसी कुल 3,360 किमी लंबा फ्रेट कॉरिडोर (मालगाड़ियों के लिए अलग से ट्रैक) प्रस्तावित हुआ। ईस्टर्न डीएफसी लुधियाना (पंजाब) से दानकुनी (पश्चिम बंगाल) तक 1,760 किमी लंबा और वेस्टर्न डीएफसी महाराष्ट्र के जेएनपीटी से दादरी (उत्तर प्रदेश) तक 1,504 किमी लंबा कॉरिडोर होगा। इस कॉरिडोर पर जब 100 किमी प्रतिघंटा की गति से 1.5 किमी डबल डेकर मालगाड़ी सरपट दौड़ेगी।
बढ़ जाएगी मालवहन की क्षमता
मालगाड़ी में प्रत्येक कंटेनर की लंबाई 4.265 मीटर है, जबकि डीएफसी में प्रत्येक कंटेनर की लंबाई 5.1 मीटर होगी। एक के ऊपर एक कंटेनर होंगे यानी डबल स्टेक और एक्सेल की चौड़ाई थी 3,200 मीटर से बढ़कर 3,660 मीटर हो जाएगी। अभी माल गाड़ी की अधिकतम लंबाई 700 मीटर होती है, जो बढ़कर 1500 मीटर यानी डेढ़ किमी हो जाएगी। प्रत्येक मालगाड़ी से माल ढुलाई की क्षमता 4,000 टन की बजाय 13,000 टन हो जाएगी। डीएफसी पर चलने वाली एक मालगाड़ी 1300 ट्रकों की क्षमता का माल वहन करेगी।
तीसरे कॉरिडोर की तैयारियां
वेस्टर्न और ईस्टर्न डीएफसी के बाद अब भारतीय रेलवे खड़गपुर से विजयवाड़ा तक तीसरे कॉरिडोर की योजना बना रही है। अधिकारियों के अनुसार यह कॉरिडोर 1,114 किलोमीटर लंबा होगा और इस पर लगभग 500 करोड़ से ज्यादा खर्च होंगे। इसके लिए जायका या विश्व बैंक से धन की व्यवस्था करने पर विचार किया जा रहा है।
वेस्टर्न डीएफसी
430 किमी: जेएनपीटी से वडोदरा
947 किमी: वडोदरा से रेवाड़ी
127 किमी: दादरी से रेवाड़ी
मुख्य परियोजना प्रबंधक (दक्षिण) राजीव त्यागी ने बताया, ‘वेस्टर्न डीएफसी पर तेजी से काम चल रहा है। महाराष्ट्र में इसका 177 किमी का हिस्सा है। भूमि अधिग्रहण का काम कुछ हिस्से को छोड़कर पूरा हो चुका है। दीवा-पनवेल सेक्शन में काम भी शुरू किया जा चुका है। वेस्टर्न डीएफसी का पहला चरण इस वर्ष शुरू हो जाएगा।’
  
Today (22:10) IRCTC के RAC टिकट से जुड़े नियम, बुकिंग से पहले जानें (navbharattimes.indiatimes.com)
IR Affairs
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News Entry# 351447  Blog Entry# 3723306   
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IRCTC ऑनलाइन ट्रेन टिकट बुकिंग में RAC टिकट जारी करती है। अगर बुकिंग के समय सारी बर्थ बुक हो जाती है तो आरएसी सीट यात्री को दी जाती है जो यात्रा के लिए एक मान्य टिकट होती है जिसमें यात्री को सीट दी जाती बर्थ नहीं दी जाती। बर्थ के लिए यात्री वेटिंग में रहता है। आरएसी टिकट कन्फर्म होने पर यात्री को बर्थ मिलती है। आरएसी टिकट में बर्थ को दो सीट में बांट दिया जाता है जिसमें एक बर्थ को सीट दो में बांटकर यात्री को दिया जाता है। अगर आपकी आरएसी टिकट है या आप ट्रेन से टिकट बुक कराने की योजना बना रहे हैं तो आईआरसीटीसी के आरएसी टिकट से जुड़े ये नियम जरूर पढ़ लें।
-अगर
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अंतिम समय पर किसी कन्फर्म टिकट पैसेंजर की सीट अपग्रेड की जाती है या उसकी टिकट कैंसिल होती है तो वो सीट आरएसी टिकट वाले यात्री को ट्रांसफर कर दी जाती है।
-अगर ट्रेन चलने से पहले कोई कन्फर्म टिकट यात्री ट्रेन में नहीं चढ़ता है या अपनी टिकट कैंसिल करा देता है तो वो सीट आरएसी टिकट वाले यात्री को दे दी जाती है।
-अगर आपके पास आरएसी टिकट है तो आप उसे ट्रेन चलने से आधा घंटे पहले तक कैंसिल करा सकते हैं इसके बाद कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
-अगर आपके पास ऑनलाइन आरएसी टिकट है और रिजर्वेशन चार्ट बन चुका है तो आपको रिफंड के लिए ऑनलाइन टीडीआर भरना होगा।
-अगर एक से ज्यादा पार्टी या परिवार की ई टिकट जारी की जाती है जिसमें से कुछ लोगों की टिकट कन्फर्म है जबकि कुछ की आरएसी है तो ऐसी सूरत नियम और शर्तों के मुताबिक कन्फर्म टिकट पर फुल रिफंड तक दिया जाता है। लेकिन यह सब ट्रेन की यात्रा शुरू होने से आधा घंटा पहले होना चाहिए।
आरएसी से जुड़े कुछ और नियम
-आरएसी का का मतलब होता है रिजर्वेशन अंगेस्ट कैंसिललेशन इसमें यात्री को बैठने के लिए सीट दी जाती है।
-यात्री आरएसी के बदले सोने के लिए पूरी बर्थ की मांग नहीं कर सकता।
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