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Rockfort Express: திருச்சி அவனது கோட்டை, இரவில் சென்னை வரை வேட்டை, அவன் தான் மலைக்கோட்டை. - Vijay Baradwaj

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Today (11:37) ....और 130 किमी की रफ्तार से दौड़ पड़ी स्पीड ट्रायल स्पेशल ट्रेन (www-bhaskar-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 393306  Blog Entry# 4458907   
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गया जंक्शन से होकर पं.दीनदयाल उपाध्याय-धनबाद स्टेशन के बीच शनिवार को ट्रेनों की गति देने की कवायद को लेकर स्पेशल ट्रेन का परिचालन हुआ।पं.दीनदयाल उपाध्याय से खुली 22 एलएचबी कोच वाली स्पीड ट्रायल स्पेशल ट्रेन 130 किमी प्रतिघंटे की रफ्तार से गया जंक्शन पहुंची। इस दौरान धनबाद व पं.दीनदयाल मंडल के डीआरएम अपने रेलमंडल क्षेत्र में ट्रेन पर सवार होकर सफर किया। गया जंक्शन पहुंचे पं.दीनदयाल मंडल के डीआरएम पंकज सक्सेना ट्रेन में सवार होकर डीडीयू स्टेशन तक गए । ट्रायल के दौरान सपाट, ढलान, कर्व और चढ़ाई की स्थिति वाले ट्रैक प्वाइंट पर चलाकर मशीन से डाटा एकत्रित किया गया। ब्रिज के पास कंपन के अलावे एलएचबी कोच व सामान्य मेमू कोच की स्थित को जाना। रेल सूत्रों की माने तो ट्रायल कुछ तकनीकी पहलुओं को छोड़ सफल रहा। ग्रैंड कॉर्ड रेल लाइन पर धनबाद से डीडीयू स्‍टेशन के बीच वाया गया चलने वाली ट्रेनों की गति बढ़ाकर चलाने की...
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योजना है। ताकि ट्रेनों के परिचालन समय में कमी आ सके। इसमें एक्सप्रेस के साथ पैसेंजर ट्रेनें भी शामिल है। गया जंक्शन का निरीक्षण करते डीआरएम व अन्य अधिकारी।
डेल्हा साइड सेकेंड प्रवेश द्वारा निर्माण कार्य का लिया जाएजा: स्पीड ट्रायल स्पेशल ट्रेन में सफर से पहले डीआरएम पंकज सक्सेना ने गया जंक्शन का निरीक्षण किया। जंक्शन के डेल्हा साइड सेकेंड इंट्री निर्माण कार्य का जाएजा लिया। रनिंग रूम के विस्तार को भी देखा। इस दौरान जरूरी निर्देश भी दिए। बैठक कर अन्य निर्माण कार्य का जाएजा लिया। वहीं मानपुर में इंटरलॉकिंग कार्य की तैयारी को लेकर भी जानकारी ली।
  
देश की पहली कॉरपोरेट ट्रेन तेजस एक्सप्रेस में बरात ले जाने के लिए आसानी से पूरा कोच बुक करा सकते हैं। रेलवे की ट्रेनों की तरह कोच बुक  कराने के लिए एक सप्ताह का समय नहीं लगेगा। न ही लंबी कागजी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सिर्फ 48 घंटे पहले आईआरसीटीसी के प्रतिनिधि से संपर्क करें और मिनटों में उस दिन के किराये के हिसाब से कोच में बुक सीटों का किराया जमा कर कोच बुक करा लें। दो माह पहले बुकिंग कराने पर प्रति सीट सामान्य किराया ही अदा करना होगा। कानपुर से दिल्ली तक चेयर कार का सामान्य किराया 1000 और एग्जीक्यूटिव का 2015 रुपये है। तेजस के यात्रियों की तरह ट्रेन से जा रहे बरातियों को नाश्ता, पानी और खाने का इंतजाम भी होगा।
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एक साथ छह कोच भी बुक करा सकते हैंतेजस एक्सप्रेस में लखनऊ और कानपुर से गाजियाबाद और दिल्ली और दिल्ली व गाजियाबाद से कानपुर और लखनऊ तक कोच बुक कराया जा सकता है। इस ट्रेन में छह कोच बुक कराए जा सकते हैं। इस ट्रेन में मौजूदा समय में 12 कोच लगे हैं। इसमें नौ चेयरकार, एक एक्जीक्यूटिव कार कोच और दो पॉवर कार (जनरेटर यान) हैं। एक से  लेकर छह कोच तक बुकिंग लखनऊ और कानपुर दोनों जगहों से हो सकती है। 
कैसे बुक कराएं तेजस के कोच आईआरसीटीसी के लखनऊ या कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने कार्यालय से सीधे जाकर कोच बुक करा सकते हैं। जिस दिन के लिए कोच बुक कराने हैं, उसके 48 घंटे पहले बुकिंग करानी होगी। सेंट्रल स्टेशन पर आईआरसीटीसी के स्टेशन ऑफिसर अमित सिन्हा और वरुण गोयल से संपर्क करें। जिस दिन के लिए कोच लेना हो, उस दिन का आईआरसीटीसी की वेबसाइट पर प्रदर्शित किराये के आधार पर सीटें बुक होंगी। पांच चेयरकार और एक एक्जीक्यूटिव कार की बुकिंग हो सकती है। अभी ट्रेन में नौ चेयरकार और एक एक्जीक्यूटिव क्लास है। 
तेजस एक्सप्रेस में कोच बुक कर ले जाएं बरातअलग से कोच लेने के लिए 80 प्रतिशत सीटें कम से कम बुक करानी होंगी। चेयरकार में कुल 78 सीटों में 64 सीटें लेनी होंगी। बाकी 14 सीटें दूसरे यात्रियों को दे दी जाएंगी। चाहें तो पूरी 78 सीटें भी ले सकते हैं। यही व्यवस्था एक्जीक्यूटिव कार की 56 सीटों के लिए भी है। बिना कोच बुक कराए ग्रुप बुकिंग भी कराई जा सकती है। जैसे आप एक कोच में 40 सीटें बुक कराते हैं, तो बाकी की सीटें आईआरसीटीसी अन्य यात्रियों के लिए बुक कर देगा। 
कोच बुकिंग मे रेलवे से आसानीअगर कोई यात्री रेलवे की ट्रेनों में कोच बुक कराना चाहे तो कुछ दिक्कतें आती हैं। मसलन संबंधित अधिकारी (कानपुर में डिप्टी सीटीएम स्तर के अधिकारी) को आवेदन देना होगा। इस पर बुकिंग वाले दिन ट्रेन में सीटों की उपलब्धता देखी जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि किस ट्रेन में अलग से कोच लगाया जा सकता है। अनुमति मिलने पर कम से कम एक सप्ताह का समय लगता है। इसलिए एक सप्ताह पहले ही संपर्क करना होती है। इसमें एक्स्ट्रा कोच ट्रेन में सबसे पीछे लगता है।
  
Today (11:31) इसरो की सैटलाइटस की मदद से ट्रेनें चल रही है समय पर, जानिए कैसे (navbharattimes.indiatimes.com)
New Facilities/Technology
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News Entry# 393303  Blog Entry# 4458894   
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नवभारत टाइम्स
एक साल पहले तक ट्रेनों की आवाजाही के बारे में ऐसे फैसले रेलवे कंट्रोलर नहीं ले पाते थे। यह संभव हुआ है कि इसरो के गगन (जीपीएस पर आधारित एक नैविगेशन सिस्टम से)। यह सिस्टम सैटलाइट द्वारा संचालित है, जो कि पहले भारतीय एयरस्पेस के लिए बनाया गया था।
इसरो की मदद से भारतीय रेलवे अपने ट्रेनों को समय पर चलाने में सफल हो रहा है
भारतीय
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अंतरिक्ष एजेंसी इसरो के सैटलाइट की मदद से ट्रेनें समय पर चल रही हैं
इसके जरिए रेलवे कंट्रोलर के काम में भी आसानी हुई है
वक़्त नहीं है? हाइलाइट्स पढ़ने के लिए डाउनलोड ऐप
नई दिल्ली
नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर रात के 2.58 बजे हैं। रेलवे कंट्रोलर- देव का पूरा ध्यान ट्रेन नंबर 22340 (पठानकोट-दिल्ली सुपरफास्ट एक्सप्रेस) पर है। यह ट्रेन कुछ ही देर पहले हरियाणा के करनाल से रवाना हुई है। देव के लिए अगले आधे घंटे मुश्किल भरे होने वाले हैं। साथ ही रेलवे ट्रैक ठीक करने वाले उन कर्मचारियों के लिए भी जो पानीपत जंक्शन के पास ट्रैक के किनारे बैठे हैं। जैसे ही पठानकोट-दिल्ली एक्सप्रेस पानीपत पहुंची, कर्मचारियों को ट्रैक पर काम करने के लिए हरी झंडी दे दी गई। अब जब तक अगला आदेश नहीं मिलता, ये कर्मचारी बिना किसी डर के ट्रैक पर काम करते रहेंगे।
इधर, देव ने पानीपत के स्टेशन मास्टर को फोन लगाया और कुछ बातें कीं। 15 मिनट के लिए ट्रैक को आवाजाही के लिए ब्लॉक करने की इजाजत देते वक्त देव को मालूम था कि अभी कई और ट्रेनें कतार में हैं। वह यह भी जानते हैं कि इन ट्रेनों को कैसे और किस वक्त पास देना है।
इसरो के 'गगन' का कमाल
एक साल पहले तक ट्रेनों की आवाजाही के बारे में ऐसे फैसले रेलवे कंट्रोलर नहीं ले पाते थे। यह संभव हुआ है कि इसरो के गगन (जीपीएस पर आधारित एक नैविगेशन सिस्टम से)। यह सिस्टम सैटलाइट द्वारा संचालित है, जो कि पहले भारतीय एयरस्पेस के लिए बनाया गया था। अब यह सिस्टम से हर 30 सेकंड पर ट्रेनों की स्पीड और लोकेशन का डेटा देता है, जिससे ट्रेनों की टाइमिंग सटीक हो गई है।
आसमान से ट्रेन की निगरानी
रेलवे कंट्रोलर देव की पोस्टिंग उस सेक्शन में है, जो दिल्ली-अंबाला के बीच ट्रेनों की आवाजाही को मैनेज करते हैं। अपनी छह घंटे की ड्यूटी में देव के पास यह अधिकार है कि वह किसी भी ट्रेन को रोक सकते हैं और किसी ट्रेन को आगे कर सकते हैं। यहां तक पटरी पर अगर मरम्मत की जरूरत है, तो इसकी इजाजत भी दे सकते हैं।
पहले रेलवे कंट्रोलर की ड्यूटी मुश्किल थी। उसका ज्यादातर समय रजिस्टर में ट्रेनों का डेटा फीड करने में ही चला जाता है। ऐसे में वह जरूरत के हिसाब से ट्रेनों को चलाने की प्लानिंग नहीं कर पाता था। अब डेटा सीधा सैटलाइट से जुड़ जाने की वजह से देव को ज्यादा समय मिलता है। इसलिए वह प्राथमिकता के आधार पर ट्रेनों को समय से पहुंचाने का काम करते हैं। अगर कोई ट्रेन 60-70 की स्पीड में चल रही है और ट्रैक में 100 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलाई जा सकती है, तो देव उस ट्रेन को स्पीड बढ़ाने का निर्देश देते हैं। जबकि पहले दो स्टेशनों के बीच कवर की गई दूरी के आधार पर ट्रेन की स्पीड मापी जाती थी। लेकिन अब यह हर 30 सेकंड में पता चलता रहता है।
जानें क्या डेटा मिलता है
देश के करीब आधे लोकोमोटिव इंजनों में नए सिस्टम लग गए हैं। मतलब वे सैटलाइट से जुड़ चुके हैं। इसमें 120 करोड़ रुपये का खर्च आया है। इसरो का यह सैटलाइट रणनीतिक और गोपनीयता के नजरिए से महत्तपूर्ण है, इसलिए हम उस सैटलाइट का नाम प्रकाशित नहीं कर रहे हैं। लेकिन नए सिस्टम से यह साफ है कि देव जैसे हजारों रेलवे कंट्रोलर ट्रेनों को टाइम से पहुंचाने लगे हैं।
  
Today (11:31) दिल्ली से शामली के बीच नई पैसेंजर ट्रेन चलेगी (www-amarujala-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 393304  Blog Entry# 4458892   
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दिल्ली से शामली के बीच नई पैसेंजर ट्रेन चलेगी
बागपत/अग्रवाल मंडी टटीरी। दिल्ली-शामली रेलमार्ग के यात्रियों का सफर अब और अधिक आसान होगा। दिल्ली से शामली के बीच नई पैसेंजर
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ट्रेन का संचालन 16 अक्तूबर से किया जाएगा। ट्रेन के संचालन से त्योहारी मौसम में यात्रियों को काफी राहत होगी।पूर्व केंद्रीय मानव संसाधन राज्यमंत्री एवं सांसद डॉ सत्यपाल सिंह ने 18 सितंबर को रेलवे अधिकारियों के समक्ष दिल्ली-शामली रेल मार्ग की समस्याओं को रखा था। उन्होंने बताया कि रेलवे ने भीड़ भरी लाइन पर नई ट्रेन को मंजूरी दे दी है। दिल्ली से 16 अक्तूबर को सुबह आठ बजकर 40 मिनट पर यह ट्रेन 51917 पैसेंजर शामली के लिए रवाना होगी। बागपत के खेकड़ा रेलवे स्टेशन पर इसके पहुंचने का समय नौ बजकर 13 मिनट है, जबकि बागपत रोड रेलवे स्टेशन पर यह दस बजे पहुंचेगी। इसके बाद 10.26 बजे बड़ौत स्टेशन और सुबह 11 बजकर 50 मिनट पर शामली रेलवे स्टेशन पर पहुंच जाएगी। शामली से दोपहर दो बजे ट्रेन 51918 पैसेंजर दिल्ली के लिए रवाना होगी। यह दोपहर तीन बजे बड़ौत पहुंचेगी। दिल्ली पहुंचने का समय शाम 5.10 बजे रहेगा। सांसद ने कहा कि पश्चिम यूपी के कई जिलों को नई ट्रेन के संचालन से लाभ होगा। रेलवे सलाहकार समिति के सदस्य पंडित राधेश्याम शर्मा टे्रन के चलने पर सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह, रेल मंत्री पीयूष गोयल का आभार प्रकट किया है। हेमकांत शर्मा, नीरज एडवोकेट, सुभाष, पंड़ित अंकुर शर्मा, संजीव शर्मा, धर्मपाल, सलीम टेलर, विपिन, पुलकित, अंकित ने भी आभार जताया है। ---आज सत्यपाल सिंह करेंगे निरीक्षणअग्रवाल मंडी टटीरी। बागपत रोड रेलवे स्टेशन पर कार्यक्रम में सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह शामिल होंगे। इसके अलावा अधीक्षक सतीश शर्मा ने बताया कि मंगलवार को दिल्ली से रेलवे अधिकारियों की एक विशेष ट्रेन दिल्ली से दोपहर दो बजे चलेगी जो बागपत स्टेशन पर 03:35 बजे आएगी। अधिकारी स्टेशन पर निरीक्षण करेंगे। शामली तक पडने वाले सभी स्टेशनों का जांच पड़ताल करेंगे। बागपत रोड स्टेशन पर कार्यक्रम होगा, जिसमें सांसद डॉ सत्यपाल सिंह भी शामिल होंगे।--------क्या होगा नई ट्रेन में खासबागपत। डीजल से चलने वाली पैंसेजर ट्रेन में 13 कोच होंगे। दिल्ली से शामली तक यह 93 किमी की दूरी तय करेगी। दिल्ली से शामली जाते हुए लोनी, खेकड़ा और कासिमपुर खेड़ी में क्रॉसिंग होगी, जबकि शामली से दिल्ली जाते हुए कासिमपुर खेड़ी में विपरीत दिशा से आ रही ट्रेन से क्रॉसिंग होगी।-----------------इनसेटदिल्ली से शामली के बीचस्टेशन समयदिल्ली 08:40 बजे सुबहशाहदरा 08:55 बजेनोली 09:18 बजेखेकड़ा 09:43 बजेबुागपत रोड 09:58 बजेबड़ौत 10:26 बजेकासिमपुर खेड़ी 10:50 बजेकांधला 11:25 बजेशामली 11:50 बजे-----------------इनसेटशामली से दिल्ली के बीचशामली 02:00 बजे दोपहरकांधला 02:20 बजेकासिमपुर खेड़ी 02:45 बजेबड़ौत 03:08 बजेबागपत रोड 03:28 बजेखेकड़ा 03:48 बजेनोली 04:10 बजेशाहदरा 04:45 बजेदिल्ली 05:10 बजे----------------------
  
ये सभी पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनमें कुछ रोजाना और कुछ ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलेंगी। इनमें से एक ट्रेन दिल्ली और शामली के बीच चलेगी।
यात्रियों की सहूलियत के लिए रेलवे मंगलवार से 10 नई ट्रेनें शुरू करने जा रहा है। इन ट्रेनों को 'सेवा सर्विस' ट्रेन नाम दिया गया है। मंगलवार दोपहर 2 बजे रेल मंत्री पीयूष गोयल, स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्ष वर्धन और पेट्रोलियम मंत्री धर्मेंद्र प्रधान नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर इन ट्रेनों को रवाना करेंगे। ये सभी पैसेंजर ट्रेनें हैं। इनमें कुछ रोजाना और कुछ ट्रेनें सप्ताह में 6 दिन चलेंगी।
रोजाना
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सेवा वाली ट्रेनें दिल्ली और शामली, भुवनेश्वर और नारायणगढ़ शहर, मुरकंगसेलेक और डिब्रूगढ़, कोटा और झालावाड़ तथा कोयंबटूर और पलानी के बीच चलेंगी। वहीं, सप्ताह में 6 दिन चलने वाली ट्रेनें वडनगर और महेसाणा, असारवा और हिम्मतनगर, करूर और सलेम, यशवंतपुर और तुमुकुर तथा कोयंबटूर और पोल्लाची के बीच चलेंगी। नॉर्दर्न रेलवे के मुख्य प्रवक्ता दीपक कुमार के मुताबिक, रेल यात्रियों की सुविधा के लिए दिल्ली और शामली के बीच एक नई दैनिक सेवा सर्विस ट्रेन (संख्या 51917/51918) की नियमित सेवा शुरू की जा रही है। ट्रेन संख्या 51917 दिल्ली जंक्शन से सुबह 08:40 बजे चलकर उसी दिन सुबह 11:50 बजे शामली पहुंचेगी। वापसी में गाड़ी संख्या 51918 उसी दिन दोपहर 2 बजे शामली से चलकर शाम 5:10 बजे दिल्ली जंक्शन पहुंचेगी। दोनों दिशाओं में इस ट्रेन की नियमित सेवा बुधवार से शुरू हो जाएगी। इसमें 11 जनरल कोच होंगे और ये शाहदरा, गोकलपुर, सबोली हॉल्ट, नौली, खेकड़ा, बागपत रोड, बड़ौत, कासिमपुर खेड़ी और कांदला स्टेशनों पर रुकती हुई जाएगी।
मंगलवार को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली से शामली
रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि चूंकि मंगलवार को दोपहर 2 बजे रेल मंत्री सेवा सर्विस ट्रेनों का उद्घाटन करेंगे, इसलिए मंगलवार को दोपहर 2 बजे नई दिल्ली से ट्रेन चलेगी, जो शाम 5:15 बजे शामली पहुंचेगी, लेकिन वापसी में शामली से दिल्ली के लिए ट्रेन नहीं आएगी। बुधवार से इस रूट पर ट्रेनों का परिचालन तय किए गए नए शेड्यूल के अनुसार होने लगेगा
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