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WAP-7 - दिल तुझपे कुर्बान

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Entry# 2031505-0
Large Station Board;
Entry# 2160007-0


PTA/Patiala (4 PFs)
ਪਟਿਆਲਾ     पटियाला

Track: Construction - Electric-Line Doubling

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Mall Road, Patiala - 147001
State: Punjab


Zone: NR/Northern   Division: Ambala

No Recent News for PTA/Patiala
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 14
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
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Rating: 3.8/5 (208 votes)
cleanliness - good (28)
porters/escalators - good (27)
food - good (26)
transportation - good (27)
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 64 News Items  next>>
Feb 03 (12:41) Railways renames DMW 'Patiala Loco Works' (www.tribuneindia.com)
IR Affairs
NR/Northern
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News Entry# 476554  Blog Entry# 5208016   
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Feb 03 2022 (12:41)
Station Tag: Patiala/PTA added by Khushwinder Singh/1689018

Feb 03 2022 (12:41)
Station Tag: DMW Halt Patiala/DMWP added by Khushwinder Singh/1689018
Stations:  Patiala/PTA   DMW Halt Patiala/DMWP  
The Diesel Loco Modernisation Works(DMW), a production unit of Indian Railways, is now Patiala Locomotive Works (PLW), after it stopped manufacturing diesel locomotives. The DMW has shifted to producing electric locomotives and diesel electric tower cars.
Officials said the Ministry of Railways has changed its name to Patiala Locomotive Works (PLW). The change will come into force with immediate effect.
The DMW has been producing 3-phase electric locomotives WAP-7, WAG-9H and 8-wheeler self propelled diesel electric tower car (8W DETC) since 2018.
It
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had discontinued the manufacturing and rehabilitation activities of diesel locomotives and transformed itself to a new electric loco manufacturing unit when Indian Railways started complete electrification of all its routes. WAP7 locomotives are the most powerful passenger locomotives of Indian Railways and capable enough to haul 24 coaches trains at maximum speed of 140 kmph.
They are more energy efficient and regenerate electrical energy while braking by converting the kinetic energy into electrical energy and feed it back to the railway network for powering other nearby electric engines in the railway network.
Jan 09 (09:15) Hindi News पंजाब के राजपुरा-बठिंडा डबल लाइन रेल प्रोजेक्ट में बड़ा घाेटाला, आफत में डाली यात्रियों की जान (m.jagran.com)
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News Entry# 474304  Blog Entry# 5185750   
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Jan 09 2022 (09:15)
Station Tag: Bathinda Junction/BTI added by Manohar/778285

Jan 09 2022 (09:15)
Station Tag: Patiala/PTA added by Manohar/778285

Jan 09 2022 (09:15)
Station Tag: Rajpura Junction/RPJ added by Manohar/778285
1700 करोड़ के डबलिंग रेल प्रोजेक्ट में घोटाला। रिजेक्ट रोड़ी बिछाकर आफत में डाली यात्रियों की जान। राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन में आरवीएनएल के एजीएम ने मानक से कम रोड़ी बिछाने पर आपत्ति उठाई थी। बावजूद इसके रौड़ी बिछा दी गई।
अंबाला, दीपक बहल। पंजाब के राजपुरा-बठिंडा डबल लाइन रेल प्रोजेक्ट में रेल अफसरों की मेहरबानी से करोड़ों रुपयों का घोटाला हो गया। पटरी को जकड़कर रखने वाली रोड़ी को मानकों के विपरीत पाते हुए रेल विकास निगम लिमिटेड (आरवीएनएल) के अतिरिक्त महाप्रबंधक (एजीएम) ने रिजेक्ट कर दिया था। करीब 8 माह तक रिजेक्ट रोड़ी पटरी किनारे पड़ी रही, लेकिन बाद में मिलीभगत कर रिजेक्ट रोड़ी को ही बिछवाकर करोड़ों रुपये की पेमेंट जारी कर दी गई। इस घोटाले को अंजाम देने के लिए रेलवे
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के इंजीनियरिंग ब्रांच से एक रिटायर्ड अधिकारी की आरवीएनएल में एंट्री भी करवाई गई। इसी अधिकारी के माध्यम से फिर कंपनी पर मेहरबानी करते हुए रिजेक्ट रोड़ी की पेमेंट कर दी गई। पटरी के बीच और आसपास बिछने वाले रोड़ी यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ी है। रोड़ी यदि मानक के विपरीत है तो इससे पटरी खिसक सकती है और ट्रेन भी बेपटरी हो सकती है।
इस तरह किया गया था रिजेक्ट
राजपुरा से बठिंडा तक 170 किलोमीटर तक डबल लाइन का टेंडर डाला गया। आरवीएनएल को इस कार्य को पूरा करने की जिम्मेदारी दी गई। अभी भी इस प्रोजेक्ट में कुछ कार्य बाकी है, जबकि बीच-बीच में जहां पर कार्य पूरा हो गया, वहां पर डबल लाइन को मुख्य संरक्षा आयुक्त हरी झंडी दे चुके हैं। अभी यह प्रोजेक्ट पूरा भी नहीं हुआ कि अब इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये का घोटाला सामने आ गया है। इसी को लेकर आरवीएनएल के एजीएम ने कंपनी को दिसंबर 2019 को पत्र लिखा था। इस में बताया गया था कि रेल पटरी के किनारे बिछाई गई रोड़ी मानकों के अनुसार नहीं है। इसी कारण से प्रोजेक्ट भी लेट हो रहा है। कंपनी को सही मानक की रोड़ी डालने को कहा गया था। इसके अलावा एक रेल अधिकारी ने इसी कंपनी को दिसंबर 2019 में एक ओर पत्र लिखा था जिसमें बताया गया था कि रोड़ी का आकार कैसा है, जबकि यह किस तरह की होनी चाहिए थी। इसी को ध्यान में रखते हुए अधिकारी ने इस संबंध में सही आकार की रोड़ी डालने के निर्देश दिए थे।
यह है रोड़ी का रोल
रेलवे द्वारा पटरी के बीच में और किनारों पर रोड़ी डाली जाती है। यह रोड़ी तिकोनी आकार की होनी चाहिए। इस तरह की रोड़ी की पकड़ अच्छी रहती है। इसी कारण रेल पटरी भी स्थिर रहती है और रेल आसानी से इस पर दौड़ती है। यदि यह मानकों के अनुरूप न हो तो ट्रैक खिसक सकता है और रेल भी बेपटरी हो सकती है। इसी कारण से यात्रियों की सुरक्षा को लेकर रोड़ी मानकों के अनुसार ही रेल ट्रैक के बीच और आसपास डाली जाती है।

मेरी जानकारी में नहीं : सीपीएम
आरवीएनएल के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर पवन गर्ग ने बताया कि ऐसा कोई मामला जानकारी में नहीं है। राजपुरा-बठिंडा रेल सेक्शन पर अभी काम चल रहा है। रोड़ी को रिजेक्ट की गई और बाद में कंपनी को पेमेंट करने के मामले से अनभिज्ञता जताई है। गर्ग ने बताया कि चेक करवा लेते हैं कि ऐसा कोई मामला तो नहीं है।
आरवीएनएल के सीएमडी ने भी साधी चुप्पी
आरवीएनएल के सीएमडी (चीफ मैनेजिंग डायरेक्टर प्रदीप गौड ने इस घोटाले पर चुप्पी साध ली है। फोन रिसीव न करने पर उनको व्हाट्सएप पर घोटाले की जानकारी देकर सही तथ्यों के बारे पूछ गया, लेकिन मैसेज पढऩे के बाद भी उन्होंने किसी प्रकार की टिप्पणी करना जरूरी नहीं समझा।
Jul 31 2021 (18:42) सांसद नायब सिंह सैनी ने कैथल से पटियाला रेल लाइन बिछाने को लेकर केंद्रीय रेल मंत्री को दिया प्रस्ताव (www.google.com)
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News Entry# 460737  Blog Entry# 5029762   
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Jul 31 2021 (18:42)
Station Tag: Jind Junction/JIND added by Manohar/778285

Jul 31 2021 (18:42)
Station Tag: Narwana Junction/NRW added by Manohar/778285

Jul 31 2021 (18:42)
Station Tag: Patiala/PTA added by Manohar/778285

Jul 31 2021 (18:42)
Station Tag: Kaithal/KLE added by Manohar/778285

Jul 31 2021 (18:42)
Train Tag: Bikaner - Haridwar (Gita Ganga) Express/14717 added by Manohar/778285
कैथल (वि) : सांसद नायब सिंह सैनी ने केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को कैथल से पटियाला तक लगभग 80 किलोमीटर की रेललाइन बिछाने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि कैथल के हलका गुहला में सबसे बड़ा कस्बा सीवन है, जो धार्मिक दृष्टि से बहुत महत्व रखता है। इस इलाके का पुरात्तन समय में माता-सीता के साथ संबंध रखता है।
इसके अतिरिक्त यह क्षेत्र ब्लाक एवं उप तहसील का दर्जा भी रखता है। सांसद ने कहा कि कैथल में रेलवे स्टेशन है और पटियाला में भी रेलवे स्टेशन है। जिला से वाया सीवन होकर जिला पटियाला की दूरी 80 किलोमीटर है। यह क्षेत्र आजादी के 70 साल बाद भी रेल सुविधा से वंचित है। रेल लाइन नहीं होने
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के कारण देश के बाकि हिस्सों से हलका गुहला व सीवन कटा है। इसी कारण से व्यापारिक दृष्टि से यह हलका पिछड़ा हुआ है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में मांग रखी कि कैथल से वाया सीवन पटियाला तक 80 किलोमीटर तक रेलवे लाइन बिछा दी जाए तो हलका गुहला व सीवन व्यापारिक व पर्यटन की दृष्टि से देश के बाकि हिस्सों से जुड़ जाएगा।
सांसद ने कहा कि बीकानेर-हिसार से हरिद्वार जाने वाली गाड़ी नंबर 14715 व 14717 दोनों गाडि़यों के बारे में कहा कि ये दोनों गाड़ियां बीकानेर से रोहतक होकर हरिद्वार वाया पानीपत-करनाल जाती है, लेकिन पानीपत-करनाल से औसतन पांच सवारियां ही जाती हैं। जिससे रेलवे विभाग को नुकसान हो रहा है। उन्होंने अपने प्रस्ताव में कहा कि यदि इन गाड़ियों का रूट बदलकर रोहतक-जींद-नरवाना-कलायत-कैथल-कुरूक्षेत्र कर दिया जाए तो ये गाडि़यां यात्रियों से भरकर चलेगी, क्योंकि प्रतिदिन सैकड़ों सवारियां हरिद्वार जाती है, लेकिन यहां से कोई भी गाड़ी सीधा हरिद्वार तक नही जाती। यह रूट करने से जहां रेलवे विभाग को आर्थिक रूप से फायदा होगा, वहीं क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी।
Jul 28 2021 (17:23) कैथल-पटियाला रेल लाइन निर्माण की आस, सर्वे पास होने के बावजूद अधर में लटका प्रोजेक्ट (www.google.com)
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News Entry# 460452  Blog Entry# 5026823   
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Jul 28 2021 (17:23)
Station Tag: Narwana Junction/NRW added by Manohar/778285

Jul 28 2021 (17:23)
Station Tag: Patiala/PTA added by Manohar/778285

Jul 28 2021 (17:23)
Station Tag: Kaithal/KLE added by Manohar/778285
जागरण संवाददाता। हरियाणा को पंजाब से जोड़ने वाली चाैथे रेलमार्ग कैथल-पटियाला तक रेल लाइन निर्माण की लोगों को वर्षाें से आस है। बता दें कि इस रेल निर्माण के निर्माण की संभावनाअों के तहत चार साल पहले ही सर्वे पास हो चुका है, लेकिन रेलवे बोर्ड द्वारा पास नहीं किया गया है। जिस कारण इसका निर्माण कार्य की प्रक्रिया शुरू नहीं हाे पा रही है।
बता दें कि तीन साल पहले कुरुक्षेत्र-नरवाना रेलमार्ग पर विद्युतीकरण भी हो चुका है। जिसके बाद से यहां पर विद्युतीकरण ट्रेन का तोहफा तो मिल चुका है, लेकिन रेल यात्रियों के लिए कैथल से पटियाला रेल लाइन निर्माण का सपना अधूरा है, जिसे पूरा होने का इंतजार यात्री कई दशकों से कर रहे हैं।
इस
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रेल मार्ग के निर्माण को लेकर रेलवे ने वर्ष 2016 में सर्वे शुरू किया था, जो वर्ष 2018 में पूरा भी हो गया था। परंतु इस सर्वें के पूरा और पास होने के बावजूद रेलवे की ओर से इस रेल लाइन के निर्माण को लेकर कोई कार्य नहीं किया गया। सर्वे पूरा होने के बाद एजेंसी ने इसकी रिपोर्ट रेलवे बोर्ड को दे दी थी, लेकिन बोर्ड की आेर से तीन वर्ष का समय बीत जाने के बावजूद इस पर कोई फैसला नहीं लिया गया है।

पंजाब के जिलों से रेल मार्ग से जुड़ने की बढ़ेंगी संभावनाएं 
बता दें कि यदि कैथल से पटियाला रेल लाइन का निर्माण हाेता है तो कैथल से पटियाला के अलावा अन्य जिले रेल मार्ग से जुड़ सकेंगे। यही नहीं इससे अमृतसर और लुधियाना की दूरी कम होगी। इसके साथ ही रेल लाइन का निर्माण होने के बाद अंबाला के रास्ते के अलावा यह काफी छोटा रुट बनेगा। यही नहीं यदि केंद्र सरकार पटियाला तक नई रेल लाइन बनाने को लेकर कार्य करती है तो कैथल के लोगों को रेलवे स्टेशन के जंक्शन बनने की एक नई सौगात मिलेगी।

कुरुक्षेत्र के सांसद उठा चुके हैं मांग
कैथल-पटियाला तक नई रेल लाइन बनाने की मांग कुरुक्षेत्र संसदीय क्षेत्र से भाजपा सांसद नायब सैनी संसद भवन में सत्र के दौरान दो बार उठा चुके हैं। इस दौरान सांसद ने कैथल के जिले की लोगों की काफी पुरानी मांग का हवाला देते हुए केंद्र सरकार से इस मांग को पूरा करने की सिफारिश की है। सांसद नायब सैनी ने सत्र के दौरान कहा था कि यदि इस रेल लाइन का निर्माण होता है तो यहां व्यापार के नजरिए भी काफी विकास हो पाएगा।

मांग दशकों पुरानी
रेल कल्याण समिति के चेयरमैन सतपाल गुप्ता ने बताया कि कैथल जिला के रेलवे स्टेशन को इसके निर्माण के 130 वर्ष बाद बिजली से चलने वाली ट्रेन मिली है, लेकिन कैथल से लेकर पटियाला तक नई रेल लाइन की मांग जिला के लोगों की कई दशकों पुरानी है। जिस पर सर्वे तीन वर्षों के बाद पूरा हुआ है।
सांसद दें ध्यान तो हो सकती है मांग पूरी
रेलयात्री कल्याण समिति के प्रधान लाजपत सिंगला ने कहा कि पटियाला रेल लाइन बहुत पुरानी मांग है। रेलवे बोर्ड इसे हरी झंडी दें तो यह काफी बड़ी सौगात होगी। यदि इस मांग पर कुरुक्षेत्र और पटियाला के सांसद ध्यान दें तो यह मांग जरुर पूरी हो सकती है। यह जिला सबसे अधिक राजनैतिक रुप से पिछड़ा हुआ है। जिस कारण पटियाला तक रेल लाइन का निर्माण होना चाहिए। जिले में चीका मंडी भी प्रदेश की काफी बड़ी मंडी है। वहीं, कैथल से चावल का व्यापार भी पंजाब में अच्छे से फैल सकेगा।
Jul 03 2021 (22:26) Amazing feat’! Indian Railways’ Patiala unit makes 17 electric locomotives amid Covid-19 restrictions in June (www-financialexpress-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 458146  Blog Entry# 5003943   
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Jul 03 2021 (22:26)
Station Tag: Patiala/PTA added by mannunrw/778285
Stations:  Patiala/PTA  
Diesel Locomotive Modernisation Works, a part of the Indian Railways’ production unit, manufactured 17 electric locomotives in June, amid restrictions imposed to check the spread of COVID-19. Among these are 8Wheeler-diesel electric tower cars (DETCs) that rolled out of the unit’s factory in Patiala. Sharing the news on Twitter, the Union railways ministry Piyush Goyal called it an “amazing feat” and posted pictures of three locomotives rolling off the line.
The unit worked with 30% staff members in April and 20% in May – when the pandemic was in full swing in its second wave that forced many states to announce strict local restrictions – reports quoted officials as saying.
The
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unit shifted from producing alco locomotives to electric locomotives in the past two years to support the accelerated electrification of Indian Railways. The entire process included re-skilling of staff members and overhauling of the shop floors, machines, and the planning process.
Series production of commenced from 2019-20 with the plant manufacturing 127 units so far.
The railways have moved to expedite electrification of the network in the past seven years.
Railway minister Piyush Goyal said in may that the national transporter recorded the highest ever electrification of sections across the Indian Railways network in the 2020-21 fiscal despite the effects of Covid-19 towards the end of the year.
While manufacturing activity resumed following the lifting of lockdown curbs in June 2021, it came to a grinding halt once again in March this year following the outbreak of the second Covid-19 wave that led many states to announce localised lockdowns and restrictions to prevent further spread of the virus.
During fiscal 2020-21, Indian Railways achieved the highest ever electrification of sections, covering 6,015 Route Km in a single year, surpassing the previous highest of 5,276 RKM achieved in 2018-19, The Financial Express reported.
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