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बिहार संपर्क क्रांति : मिथिला पेंटिंग की सुंदरता और तेज रफ्तार - Keshav Singh

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Tue Mar 2 19:05:10 IST
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News Entry# 433719
रेलवे में लेटलतीफी के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए बहुत जरूरी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर 2006 से 2014 तक यानि 8 सालों में सिर्फ कागजों पर काम हुआ. 2014 तक एक किलोमीटर भी ट्रैक नहीं बिछाया था, अब अगले कुछ महीनों में कुल मिलाकर 1100 किलोमीटर का काम पूरा होने जा रहा है.


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गुजरात के केवड़िया को 8 ट्रेनों की सौगात देने के बाद पीएम मोदी ने देश के सामने रेलवे के बदलते स्वरूप की चर्चा की और कहा कि ये कार्यक्रम भारत को एक करती भारतीय रेल के विजन, और सरदार पटेल के मिशन, दोनों को परिभाषित कर रही है. 

पीएम मोदी ने कहा कि बीते वर्षों में देश के रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को आधुनिक बनाने के लिए जितना काम हुआ है वह अभूतपूर्व है. उन्होंने कहा कि आजादी के बाद हमारी ज्यादातर ऊर्जा पहले से जो रेल व्यवस्था थी उसको सुधारने में लगी रही, उस दौरान नई सोच और तकनीक पर फोकस कम रहा. पीएम मोदी ने कहा कि ये प्रोजेक्ट कोरोना काल में पूरे हुए लेकिन पहले अगर ऐसा संकट आता तो ऐसे प्रोजेक्ट अटक जाते थे. 

पीएम ने कहा, "केवड़िया को रेल से कनेक्ट करने वाले प्रोजेक्ट का उदाहरण देखें तो इसके निर्माण में मौसम, कोरोना महामारी, अनेक प्रकार की बाधाएं आईं, लेकिन रिकॉर्ड समय में इसका काम पूरा किया गया." 

रेलवे में लेटलतीफी के लिए कांग्रेस सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि राष्ट्र के लिए बहुत जरूरी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर प्रोजेक्ट पर 2006 से 2014 तक यानि 8 सालों में सिर्फ कागजों पर काम हुआ. 2014 तक एक किलोमीटर भी ट्रैक नहीं बिछाया था, अब अगले कुछ महीनों में कुल मिलाकर 1100 किलोमीटर का काम पूरा होने जा रहा है. 

 

PM @NarendraModi जी द्वारा देश के विभिन्न क्षेत्रों से केवड़िया, गुजरात के लिये शुरु की गयी ट्रेनों से पर्यटन, और रोजगार को बढ़ावा मिलेगा।विश्व की सर्वाधिक ऊंची सरदार पटेल जी की प्रतिमा सहित यहां के प्राचीन तीर्थस्थलों के लिये अब रेल सेवायें उपलब्ध होंगी। #StatueOfUnityByRail pic.twitter.com/M8azFkJKnK

पीएम ने कहा कि हम अनेक मोर्चों पर कई बदलाव लाए, नई निर्माण तकनीक का इस्तेमाल रेलवे कर रहा है. ट्रैक से लेकर तकनीक, सिग्नलिंग जैसे काम के लिए नई तकनीक का सहारा लिया गया. 

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारतीय रेल के बदले हुए स्वरूप में रेल नेटवर्क के आधुनिकीकरण के साथ ही देश के उन हिस्सों को रेलवे से कनेक्ट किया जा रहा है जो कनेक्ट नहीं थे. पहले से कहीं ज्यादा तेजी से पुराने रेलरूट का चौड़ीकरण और बिजलीकरण किया जा रहा है, ट्रैक को ज्यादा स्पीड के लिये सक्षम बनाया जा रहा है. 


प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इसी कोशिश का नतीजा हम अभी सेमी हाई स्पीड ट्रेन चलाने में सक्षम हैं और हाई स्पीड ट्रैक और तकनीक की तरफ तेजी से आगे बढ़ रहा है. इसके लिए बजट को कई गुना बढ़ाया गया है. हम रेलवे को पर्यावरण के अनुकूल भी बनाने की कोशिश कर रहे हैं. 

पीएम ने कहा कि रेलवे के तेजी से आधुनिकीकरण का एक बड़ा कारण रेलवे मैन्युफैक्चरिंग और रेलवे टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भरता पर हमारा बल है. उन्होंने कहा कि बीते सालों में इस दिशा में जो काम हुआ है उसका परिणाम अब धीरे-धीरे हमारे सामने दिख रहा है. 

भारत के डबल डेकर मालगाड़ी की चर्चा करते हुए पीएम ने कहा कि अगर हम भारत में हाई हॉर्स पावर के इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव नहीं बनाते तो क्या दुनिया की पहली Double Stack Long Haul Container ट्रेन हम चला पाते? आज भारत में ही बनी एक से एक आधुनिक ट्रेनें भारतीय रेल का हिस्सा हैं. बता दें कि भारत ने हाल ही डबल डेकर मालगाड़ी के डिब्बे चलाए हैं.
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