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News Entry# 434530
Jan 22 (11:31) Bhopal News: बरखेड़ा-बुदनी रेलखंड में बाघ-तेंदुए को बचाने की नई रणनीति... अब दो नहीं, तीन रेलवे लाइन को तार फेंसिंग से करेंगे कवर्ड (www.naidunia.com)
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Jan 22 2021 (11:32)
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Jan 22 2021 (11:32)
Station Tag: Budni/BNI added by Adittyaa Sharma/1421836

Jan 22 2021 (11:32)
Station Tag: Bhopal Junction/BPL added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Bhopal Junction/BPL   Budni/BNI   Barkhera/BKA  
भोपाल, नवदुनिया प्रतिनिधि। बरखेड़ा-बुदनी रेलखंड में बाघ, तेंदुए जैसे वन्‍य प्राणियों को ट्रेन की चपेट में आने से बचाने के लिए रेलवे और वन विभाग ने रणनीति बदल दी है। अब तीनों रेल लाइनों को ऊंची-जालीदार तार फेंसिंग करके कवर्ड किया जाएगा। पूर्व में दो रेल लाइनों को कवर्ड करने की योजना थी। यह काम रेलखंड में अगले दो साल के भीतर रेलवे को करना है। वन विभाग इसमें सहयोग करेगा। इस रेलखंड में पांच साल के भीतर 10 से अधिक वन्यप्राणियों की मौत रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आकर हो चुकी है। इनमें बाघ, तेंदुए, भालू, नीलगाय आदि शामिल हैं।
दरअसल भोपाल-इटारसी रेल मार्ग रातापानी वन्यजीव अभयारण्य से होकर गुजरता है। इसकी सीमा बरखेड़ा से बुदनी के
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बीच लगती है। यहां जंगल के भीतर से दो रेल लाइनें गुजरती थीं। रेल लाइन के दोनों हिस्सों मे घना जंगल है। जिसमें प्राकृतिक जल स्रोत है। बाघ-तेंदुए समेत दूसरे वन्यप्राणी अपने रहवास स्थल में ट्रैक पार करके एक से दूसरी तरफ आना-जाना करते हैं। खासकर गर्मी के दिनों में जंगल में पानी खत्म हो जाता है और प्राकृतिक जल स्रोत ट्रैक के दोनों और सीमित है इसलिए वन्य प्राणी रेलवे लाइन पार करते हैं। ट्रेन की चपेट में आकर वन्‍य प्राणियों की मौत की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए वन विभाग ने रेलवे को पहले तो ट्रेनों की रफ्तार कम करने का प्रस्ताव दिया था। रेलवे ने इससे इन्‍कार कर दिया, क्योंकि ट्रेनों को घाट सेक्शन होने की वजह से कम रफ्तार से नहीं चलाया जा सकता। ऐसा किया गया तो ट्रेन परिचालन में दिक्कत आ सकती है। इसके बाद वन विभाग की तरफ से रेलवे को दो मौजूदा रेल लाइनों को जालीदार तार फेंसिंग करके कवर्ड करने का प्रस्ताव दिया था। रेलवे इसके लिए राजी भी है। इसी बीच बरखेड़ा से बुदनी रेलखंड में सालों से लंबित तीसरी लाइन कीअनुमति मिल गई। बीते एक साल से काम भी चालू है। ऐसे में मध्य प्रदेश वन विभाग, वन्यप्राणी विभाग और रेलवे ने मिलकर तय किया है कि अब दो लाइनों को कवर्ड करने से वन्य प्राणियों को नहीं बचाया जा सकेगा। इसके लिए तीनों लाइनों को कवर्ड करेंगे। तीसरी रेल लाइन का काम चल रहा है। इसके साथ साथ तार फेंसिंग का काम भी शुरू किया जाएगा। इस बात की पुष्टि भोपाल वन वृत्त के सीसीएफ रवींद्र सक्सेना ने भी की है।
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