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News Entry# 387057
  
Jul 19 (02:18) झांसी ‘ए’ बनेगा नया रेलवे स्टेशन (www.amarujala.com)
New Facilities/Technology
NCR/North Central
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News Entry# 387057  Blog Entry# 4381775   
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Jul 19 2019 (02:18)
Station Tag: Jhansi A Cabin/JHSA added by ⚡22222मुंबई राजधानी22221⚡~/1939170

Jul 19 2019 (02:18)
Station Tag: Jhansi Junction/JHS added by ⚡22222मुंबई राजधानी22221⚡~/1939170
झांसी ‘ए’ बनेगा नया रेलवे स्टेशन
झांसी। पुलिया नंबर नौ के नजदीक ए और बी केबिन को खत्म कर रेलवे वहां एक नया तकनीकी झांसी ए स्टेशन बनाएगा। इसके लिए भवन बन गया है। इस स्टेशन को इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। यानी यहां बैठकर स्टेशन मास्टर कंप्यूटर से ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे। इन दिनों पटरियों के बीच बने प्वाइंट को खत्म कर मोटर लगाने का काम अंतिम चरण में है। सितंबर से यह स्टेशन शुरू हो जाएगा। शुरुआत में इस स्टेशन से माल और थ्रू निकलने वाली गाड़ियों को निकाला जाएगा। भविष्य में इसी स्टेशन से ललितपुर और बीना की तरफ जाने वाली पैसेेंजर ट्रेनों को चलाया जाएगा। अभी
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भोपाल, बीना की तरफ से आने वाली ट्रेनों को झांसी रेलवे स्टेशन पर आने से पहले एसी लोको शेड के पास बनी ए केबिन, पुलिया नंबर नौ के पास बनी बी केबिन और इसके बाद रूट रिले सिस्टम की सी केबिन की संचालन व्यवस्था से होकर गुजरना पड़ता है। ए और बी केबिन पर अभी पुरानी व्यवस्था से काम चल रहा है। हर केबिन पर एक स्टेशन मास्टर और लीवरमैन तैनात है। किसी ट्रेन के ए केबिन में प्रवेश करने के बाद लीवरमैन लीवर बदलकर पटरियों के प्वाइंट बदलने का काम करते हैं, इसके बाद स्टेशन मास्टर ट्रेन को आगे बढ़ने का सिगनल देते हैं। ए केबिन से ट्रेन गुजरने के बाद सूचना बी केबिन को दी जाती है। इस व्यवस्था में ए केबिन से ही ट्रेन की गति धीमी होती जाती है। ए केबिन से झांसी स्टेशन की दूरी करीब दो किलोमीटर है, जिसे तय करने में कम से कम दस मिनट का वक्त लग जाता है। मगर, रेल प्रशासन अब ए और बी केबिन को खत्म करने जा रहा है। इनकी जगह दोनों केबिनों के बीच एक नया स्टेशन बनाया जा रहा है। इसके लिए भवन तैयार हो गया है। इसमें इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग लगाई जा रही है। इस सिस्टम में लीवरमैन की आवश्यकता नहीं पड़ती। स्टेशन मास्टर कंप्यूटर के सामने बैठकर माउस चलाकर ही सीधा ट्रेनों का संचालन कर सकेंगे। इसके लिए ए और बी केबिन के बीच पटरियों के बीच स्थित 26 प्वाइंटों पर मोटर लगाने का काम अंतिम चरण में चल रहा है। उम्मीद है कि सितंबर से इस नए स्टेशन का संचालन शुरू हो जाएगा। शुरुआत में इस स्टेशन से थ्रू गाड़ियों (जिन गाड़ियों को स्टेशन पर नहीं रुकना है) और मालगाड़ियों को निकाला जाएगा। भविष्य में बीना और ललितपुर की तरफ जाने वाली पैसेंजर ट्रेनों को इसी स्टेशन से रवाना किया जाएगा। इससे झांसी स्टेशन का भार कम होगा। ‘स्टेशन का भवन बनकर तैयार हो चुका है। इसके शुरू होते ही ए और बी केबिन की व्यवस्था खत्म हो जाएगी। इससे ट्रेनों का संचालन और तेज गति से हो सकेगा।’मनोज कुमार सिंह, जनसंपर्क अधिकारी। ये होंगे फायदे -------------
स्टेशन में प्रवेश करने से पूर्व ट्रेनों की गति बढ़ जाएगी। - लीवर बदलने की पुरानी व्यवस्था खत्म हो जाएगी। - स्टेशन मास्टर से ही काम चल जाएगा, अतिरिक्त कर्मचारी नहीं लगेंगे। - इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग से संरक्षा और बेहतर हो जाएगी। - भविष्य में झांसी से चलने वाली ट्रेनों का यहां से संचालन हो सकेगा।

4 Public Posts - Fri Jul 19, 2019

  

  

  

  

  
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