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12988 - बारह नौ सौ अठासी , इसके नखरे हैं नवाबी ! - Keshav Saxena

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Scenic; Front Entrance - Outside; Large Station Board;
Entry# 4672426-0
Scenic; Night Pic; Front Entrance - Outside; Large Station Board;
Entry# 4672426-0


YNRK/Yog Nagari Rishikesh (3 PFs)
योग नगरी हृषिकेशः     योग नगरी ऋषिकेश

Track: Single Electric-Line

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Near THDC Colony, Rishikesh, Dist. - Dehradun
State: Uttarakhand


Zone: NR/Northern   Division: Moradabad

No Recent News for YNRK/Yog Nagari Rishikesh
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 3
Number of Halting Trains: 0
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: 5.0/5 (34 votes)
cleanliness - excellent (5)
porters/escalators - excellent (5)
food - excellent (4)
transportation - excellent (5)
lodging - excellent (3)
railfanning - excellent (4)
sightseeing - excellent (4)
safety - excellent (4)
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 141 News Items  next>>
Feb 24 (13:52) Indian Railways : अब ऋषिकेश रेल मार्ग पर भी सौ क‍िमी प्रत‍ि घंटे की रफ्तार से दौड़ेंगी ट्रेनें (www.jagran.com)
Other News
NR/Northern
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News Entry# 440627  Blog Entry# 4887176   
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Feb 24 2021 (13:52)
Station Tag: Yog Nagari Rishikesh/YNRK added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688

Feb 24 2021 (13:52)
Station Tag: Dehradun Terminal/DDN added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688

Feb 24 2021 (13:52)
Station Tag: Raiwala Junction/RWL added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688

Feb 24 2021 (13:52)
Station Tag: Haridwar/HW added by महाँकाल एक्सप्रेस/1084688
प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने बताया कि रायवाला-ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रायल में सफल रहने के बाद सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमत‍ि दी गई है। इससे रेल यात्र‍ियों को भी काफी राहत म‍िलेगी।
मुरादाबाद, जेएनएन। रेल प्रशासन ने ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रेनों को सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी कर ली है। रेलवे के ट्रायल में ऋषिकेश रेल मार्ग हाई स्पीड ट्रेन संचालन में सक्षम साबित हो चुका है।  लक्सर से हरिद्वार रेल मार्ग अब दोहरीलाइन में तब्‍दील हो चुका है। इस मार्ग पर ट्रेनें पहले से ही सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती रहींं हैंं। दिसंबर 2020 तक हरिद्वार से देहरादून तक 52 किलोमीटर तक ट्रेनें 50 किलोमीटर प्रतिघंटे
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की रफ्तार से चलती थींं। जबकि ट्रेन के राजाजी नेशनल पार्क में पहुंचते ही ट्रेन की गति घटकर 35 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाती थी। रेल प्रशासन ने रेलवे लाइन व स्टेशनों के यार्ड में सुधार करने के बाद जनवरी 2021 से हरिद्वार से देहरादून के बीच ट्रेनों को सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने के आदेश द‍िए हैं। हरिद्वार-देहरादून के बीच रायवाला से योगनगरी न्यू ऋषिकेश व ऋषिकेश के लिए रेल मार्ग 12 किलोमीटर का है। इस मार्ग पर नई रेलवे लाइन व स्लीपर डाला जा चुका है। उसके बाद भी इस मार्ग पर ट्रेनें 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा रहीं थी। मंगलवार को इस मार्ग पर सौ किलो मीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। यह ट्रायल सफल रहा। इस मार्ग पर भी ट्रेन को सौ किलोमीटर की रफ्तार से चलाने की स्वीकृति दे दी गई है। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि रायवाला-ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रायल में सफल रहने के बाद सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमत‍ि दी गई है। अब ट्रेन हरिद्वार से ऋषिकेश तक सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी।   शॉर्ट मे जानें सभी बड़ी खबरें और पायें ई-पेपर,ऑडियो न्यूज़,और अन्य सर्विस, डाउनलोड जागरण ऐप
मुरादाबाद, जेएनएन। रेल प्रशासन ने ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रेनों को सौ किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाने की तैयारी कर ली है। रेलवे के ट्रायल में ऋषिकेश रेल मार्ग हाई स्पीड ट्रेन संचालन में सक्षम साबित हो चुका है। 
लक्सर से हरिद्वार रेल मार्ग अब दोहरीलाइन में तब्‍दील हो चुका है। इस मार्ग पर ट्रेनें पहले से ही सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलती रहींं हैंं। दिसंबर 2020 तक हरिद्वार से देहरादून तक 52 किलोमीटर तक ट्रेनें 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलती थींं। जबकि ट्रेन के राजाजी नेशनल पार्क में पहुंचते ही ट्रेन की गति घटकर 35 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाती थी। रेल प्रशासन ने रेलवे लाइन व स्टेशनों के यार्ड में सुधार करने के बाद जनवरी 2021 से हरिद्वार से देहरादून के बीच ट्रेनों को सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलाने के आदेश द‍िए हैं। हरिद्वार-देहरादून के बीच रायवाला से योगनगरी न्यू ऋषिकेश व ऋषिकेश के लिए रेल मार्ग 12 किलोमीटर का है। इस मार्ग पर नई रेलवे लाइन व स्लीपर डाला जा चुका है। उसके बाद भी इस मार्ग पर ट्रेनें 50 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से चलाया जा रहीं थी। मंगलवार को इस मार्ग पर सौ किलो मीटर की रफ्तार से ट्रेन चलाकर ट्रायल किया गया। यह ट्रायल सफल रहा। इस मार्ग पर भी ट्रेन को सौ किलोमीटर की रफ्तार से चलाने की स्वीकृति दे दी गई है। प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि रायवाला-ऋषिकेश रेल मार्ग पर ट्रायल में सफल रहने के बाद सौ किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रेन चलाने की अनुमत‍ि दी गई है। अब ट्रेन हरिद्वार से ऋषिकेश तक सौ किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से चलेगी।
 
Feb 19 (13:21) ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना : आरवीएनएन ने पांच किमी सुरंग का काम किया पूरा (www.amarujala.com)
New Facilities/Technology
NR/Northern
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News Entry# 440012  Blog Entry# 4882308   
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Feb 19 2021 (13:21)
Station Tag: Karnaprayag/KNPG added by Saurabh®/1294142

Feb 19 2021 (13:21)
Station Tag: Yog Nagari Rishikesh/YNRK added by Saurabh®/1294142
ऋषिकेश कर्णप्रयाग परियोजना की पांच किलोमीटर सुरंग बनकर तैयार हो गई है। 15 फरवरी तक रेल विकास निगम की ओर यह काम पूरा गया है। अब आरवीएनएल ने हर दिन 100 मीटर सुरंग बनाने का लक्ष्य रखा है। आपदा से निपटने के लिए सुरंगों को सुरक्षित बनाया गया है। इन सुरंगों का डिजाइन भी अलग तरह का है। रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी ने बताया कि 126 किलोमीटर लंबी ऋषिकेश कर्णप्रयाग रेल परियोजना के नौ पैकेज में 80 (फेस) प्रवेश द्वार होंगे। जिसमें से 31 मार्च तक 50 प्रवेश द्वार बनकर तैयार हो जाएंगे।किसी भी आपदा जैसे भूकंप, बाढ़ और आग से निजात पाने के लिए आईआईटी रुड़की के विशेषज्ञों की ओर से साइट स्पेसिफिक स्पेक्ट्रम स्टडी तैयार की गई है, जिसे विदेशों के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों की ओर से जांचा गया है। भूस्खलन से बचने के लिए पोरल स्टेबलाइजेशन किया गया है।सभी बातों का ध्यान में रखकर सुरंगों...
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का डिजाइन तैयार किया गया है। सभी पैकेज में पर्यावरण, स्वास्थ्य और सुरक्षा का ध्यान रखा गया है। इस काम के लिए सभी पैकेज पर एक ठेकेदार और आरवीएनएल का एक एक कर्मचारी तैैनात रहता है। किसी भी प्रकार आपदा से बचने के लिए सुरंगों को सुरक्षित बनाया जा रहा है। यह है 126 किमी रेलवे लाइन के पैकेज
पैकेज - 1- ढालवाला से शिवपुरी
पैकेज- 2- शिवपुरी से ब्यासी
पैकेज - 3- ब्यासी से देवप्रयाग
पैकेज - 4- देवप्रयाग से जनासू
पैकेज- -5- जनासू से श्रीनगर
पैकेज- 6- श्रीनगर से धारी देवी
पैकेज- 7 ए- धारी देवी से तिलनी
पैकेज - 7 बी- तिलनी से घोलतीर
पैकेज- 8- घोलतीर से गौचर
पैकेज-9 गौचर से कर्णप्रयाग
Feb 19 (13:15) एक्सक्लूसिव: 16 हजार करोड़ की ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में फंसा मुआवजे का पेच (www.amarujala.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 440010  Blog Entry# 4882304   
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Feb 19 2021 (13:15)
Station Tag: Karnaprayag/KNPG added by Saurabh®/1294142

Feb 19 2021 (13:15)
Station Tag: Yog Nagari Rishikesh/YNRK added by Saurabh®/1294142
अब केंद्र सरकार की शरण में जाएगी प्रदेश सरकार
उत्तराखंड की सबसे महत्वपूर्ण ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में प्रभावित परिवारों को भी मुआवजा देने का पेच फंस गया है। इस मामले में परियोजना निर्माण से संबंधित शिकायतों के निपटारे के लिए गठित ट्रिब्यूनल ने भू स्वामी के अलावा प्रभावितों को भी मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। ट्रिब्यूनल के इस फैसले ने राज्य सरकार को धर्मसंकट में डाल दिया है। चिंता में डूबी प्रदेश सरकार ने अब इस पेच को सुलझाने के लिए केंद्र सरकार का सहारा लेने का फैसला किया है।करीब 16 हजार करोड़ की इस परियोजना को 2025 तक हर हाल मेें पूरा करने का इरादा जाहिर किया जा रहा है। परियोजना को गति देने के लिए मुआवजे के लिए इस परियोजना
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का निर्माण कर रहे रेल विकास निगम ने करीब 496 करोड़ रुपये का इंतजाम भी किया हुआ है। अब इस मुआवजे को बांटने में ही पेच फंस गया है। रेल परियोजना निर्माण में शिकायतों को निपटाने के लिए गठित ट्रिब्यूनल ने रेल विकास निगम को प्रभावित या हितबद्ध परिवारों को भी मुआवजा देने का आदेश दिया था।ट्रिब्यूनल के इस आदेश से रेल विकास निगम को अब मुआवजा बांटने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इससे मुआवजे की राशि तो बढ़ ही जाएगी। साथ ही मुआवजा बांटने में भी अधिक समय लगेगा। इससे सरकार भी खासी चिंतित है। मुख्य सचिव ओम प्रकाश की अध्यक्षता में अधिकारियों की बैठक में इस पर विचार भी किया गया और रास्ता निकालने के लिए केंद्र सरकार का सहयोग लेने का फैसला किया गया। क्या है मुआवजे को लेकर फंसा यह पेचअधिकारियों के मुताबिक अभी तक यह तय हुआ था कि परियोजना में भूमि अधिग्रहण के मामलों में भू स्वामी को मुआवजा दिया जाए। रेल परियोजना का अधिकतर हिस्सा पर्वतीय जिलों में है। यहां गोल खातों का प्रचलन है और कई सालों से बंदोबस्त नहीं हुआ है। ऐसे में भूमि के कुछ कब्जाधारकों ने ट्रिब्यूनल से मुआवजेे की मांग की। ट्रिब्यूनल ने आदेश दिया कि प्रभावित परिवारों को भी मुआवजा दिया जाए। ऐसे में परियोजना संचालकों को भूमि से जीवन यापन कर रहे परिवारों को भी मुआवजा देना होगा। हाल यह है कि भूमि एक व्यक्ति के नाम है और उससे जीवन यापन करने  वाले कई परिवार हैं।राजस्व विभाग खोज रहा है तरीकाराजस्व विभाग भू स्वामियों को मुआवजा देने के पक्ष के विकल्प को भी अजमाने की कोशिश में है। इसके लिए संबंधित जिले टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली आदि के जिलाधिकारियों को हाईकोर्ट की शरण लेने को कहा गया है। इसके साथ ही तय किया गया है कि इस मामले को लेकर केंद्र सरकार से राय ली जाए।आशंका:  दूसरी परियोजनाएं न हों प्रभावितप्रदेश में 12000 करोड़ की चार धाम सड़क परियोजना पर भी काम हो रहा है। इसमें भी बड़े पैमाने पर जमीन का अधिग्रहण किया गया है। कर्णप्रयाग-ऋषिकेश परियोजना में अगर प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना पड़ा तो इस सड़क परियोजना की लागत और दिक्कतें बढ़ सकती हैं।2013 का भूमि अधिग्रहण संबंधित अधिनियम भी आ रहा आड़ेकेंद्र सरकार ने 2013 में राइट टू फेयर कंपन सेेशन एक्ट लागू किया था। इस एक्ट के तहत भूमि से जीवन यापन कर रहे परिवार, तीन साल से किराये पर रहे परिवार, कारीगरों आदि को मुआवजा  देने का प्रावधान है। अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग  व्यवस्थामुआवजे के इस फेर में राज्य सरकार और रेल विकास निगम अलग वजह से भी फंसे हुए हैं। मुआवजा देने के राज्यों में अलग-अलग नियम और कानून हैं। ऐसे में मुआवजा बांटना और जटिल हो  गया है।न्याय से इस मामले में राय ली गई थी। रेल विकास निगम का मत भी लिया गया है। तय किया गया है कि केंद्र सरकार से इस मामले में राय ली जाए। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। जल्द ही इसका समाधान निकालने की कोशिश है। -सुशील कुमार, सचिव राजस्व, उत्तराखंड
Feb 18 (06:33) कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर हुआ पांच किमी टनल का निर्माण (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 439694  Blog Entry# 4880853   
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Feb 18 2021 (06:33)
Station Tag: Yog Nagari Rishikesh/YNRK added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Trains:  Chamundi Express/16216  
Stations:  Yog Nagari Rishikesh/YNRK  
जागरण संवाददाता, ऋषिकेश : ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर रेल विकास निगम अब तक पांच किलोमीटर टनल का निर्माण पूरा कर चुका है। जिसमें मुख्य टनल के अलावा एडिट टनल व एस्केप टनल भी शामिल हैं। परियोजना को निश्चित समय पर पूरा करने के लिए प्रतिदिन 100 मीटर टनल निर्माण का लक्ष्य रखा गया है।
कोरोना काल के चलते देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना का काम भी बाधित रहा। मगर लॉकडाउन समाप्त होने के बाद परियोजना का काम तेजी से आगे बढ़ा। रेल विकास निगम ने सभी नौ पैकेज के कार्य के लिए टेंडरिग के पश्चात वर्क आर्डर जारी कर दिए हैं। 16216 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हो रही 125 किलोमीटर लंबी इस रेल
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परियोजना में 105 किलोमीटर रेल लाइन 17 सुरंगों के भीतर से गुजरेगी। इस परियोजना के निर्माण के लिए रेल विकास निगम नौ पैकेज में काम को अंजाम दे रहा है। इन नौ पैकेज में 80 फेस में काम किया जा रहा है। इस परियोजना पर बनने वाली 17 सुरंगों में से कई सुरंगों का काम शुरू भी कर दिया गया है।
अच्छी बात यह है कि अब तक ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर पांच किलोमीटर सुरंग तैयार की जा चुकी है, जिनमें मुख्य टनल के अलावा एडिट टनल इ एस्कैप टनल भी शामिल हैं। परियोजना पर कई टनल 10 किलोमीटर से भी अधिक लंबाई की हैं। इस तरह की सुरंगों में प्रवेश के लिए छह एडिट टनल भी बनाई जा रही हैं। जिनमें तीन टनलों का काम पूरा हो चुका है।
रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी ने बताया कि परियोजना का काम तय समय पर पूरा करने के लिए रेल विकास निगम प्रतिबद्ध है। इसके लिए प्रतिदिन 100 मीटर सुरंग तैयार करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि 31 मार्च तक सभी नौ पैकेज के 80 फेस में से 50 फेस में काम शुरू हो जाएगा।
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आपदा की दृष्टि से बरती जा रही पूरी सावधानी
रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुड़ी ने बताया कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना में बनने वाली सभी टनलों में फ्लैश फ्लड, भूकंप तथा आग जैसी आपदाओं की दृष्टि से सुरक्षा के सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सभी सुरंगों की साइट स्पेसिफिक स्पेक्ट्रम स्टडी आइआइटी द्वारा की गई है। जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों द्वारा प्रूफ चेक किया गया है। उन्होंने बताया कि सभी पैकेज में पर्यावरण तथा सुरक्षा से संबंधित विशेषज्ञों की तैनाती संबंधित कार्यकारी संस्थाओं द्वारा की गई है।
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चंद्रभागा रेल ब्रिज का निर्माण पूरा
ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना पर पहला रेल ब्रिज ऋषिकेश से ढालवाला के बीच चंद्रभागा नदी पर बनाया जा रहा है। इस रेल ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। रेल विकास निगम के वरिष्ठ परियोजना प्रबंधक ओमप्रकाश मालगुडी ने बताया कि चंद्रभागा रेल ब्रिज के अलावा लछमोली तथा श्रीनगर में बन रहे रेल ब्रिज का निर्माण कार्य अभी तेजी से चल रहा है। लछमोली रेल ब्रिज सितंबर 2021 तथा श्रीनगर रेलवे ब्रिज दिसंबर 2021 तक पूरा हो जाएगा। इसके अलावा चौरास, कालेश्वर तथा श्रीनगर में रोड ब्रिज का निर्माण भी जारी है।
Feb 14 (10:11) Haridwar Kumbh Mela 2021 : कुंभ श्रद्धालुओं को एसएमएस से म‍िलेगी ट्रेनों की जानकारी, दो घंटे पहले पहुंचेगा रेलवे का मैसेज (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
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News Entry# 438997  Blog Entry# 4876447   
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Feb 14 2021 (10:11)
Station Tag: Haridwar/HW added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 14 2021 (10:11)
Station Tag: Yog Nagari Rishikesh/YNRK added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Feb 14 2021 (10:11)
Station Tag: Moradabad Junction/MB added by Anupam Enosh Sarkar/401739
मुरादाबाद, जेएनएन। Haridwar Kumbh Mela train SMS facility। कुंभ मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को ट्रेन से संबंधित सूचनाएं एसएमएस से देने की व्यवस्था की गई है। यात्रियों को ट्रेन का समय, ट्रेन किस प्लेटफार्म पर आएगी आदि की जानकारी म‍िलेगी।
उत्तराखंड सरकार 27 फरवरी से 27 अप्रैल तक कुंभ मेले की घोषणा करने जा रहा है। रेलवे का मानना है कि 27 फरवरी से ट्रेनों से जाने वाले यात्रियों की संख्या बढ़ेगी। रेलवे यात्रियों की सुविधा व सूचनाएं उपलब्ध कराने के लिए कई व्यवस्था की गई है। मेला स्थल पर भी पूछताछ कक्ष व ट्रेन डिस्पेल बोर्ड तक लगाया गया है। इसके अलावा एप भी तैयार किया गया है। जिसके माध्यम से ट्रेन से संबंधित जानकारी म‍िलेगी। स्टेशन पर सेंट्रल पूछताछ
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कक्ष बनाया गया है। जहां से हरिद्वार के अलावा दिल्ली, मुरादाबाद से चलने वाली ट्रेनों की जानकारी प्राप्त होगी। रेलवे श्रद्धालुओं को ट्रेन से सबंधित सूचना देने के लिए एसएमएस की व्यवस्था भी की है। हरिद्वार व योग नगरी न्यू ऋषिकेश से ट्रेन में सवार होने वाले यात्रियों को इस सुविधा का लाभ म‍िलेगा। ट्रेन आने से दो घंटे पहले एसएमएस पहुंचेगा, जिसमें ट्रेन कितने बजे हरिद्वार या योगनगरी पहुंचेगी और कितने बजे चलेगी, इसकी जानकारी होगी। इसके अलावा क‍िस प्लेटफार्म पर ट्रेन आएगी, इसकी भी जानकारी दी जाएगी। ट्रेन लेट होने की भी जानकारी एसएमएस द्वारा दी जाएगी। सहायक वाणिज्य प्रबंधक नरेश सिंह ने बताया कि कुंभ में आने वाले यात्रियों को एसएमएस के द्वारा जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी। कुंभ मेला स्थल पर स्टेशन परिसर पर भी ट्रेन से संबंधित सूचनाएं देने की व्यवस्था की गई है।
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