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Vivek Express: ऊंचे नीचे रास्ते और मंज़िल तेरी दूर.

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Tue May 24 23:49:56 IST
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REASI/Reasi
رِیاسی     रियासी

Track: Construction - New Line

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Chaurakot, Reasi, 182311 J&K
State: Jammu and Kashmir


Zone: NR/Northern   Division: Firozpur

No Recent News for REASI/Reasi
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: n/a
Number of Halting Trains: 0
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
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Rating: 5.0/5 (1 votes)
cleanliness - n/a (0)
porters/escalators - n/a (0)
food - n/a (0)
transportation - excellent (1)
lodging - n/a (0)
railfanning - n/a (0)
sightseeing - n/a (0)
safety - n/a (0)
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 22 News Items  next>>
Mar 06 (21:54) जम्मू-कश्मीर: सांबा-हीरानगर के बीच 120 की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन, ट्रैक तैयार (www.amarujala.com)
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News Entry# 479497  Blog Entry# 5235978   
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Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Reasi/REASI added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Banihal/BAHL added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Baramula/BRML added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Srinagar Kashmir/SINA added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Firozpur Cantt. Junction/FZR added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Udhampur/UHP added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Chak Rakhwal/CRWL added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Pathankot Cantt/PTKC added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Jammu Tawi/JAT added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Shri Mata Vaishno Devi Katra/SVDK added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Hira Nagar/HRNR added by Adittyaa Sharma/1421836

Mar 06 2022 (21:54)
Station Tag: Samba/SMBX added by Adittyaa Sharma/1421836
विस्तार सांबा-हीरानगर सेक्शन के बीच 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन चलेगी। इसके लिए ट्रैक तैयार किया गया है। रेलवे जल्द इस सेक्शन को शुरू करेगा, जिसके बाद ट्रेन अपनी पूरी गति के साथ चलेगी। शनिवार को वार्षिक निरीक्षण के लिए पहुंचे उत्तर रेलवे महाप्रबंधक आशुतोष गंगल ने इस सेक्शन का दौरा किया और निर्माण कार्य की जांच कर जल्द इसे शुरू करने के लिए कहा।विज्ञापनश्री माता वैष्णो देवी कटरा-जम्मूतवी-पठानकोट कैंट रेलखंड के वार्षिक निरीक्षण के लिए शनिवार को महाप्रबंधक यहां पहुंचे थे। उन्होंने कठुआ से लेकर कटड़ा रेलवे स्टेशन तक ट्रैक का निरीक्षण किया और स्टेशन पर यात्रियों को मुहैया करवाई जा रहीं सुविधाओं का जायजा लिया। जम्मू रेलवे स्टेशन के निरीक्षण के दौरान उन्होंने 560 किलोवाट सोलर प्लांट को देखा।रेलवे अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन के भवनों और प्लेटफार्म पर प्लांट स्थापित कर दिया है, जिससे कार्यालयों में कामकाज हो रहा है। महाप्रबंधक ने स्टेशन पर वेटिंग...
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रूम, रिफ्रेशमेंट रूम, पार्सल मैनेजमेंट सिस्टम, सर्कुलेटिंग एरिया और चाइल्ड हेल्प डेस्क का भी कामकाज जाना। चकरखवाल-उधमपुर सेक्शन के बीच लगभग तीन किलोमीटर लंबी टनल का अवलोकन किया।मनवाल स्टेशन पर भी किया निरीक्षणउन्होंने बताया कि जीएम ने मनवाल स्टेशन पर यात्री सुविधाओं और स्टाफ के क्वार्टरों का भी निरीक्षण किया। छन अरोरियां-कठुआ सेक्शन के बीच लेवल क्रॉसिंग गेट संख्या-18 तथा 24 की कार्यप्रणाली की जांच की और गेटमेनों को नकद पारितोषिक प्रदान किया। मौके पर फिरोजपुर मंडल की डीआरएम सीमा शर्मा व अन्य अधिकारी मौजूद रहे। टनल 77 की खुदाई काम पूराजम्मू। उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक पर कटड़ा-रियासी-बनिहाल सेक्शन पर बन रहे टनल टी-77 डी की खुदाई का काम पूरा हो गया है। रेलवे इंजीनियरों ने टनल के दोनों ओर खुदाई का काम पूरा कर लिया है। टनल की खुदाई का काम पूरा होने से रेलवे ने घाटी को रेल नेटर्वक से जोड़ने के लिए एक और कदम आगे बढ़ाया है। केंद्रीय राज्यमंत्री जितेंद्र सिंह ने अपने ट्विटर हैंडल से टनल के खुदाई का काम पूरा होने का वीडियो शेयर किया है। ब्यूरोविज्ञापन
Feb 17 (19:29) उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक: भारतीय रेल की सबसे लंबी टनल के दोनों सिरे मिले, कटड़ा से कश्मीर तक ट्रेन पहुंचाने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम (www.amarujala.com)
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News Entry# 477949  Blog Entry# 5220808   
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Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Reasi/REASI added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Banihal/BAHL added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Shri Mata Vaishno Devi Katra/SVDK added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Udhampur/UHP added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Baramula/BRML added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Srinagar Kashmir/SINA added by Adittyaa Sharma/1421836
विस्तार उत्तरी रेलवे ने कटड़ा-बनिहाल सेक्शन में देश की सबसे लंबी रेल टनल के दोनों सिरे मिलाने में सफलता हासिल कर ली है। 12.758 किलोमीटर लंबी टी-49 टनल में लाइन एंड लेवल ब्रेकथ्रू के साथ ही कश्मीर घाटी को रेल के जरिये सीधे देश से जोड़ने का काम तेज होगा। राष्ट्रीय महत्व की 272 किलोमीटर लंबे उधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) परियोजना के अधिकारी ने बताया कि टी-49 टनल बनने के बाद यह सुरंग भारतीय रेलवे की सबसे लंबी होगी। विज्ञापनअभी तक बनिहाल-काजीगुंड सेक्शन में बनाई गई पीर पंजाल टनल (11.2 किमी) सबसे लंबी है। टी-49 टनल का दक्षिणी मुहाना रामबन जिला मुख्यालय से 45 किलोमीटर दूर सुंबर गांव में है, जिसकी समुद्रतल से ऊंचाई 1200 मीटर है, वहीं टनल का उत्तरी मुहाना 1600 मीटर की ऊंचाई पर खड़ी तहसील के अरपिंचला गांव में है।भारतीय रेलवे की सबसे लंबी टनल में दो ट्यूब हैं, जिसमें एक मुख्य और एक एस्केप टनल है। टनल...
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का निर्माण ऑस्ट्रियल टनलिंग मैथड के साथ किया जा रहा है। घोड़े की नाल जैसी घुमावदार होगी टनलसबसे लंबी टनल घोड़े की नाल जैसी घुमावदार बनाई जा रही है। बेहद चुनौतीपूर्ण भौगोलिक परिस्थितियों में टनल के भीतर तक पहुंच बनाने के लिए तीन अस्थायी रास्तों का निर्माण किया गया। यहीं से मशीनरी और अमले की आवाजाही की जा रही है।टनल में हर 375 मीटर के फासले प क्रॉस पैसेज बनाए गए हैं, जिससे आपात स्थिति में रेस्क्यू अथवा मरम्मत कार्य किया जा सकेगा। चढ़ाई ज्यादा होने के बावजूद यहां रेल की गति 100 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
Feb 17 (19:27) कटड़ा-बनिहाल रेल परियोजना में जारी निर्माण कार्यों में तेजी लाने के दिए निर्देश, नार्दर्न रेलवे के जीएम ने लिया जायजा (m.jagran.com)
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News Entry# 477948  Blog Entry# 5220807   
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Feb 17 2022 (19:29)
Station Tag: Baramula/BRML added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:27)
Station Tag: Srinagar Kashmir/SINA added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:27)
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Feb 17 2022 (19:27)
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Feb 17 2022 (19:27)
Station Tag: Reasi/REASI added by Adittyaa Sharma/1421836

Feb 17 2022 (19:27)
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Feb 17 2022 (19:27)
Station Tag: Jammu Tawi/JAT added by Adittyaa Sharma/1421836
निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए आशुतोष गंगल जम्मू संभाग के रियासी जिला पहुंचे जहां उन्होंने उत्तर रेलवे कोंकण रेलवे और विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के सीईओ के साथ बैठक कर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
जम्मू, जागरण संवाददाता : देश की महत्वाकांक्षी ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक परियोजना में चल रहे निर्माण कार्यों में तेजी लाने के नार्दर्न रेलवे के जनरल मैनेजर आशुतोष गंगल ने निर्देश दिए हैं। उन्होंने यह निर्देश इस रेल लिंक परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान दिए। निर्माण कार्यों का जायजा लेने के लिए आशुतोष गंगल जम्मू संभाग के रियासी जिला पहुंचे, जहां उन्होंने उत्तर रेलवे, कोंकण रेलवे और विभिन्न कार्यकारी एजेंसियों के सीईओ के साथ बैठक कर चल रहे निर्माण कार्यों की समीक्षा की।
नार्दर्न
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रेलवे के जनरल मैनेजर आशुतोष गंगल रियासी जिले के सवालाकोट क्षेत्र में निर्माणाधीन टनल-13 व 14 के अलावा पुल संख्या 60 के निर्माण कार्यों का दौरा कर वहां जारी निर्माण कार्य का जायजा लिया। गंगल कटड़ा तथा रियासी रेल सेक्शन में बन रहे देश के पहले केबल ब्रिज जो अंजी खड्ड पर बन रहा है, उसमें भी गई। उन्होंने मेगा ब्रिज नंबर-39 तथा टनल नंबर-1 का भी निरीक्षण किया और निर्माण एजेंसी को जरूरी दिशा निर्देश दिए।
गंगल ने इस दौरान उत्तर रेलवे और कोंकण रेलवे के अधिकारियों को इस परियोजना की बारीकी से निगरानी करने और निर्धारित लक्ष्य के अंदर कार्यों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। ज्ञात रहे कि ऊधमपुर-श्रीनगर-बारामुला रेल लिंक परियोजना के 272 किलोमीटर रेल मार्ग में से 161 किलोमीटर का कार्य पहले ही पूरा कर लिया गया है जिसमें रेल यातायात चल रहा है। कटड़ा और बनिहाल के बीच शेष बचे 111 किलोमीटर मार्ग पर कार्य तेज़ी से चल रहा है। इसी सेक्शन में विश्व का सबसे ऊंचा रेल पुल भी बनाया जा रहा है।
Apr 05 2021 (23:36) Jammu Kashmir: विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल के आर्च का काम पूरा, प्रधानमंत्री ने देशवासियों को दी बधाई (m.jagran.com)
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Apr 05 2021 (23:36)
Station Tag: Katni Junction/KTE removed by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 05 2021 (23:36)
Station Tag: Baramula/BRML added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 05 2021 (23:36)
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Apr 05 2021 (23:36)
Station Tag: Jammu Tawi/JAT added by Adittyaa Sharma/1421836
जम्मू संभाग के रियासी जिले में चिनाब दरिया पर बन रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल की आर्च का निर्माण सोमवार को पूरा हो गया है। आर्च के अंतिम हिस्से को जोड़ने के इतिहासिक क्षणों के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी।
रियासी, जागरण संवाददाता : जम्मू संभाग के रियासी जिले में चिनाब दरिया पर बन रहे विश्व के सबसे ऊंचे रेलवे पुल की आर्च का निर्माण सोमवार को पूरा हो गया है। आर्च के अंतिम हिस्से को जोड़ने के इतिहासिक क्षणों के मौके पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को बधाई दी। वहीं रेल मंत्री पीयूष गोयल और रेलवे बोर्ड के सीईओ एवं अध्यक्ष सुनीत शर्मा वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये निर्माण
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कार्य की साइट एवं वहां आयोजित कार्यक्रम से जुड़े। जबकि उत्तर रेलवे एवं निर्माण विभाग के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल सहित निर्माण विभाग के कई आला अधिकारी वर्क साइट पर उपस्थित रहकर इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
पुल की अर्धचंद्राकार आर्च के निर्माण कार्य को कुछ दिन पहले ही लगभग पूरा कर लिया गया था, लेकिन काम को शत-प्रतिशत पूरा करने के लिए आर्च के मध्य में 5.6 मीटर भाग को जोड़ना बाकी रह गया था, जिसे सोमवार को पूरा कर लिया गया। जैसे ही यह काम पूरा हुआ तो निर्माण टीम द्वारा हाउ द जोश, हाई सर... और भारत माता के जय घोष लगाए गए। जबकि वहां उपस्थित हर किसी ने देश के लिए इतिहास बने इस क्षण पर तालियां बजाकर अपनी खुशी व्यक्त की।
इस मौके पर काम की साइट पर आयोजित भव्य कार्यक्रम में उपस्थित रेलवे के आला अधिकारियों ने बताया कि रेलवे के इतिहास में विश्व के सबसे ऊंचे निर्माणाधीन इस पुल की आर्च का काम सबसे चुनौतीपूर्ण भाग था, जिसका पूरा हो जाना देश तथा देशवासियों के लिए गर्व की बात है। इस चुनौती से पार पाकर मिलने वाली खुशी को शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता। उन्होंने आर्च का काम पूरा करने वाले इंजीनियरों तथा बाकी टीम को बधाई देकर उनके इस काम को इंजीनियरिंग की बेजोड़ मिसाल करार दिया।
इस पुल और आर्च निर्माण की खास बातें
डेक सिगमेंट का काम शुरू होगा
कौड़ी पुल के प्रोजेक्ट मैनेजर विश्वमूर्ति ने बताया कि 5 अप्रैल को फाइनल सेगमेंट को जोड़कर पुल की आर्च का काम पूरा कर लिया है। अब यह खुद ही अपना वजन संभाल लेगी। उन्होंने बताया कि कि यहां हवा काफी तेज चलती है। पुल को ऐसा डिजाइन किया गया है कि यह 267 किलोमीटर प्रति सेकेंड की रफ्तार वाली हवा को भी झेलने में सक्षम है। यहां
बारिश और तेज हवा में आर्च का काम काफी चुनौतीपूर्ण रहा। जब भी हवा 15 किलोमीटर प्रति सेकंड होने लगती तो काम बंद करना मजबूरी बन जाता था। अब डेक सिगमेंट का काम शुरू किया जाएगा। उम्मीद है कि बाकी काम को जून, 2022 तक पूरा कर लिया जाएगा।
Apr 05 2021 (15:59) Chenab arch to bridge distance between Kashmir, Kanyakumari (indianexpress.com)
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Apr 05 2021 (15:59)
Station Tag: Baramula/BRML added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 05 2021 (15:59)
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Station Tag: Banihal/BAHL added by Adittyaa Sharma/1421836

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Station Tag: Udhampur/UHP added by Adittyaa Sharma/1421836

Apr 05 2021 (15:59)
Station Tag: Jammu Tawi/JAT added by Adittyaa Sharma/1421836
A half-a-kilometre long arch, the defining feature of the world’s highest railway bridge over river Chenab, is set to be completed on Monday. And with this, the biggest civil-engineering challenge faced by any railway project in India in recent history will be over.
The 5.3-metre last piece of metal will be fitted at the highest point on Monday and join the two arms of the arch that currently stretch towards each other from both the banks of the river. This will complete the shape of the arch that will then loom over the treacherous Chenab, flowing some 359 metres below.
The
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arch, the most difficult part of the Rs 1,400-crore bridge over Chenab, is a major leap towards the completion of the 111 km long-winding stretch from Katra to Banihal. It will symbolise the Kashmir rail link, to be ready for at least a century. In other words, a train from Kanyakumari can reach all the way to Kashmir uninterrupted.
At present, the Kashmir link means a 25-km stretch from Udhampur to Katra, an 18-km stretch from Banihal to Qazigund in the Valley and thereafter the 118-km Qazigund to Baramulla line. All these have been operational for years. The only missing piece in the link is the Katra-Banihal stretch, and the bridge over Chenab was the main engineering hurdle holding up the progress all these years.
The cable crane that will do the job of completing the arch itself measures around 900 meters, and is said to be the longest in the world, made especially for this project.
“Up there, the winds are so rough that we have to stop work several times and resume only when the wind calms down and the weather is right,” said Vijay Sharma, head of the Udhampur–Srinagar–Baramulla Rail Link (USBRL) National Project in Jammu and Kashmir, the arm of Northern Railway that is executing the work.
The moment the winds hit 50-60 km per hour, work stops. And that is how it has been over the past two-and-a-half years it has taken for the arch to be completed.
The Chenab bridge has been mired in controversy since its inception because it is bang in the middle of Seismic Zone IV and nestled in the young, folding Himalayas—making it a tough call for railway engineers. A railway bridge like this, with this kind of geography, has not been made anywhere in the world, according to the Railways. There is also a much smaller Anji bridge before Chenab, but that cable-stayed bridge is nothing when compared to this work, engineers said.
With the arch complete, it is now possible to estimate when the entire project will be complete. So now the much-touted Chenab bridge is scheduled to be completed by this time next year—give or take a few days. “From the erection or structural point of view, the arch was the main, most difficult, item in the whole construction of the bridge. Now, the remaining work, like laying of the deck and the rest will be done over the next 12 months,” he said.
Over the last 2.5 years, engineers have been building the arch with the help of two mammoth cable cranes installed on both banks of the Chenab— the Kauri end and the Bakkal end.
The biggest challenge was that the 550-meter arch, weighing 10,000 metric tons, had to stand only with the support from the two embankments and without any intermediate pier, since the river is 359 meters below and no pier could possibly come at a height like that. From “support to support”, the distance is 467 meters. The whole bridge is going to weigh around 29,000 metric tons. Engineers started work from both embankments simultaneously, starting with the installation of the cranes that would launch the arch.
Each specially designed cable crane, installed at the two banks by Afcons, are around a kilometer long. The two cranes have been working independently and also in synchrony, from each bank and joining pieces of the arch bit by bit.
And for the wielding of the pieces, a national accredited welding lab cum workshop was erected on the construction site, to speed up work—a first for a project in India. Steel pieces are cut with computerised machines, then they are tested as per the standard before being okayed for deployment.
The total length of all the wielding done for the arch, if added, is around 550 km— “almost the distance between Delhi and Jammu,” Sharma said.
Rain, thunderstorms, landslides and even snowfall, have stopped work regularly. They still do. A lot of precision artisanal work is also required because of which workers need to scale the heights with safety gear and perform the various jobs. Along with the engineering challenge, the challenges posed by weather were the biggest hurdle, said Vishwa Murthy, Project Manager of Afcons Infrastructure, which is executing the work for Railways.
“We have been starting work at 5 am every day to continue till late evening, sometimes stretching into extended hours also. After the arch is completed, dismantling the cables, which are now supporting the structure, will take about a month,” he said.
And then there was COVID-19 over the past one year.
Railways, with special assistance from the J&K government, have now got all the 680-odd workers, officers and engineers at the Chenab site vaccinated for free. Every new entrant to the camp is isolated and tested before entry.
By afternoon of Monday, the 5.3 meter metal piece, dangling from one end of a crane, will be slowly placed on the top of the arch. First there will be snug tightening, then a torquing machine will tighten it further as per a pre-set value, and finally the bolt is turned further 90 degrees till it reaches its ultimate strength as per design.
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