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NCR - maar bhi, raftaar bhi - Harshit Sharma

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Entry# 2053378-0

BIA/Bhilai (4 PFs)
     भिलाई

Track: Triple Electric-Line

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NH 6, Near Water Tank, Bhilai
State: Chhattisgarh

Elevation: 309 m above sea level
Zone: SECR/South East Central   Division: Raipur

No Recent News for BIA/Bhilai
Nearby Stations in the News
Type of Station: Regular
Number of Platforms: 4
Number of Halting Trains: 31
Number of Originating Trains: 0
Number of Terminating Trains: 0
Rating: 3.8/5 (8 votes)
cleanliness - excellent (1)
porters/escalators - average (1)
food - average (1)
transportation - average (1)
lodging - good (1)
railfanning - excellent (1)
sightseeing - excellent (1)
safety - good (1)
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Station News

Page#    Showing 1 to 20 of 89 News Items  next>>
Jan 13 (07:47) थिक वेब ऐसेमेट्रिक रेल पटरी के उत्पादन में बीएसपी ने बनाया नया पाली रिकार्ड (www.naidunia.com)
Other News
SECR/South East Central
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News Entry# 433079  Blog Entry# 4842817   
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Jan 13 2021 (07:47)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Bhilai/BIA  
भिलाई। रेलवे यार्ड और क्रासिंग पर बिछाई जाने वाली रेल पटरी थिक वेब ऐसेमेट्रिक के उत्पादन में भिलाई इस्पात संयंत्र ने पुराना रिकार्ड तोड़ दिया है। अधिक उत्पादन करके संयंत्र ने अपनी क्षमता का एहसास कराया है। आत्मनिर्भर भारत के अभियान में योगदान भी किया है। यूरोपी देशों से आने वाली ऐसेमेट्रिक रेल पटरी का उत्पादन भिलाई इस्पात संयंत्र भी करता है।
जटिल मापदंड और कठिन ढलाई की प्रक्रिया से गुजरने के बाद ऐसेमेट्रिक रेल पटरी का उत्पादन होता है। इस श्रेणी की पटरी की क्षमता सामान्य पटरी से कई गुना अधिक होती है। रेलवे यार्ड, क्रासिंग, नमी वाले स्थान पर इस पटरी को बिछाया जाता है। यह पटरी जंगरोधी और अधिक भार सहन करने की क्षमता रखती है।
भिलाई
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इस्पात संयंत्र के जनसंपर्क विभाग का कहना है कि 11 जनवरी को रेल और स्ट्रक्चरल मिल ने थिक वेब ऐसेमेट्रिक रेल पटरी की ढलाई में एक नया रिकार्ड बनाया है। ए-शिफ्ट में 131 ब्लूम्स की रोलिंग कर 30 सितंबर-2020 को 117 ब्लूम्स के रोलिंग रिकार्ड को ध्वस्त किया।
ब्लूम्स की ढलाई करके ही रेल पटरी बनाई जाती है। ब्रिगेड-3 के शिफ्ट मैनेजर दीपक तिवारी के ब्रिगेड ने नया पाली रिकार्ड बनाने में कामयाबी हासिल की है। उनकी इस उपलब्धि पर बीएसपी के डायरेक्टर इंचार्ज अनिर्बान दासगुप्ता ने भी पीठ थपथपाई है।
विदित हो की थिक वेब ऐसेमेट्रिक रेल पटरी सेल का एक आयात स्थानापन्ना उत्पाद है, जो आत्मनिर्भर भारत के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत करता है। थिक वेब ऐसेमेट्रिक रेल पटरी सेल का एक उच्च एनएसआर मूल्य वर्धित उत्पाद है और इसके उत्पादन में नए मानदंड स्थापित करने से न केवल लाभप्रदता में सुधार होगा, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लिए रास्ते भी सुदृढ़ होंगे।
Jan 09 (17:59) दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे GM ने किया दुर्ग जंक्शन का निरीक्षण, लोगों ने पूछा साहब लोकल ट्रेन कब चलेगी तो बोले.... (www.patrika.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
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News Entry# 432623  Blog Entry# 4839429   
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Jan 09 2021 (18:00)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Jan 09 2021 (17:59)
Station Tag: Dallirajhara/DRZ added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Jan 09 2021 (17:59)
Station Tag: Durg Junction/DURG added by Anupam Enosh Sarkar/401739
भिलाई. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे महाप्रबंधक गौतम बनर्जी दल्लीराजहरा की ओर से वार्षिक निरीक्षण करते हुए शुक्रवार को दुर्ग रेलवे स्टेशन पहुंचे। उन्होंने पहले जनप्रतिनिधियों से मिलकर उनकी मांगों को सुना। लोकल ट्रेन शुरू करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि लोकल ट्रेन चलाने का फैसला रेल मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय का है। इसके बाद राज्य सरकार से चर्चा की जाएगी। तब लोकल ट्रेन शुरू हो सकती है। इस वक्त केवल स्पेशल ट्रेनें ही चलाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ और साउथ बिहार एक्सप्रेस को भिलाई-3 रेलवे स्टेशन में स्टॉपेज की मांग की है। पीपी यार्ड में नया शेड तैयार किया जा रहा है यहां कर्मियों के लिए पोस्ट क्रिएट किया जाए।
नवनिर्मित
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आवासों का किया लोकार्पण
जीएम ने दल्लीराजहरा स्टेशन पर 25 नवनिर्मित रेल आवास टाइप-2 का लोकार्पण किया। आरपीएफ बैरक, रेलवे स्टाफ के रेलवे आवासों का निरीक्षण किया। दल्लीराजहरा में बाल उद्यान व ओपन जिम का भी लोकार्पण किया। इसके अलावा फ्रेट मेंटेनेंस सुविधा कैरिज एंड वैगन का लोकार्पण किया। बीओबीएसएन (एच) वैगन मेंटेनेंस पुस्तक का विमोचन भी महाप्रबंधक के हाथों किया गया। यहां उन्होंने पौधरोपण भी किया। कुसुमकसा व बालोद रेलवे ट्रैक पर महाप्रबंधक ने डीटीएम-26 का निरीक्षण किया। गैंग के सदस्यों ट्रैकमेनों संरक्षा उपायों पर चर्चा करते हुए उनके कार्य प्रणाली की जानकारी ली साथ ही ट्रॉली द्वारा रेलवे ट्रैक का इंस्पेक्शन व माइनर आर्च ब्रिज का निरीक्षण किया।
महाप्रबंधक के स्वागत में बिछाए पलके
रेलवे महाप्रबंधक के स्वागत में दुर्ग स्टेशन के कोचिंग डिपो को बाहर से लेकर भीतर तक सजाया गया था। इसके पहले रेलवे स्टेशन में बार-बार सफाई की जा रही थी। रेलवे के अधिकारी लंबे समय के बाद यूनिफार्म में नजर आए। इसी तरह से स्टेशन से बाहर निकलने वाले रास्ते में टिकट जांच करने वाले से लेकर आरपीएफ व जीआरपी के जवान तैनात नजर आए। जीएम के साथ रायपुर रेल मंडल प्रबंधक श्याम सुंदर गुप्ता भी मौजूद थे।
Jan 08 (23:47) छत्तीसगढ़ में सुपर शेषनाग ने पहली बार 16 हजार टन कोयला लेकर 280 किमी लगाई दौड़ (www.jagran.com)
Commentary/Human Interest
SECR/South East Central
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News Entry# 432514  Blog Entry# 4838572   
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Jan 08 2021 (23:47)
Station Tag: Korba/KRBA added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Jan 08 2021 (23:47)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Anupam Enosh Sarkar/401739
Stations:  Bhilai/BIA   Korba/KRBA  
तीन लोड मालगाड़ी को बाहुबली कहते हैं। चार एमटी रैक जोड़कर शेषनाग मालगाड़ी बनती है। अब कोयले से भरी चार मालगाड़ियों की एक ट्रेन को सुपर शेषनाग का नाम दिया गया है। यह अपने तरह का पहला प्रयोग था।
विकास पांडेय/कोरबा। चार मालगाड़ियों में 16 हजार टन (700 ट्रक के बराबर) कोयला लोड कर सुपर शेषनाग ने कोरबा से भिलाई के बीच 280 किलोमीटर की दौड़ लगाई है। करीब ढाई किलोमीटर लंबी इस मालगाड़ी में डिस्ट्रीब्यूटेड पावर वायरलेस कंट्रोल सिस्टम (डीपीडब्ल्यूसीएस) का उपयोग किया गया, जिसमें लीडिंग पावर (सामने का इंजन) जीपीएस के माध्यम से पीछे लगे तीनों इंजन से लिंक रहा।
सुपर
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शेषनाग के रूप में पहली बार चार रैक की लोडेड मालगाड़ी चलाई गई
सुपर शेषनाग के रूप में पहली बार चार रैक की लोडेड मालगाड़ी चलाई गई। इसमें दो की लोडिंग दीपका, एक जूनाडीह व एक कुसमुंडा से की गई। कोयले से भरी चार रैक कोरबा स्टेशन के यार्ड में जोड़ी गई। लोड रैक में भार अचानक बढ़ जाता है। इसमें वैगन के बीच कप¨लग के टूटने का डर बना रहता है। इसे देखते हुए मालगाड़ियों में डीपीडब्ल्यूसीएस प्रयुक्त किया गया। इस सिस्टम से लीडिंग पावर से अन्य इंजनों को जोड़ने में आसानी होती है।
सुपर शेषनाग से कोयला बिजली संयंत्रों को भेजा गया
सभी लोड रैक सुपर शेषनाग बनकर अलग-अलग क्षेत्र के बिजली संयंत्रों को भेजी गई हैं। इनमें एक नागपुर डिवीजन अंतर्गत जबलपुर के पास मोहदा एनटीपीसी, दूसरा गुजरात के संयंत्र टीपीएचएस व ईएसडब्ल्यूएस और एक रैक बीआरडी धानुरोड में भेजी गई।
पौने सात घंटे में हुआ कोयला डिस्पैच
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे कोरबा रेलखंड के क्षेत्रीय रेल प्रबंधक मनीष अग्रवाल ने बताया कि सुपर शेषनाग को मंगलवार-बुधवार की रात 12: 25 बजे जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसके बाद 2: 25 बजे मालगाड़ी रवाना की गई, जो सुबह 9:15 बजे भिलाई पहुंच गई। इस तरह सात घंटे से भी कम समय में कुल 280 किलोमीटर की दूरी तय की गई।
अब तक दो बार चली शेषनाग
अब तक दो बार चली शेषनाग, एक बार बाहुबली एमटी मालगाड़ी दो बार जोड़ी जा चुकी है। पहली बार एक दो जुलाई को नागपुर से आई थी। दूसरी बार मंगलवार की रात भिलाई से कोरबा आई। दो खाली रैक को लांगहाल मालगाड़ी या पायथन कहा गया है। तीन खाली मालगाड़ियों को जोड़कर एनाकोंडा कहा गया। इसी तरह तीन लोड मालगाड़ी को बाहुबली कहते हैं। चार एमटी रैक जोड़कर शेषनाग मालगाड़ी बनती है। अब कोयले से भरी चार मालगाड़ियों की एक ट्रेन को सुपर शेषनाग का नाम दिया गया है। यह अपने तरह का पहला प्रयोग था।
Jan 05 (08:34) Sports News: पावर लिफ्टिंग में रेलवे के दो खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पदक (www.naidunia.com)
Sports
SECR/South East Central
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News Entry# 431842  Blog Entry# 4834458   
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Jan 05 2021 (08:35)
Station Tag: Raipur Junction/R added by Adittyaa Sharma/1421836

Jan 05 2021 (08:35)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Adittyaa Sharma/1421836

Jan 05 2021 (08:35)
Station Tag: Bilaspur Junction/BSP added by Adittyaa Sharma/1421836
बिलासपुर। Sports News: राज्य स्तरीय पावर लिफ्टिंग प्रतियोगिता में रेलवे के दो खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक पर कब्जा किया है। दोनों खिलाड़ियों का रेलवे को नए साल का उपहार है। यह प्रतियोगिता दो व तीन जनवरी को भिलाई सेक्टर-6 स्थित पावर जिम में आयोजित की गई थी। अन्य जिलों के खिलाड़ियों के अलावा दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से भी खिलाड़ियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन किया।
इसमें रायपुर मंडल में टेक्नीशियन के पद पर पदस्थ संतोषी मांझी ने 63 किलोग्राम वर्ग समूह में स्काट 150 किलोग्राम, बेंच प्रेस 70 किलोग्राम एंव डेड लिफ्ट 155 किलोग्राम यानी 375 किलोग्राम वजन उठाकर शीर्ष पर रहीं। इस दौरान उन्हें छत्तीसगढ़ में स्ट्रांग वुमैन 2021 के खिताफ से भी सम्मानित
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किया गया। इसी तरह बिलासपुर रेल मंडल में पदस्थ टीटीई प्रकाश राव ने 120 किलोग्राम वजन वर्ग समूह में स्काट 140 किलोग्राम, बेंच प्रेस 130 किलोग्राम एवं डेड लिफ्ट 170 किलोग्राम यानी 440 किलोग्राम वजन उठाकर अपना दबादबा बनाया।
इसके लिए उन्हें स्वर्ण पदक से नवाजा गया। मालूम हो कि कोरोना वायरस समाप्त नहीं हुआ है। इस दौरान कुछ दिनों के लिए इन खिलाड़ियों का अभ्यास भी प्रभावित था। लेकिन प्रतियोगिता में रेलवे की ओर से प्रतिनिधित्व का मौका मिला तो दोनों खिलाड़ियों ने इस वायरस के बीच पूरी सतर्कता के साथ अभ्यास करना शुरू किया।
इस दौरान खूब पसीना बहाया। इसी मेहनत का नतीजा है कि दोनों खिलाड़ियों ने सीधे प्रतियोगिता में सभी खिलाड़ियों को पछाड़ते हुए सीधे पहले स्थान पर कब्जा जमाया। आगामी दिनों में भी कई प्रतियोगिताएं होनी हंै। इसलिए खिलाड़ियों का अभ्यास जारी रखने के लिए कहा गया है।
Dec 27 2020 (23:42) समय से पहले रेलवे का वैगन किया खाली, पांच करोड़ की हुई बचत (www.naidunia.com)
IR Affairs
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News Entry# 430419  Blog Entry# 4825593   
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Dec 27 2020 (23:42)
Station Tag: Bhilai/BIA added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Bhilai/BIA  
भिलाई। भारतीय रेलवे के वैगन को समय से पहले खाली करके भिलाई इस्पात संयंत्र ने पांच करोड़ रुपये की भारी बचत की है। निर्धारित समय आठ घंटे से पहले ही मालगाड़ी को खाली करने की वजह से ऐसा संभव हो सका। विदेशी कोयले को भिलाई इस्पात संयंत्र में मालगाड़ी से उतारने में पहले 12 से 18 घंटे तक लगते थे। अब यही काम अब सात से आठ घंटे में हो रहा है।
बता दें कि विशाखापटनम बंदरगाह से खुले वैगन में कोयला लाया जाता था। अब बीएसपी प्रबंधन ने इसको कवर करके लाना शुरू कर दिया। इस वजह से कोयला जाम नहीं होता। सूखा कोयला होने से अनलोडिंग में समय की बचत होती है, जिससे डेमरेज चार्ज से छुटकारा मिल गया।
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भिलाई इस्पात संयंत्र के कोक ओवन विभाग के अधिकारी बताते हैं कि रेलवे का डिटेंशन टाइम आठ घंटे का होता है। इस समय में रैक को वापस कर देने से आर्थिक रूप से काफी फायदा हुआ है। इस तरह समय भी बचा। करीब पांच करोड़ पिछली बार डेमरेज चार्ज दिया गया था, जो इस बार शून्य है। एक दिन में साढ़े तीन से चार रैक भिलाई आता है। एक रैक में 59 वैगन होते हैं। बीएसपी खुद वैगन को कवर कराती है। विशाखापटनम से यहां तक कवर रहने से कोयले की चोरी भी रुकी है।
इधर, कोल से कोक बनाने में भारी उछाल
भिलाई इस्पात संयंत्र खुद कोल से कोक बनाता है। इस्पात उत्पादन के लिए कोक की जरूरत होती है। आस्ट्रेलियन और भारतीय कोयले से कोक ओवन की बैटरी में कोक तैयार किया जाता है। बीएसपी प्रबंधन ने कोक ओवन प्रबंधन को 654 पुशिंग का लक्ष्य दिया गया था। कर्मचारियों और अधिकारियों के हौसले इतने बुलंद हैं कि 770 पुशिंग तक उत्पादन कर रहे हैं। एक पुशिंग में 18 टन कोक तैयार होता है। कोल से कोक बनाने की प्रक्रिया को पुशिंग कहते हैं। वर्तमान में संयंत्र की कोक ओवन बैटरी क्रमांक-1, 3, 4, 5, 6, 8 , 9, 11 से उत्पादन जारी है।
इसलिए कर्मचारी-अधिकारी मांग रहे प्रोत्साहन राशि
- कोक ओवन के कर्मचारियों के साथ अधिकारियों ने भी उत्पादन में इजाफा और डेमरेज चार्ज से मिली राहत पर खुशी जाहिर की है।
- कार्मिकों ने एकजुटता दिखाते हुए प्रोत्साहन राशि की मांग की है, क्योंकि कंपनी को इससे आर्थिक रूप से लाभ हुआ है। कार्मिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए प्रोत्साहन राशि मांगी जा रही है।
- विभागीय अधिकारियों के साथ कर्मचारियों की बैठक हो चुकी है। प्रोत्साहन राशि की मांग को प्रबंधन ने स्वीकार किया है। इसकी फाइल जल्द ही ईडी वर्क्स और फाइनेंस विभाग के पास पहुंचने वाली है।
- प्रोत्साहन राशि देने के लिए विभागीय प्रभारी तैयार हैं। कर्मचारियों का कहना है कि करीब 100 रुपये प्रति कर्मचारी को डेली रिवार्ड के रूप में देने की मांग की जा रही है।
- इससे प्लांट को फायदा होगा और कर्मचारियों का मनोबल भी ऊंचा होगा। इससे उत्पादन लागत कम हो जाएगी। उतने ही कर्मचारियों में अधिक उत्पादन हो सकेगा।
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कर्मचारियों और अधिकारियों ने एकजुटता दिखाई। कोक ओवन का उत्पादन बढ़ाया और डेमरेज चार्ज से राहत दिलाई है। पांच करोड़ रुपये की शुद्ध बचत हुई है। इसका लाभ कार्मिकों को दिलाने के लिए उच्च प्रबंधन से वार्ता हुई है। जल्द ही प्रोत्साहन राशि मिलनी शुरू हो जाएगी।
- संजय साहू, अतिरिक्त महासचिव-इंटक
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