Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Followed
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

22626 SBC-MAS Double Decker - எப்பவுமே டாப் டக்கர் - Vijay Baradwaj

Full Site Search
  Full Site Search  
 
Fri Aug 7 09:56:02 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Feedback
Advanced Search

News Posts by Renovation And Doubling of PBH Soon

Page#    Showing 1 to 5 of 956 news entries  next>>
Jul 15 (12:46) रेल यात्रा में कम होगा कोरोना का खतरा, पंजाब के कपूरथला वर्कशाप ने बनाया पोस्ट कोविड कोच (www.jagran.com)
New Facilities/Technology
NR/Northern
0 Followers
6993 views

News Entry# 414217  Blog Entry# 4669466   
  Past Edits
Jul 15 2020 (12:46)
Station Tag: Kapurthala/KXH added by Renovation And Doubling of PBH Soon/38492
Stations:  Kapurthala/KXH  
Select Language
कपूरथला, [हरनेक सिंह जैनपुरी]। पंजाब के कपूरथला रेल काेच फैक्‍टरी (Kapoorthala Rail coach Workshop) ने कोरोना वायरस के खतरे से निपटने के लिए पोस्ट कोविड कोच तैयार किया गया है। इससे रेल यात्रा के दौरान कोरोना संक्रमण का खतरा कम होगा। यात्रियों की सुविधा के लिए डिजाइन में कई बदलाव गए हैं। इन पोस्‍ट कोविड कोच ( Post Covid coach) में हैंड फ्री सुविधाओं को शामिल किया गया है। इनमें शौचालय के अंदर वॉश बेसिन पर पैर संचालित पानी के नल और साबुन के डिस्पेंसर शामिल हैं।
डिजाइन में किए गए
...
more...
कई बदलाव, कोचोंं में लगाए गए कॉपर कोडेड हैैंडल व पैर से चलने वाले नल
कपूरथला रेल कोच फैक्टरी (Kapoorthala Rail coach factory) में तैयार चार पोस्ट कोविड कोचों को आरसीएफ के रवींद्र गुप्ता ने अन्य अधिकारियों और स्टाफ की मौजूदगी में दिल्‍ली के लिए रवाना किया। इनमें दो एसी और दो नॉन एसी स्लीपर कोच शामिल हैं। दिल्‍ली में रेलवे बोर्ड के अधिकारी इन कोचों का जायजा लेंगे। कोरोना वायरस के खतरे से लड़ने के लिए भारतीय रेलवे में पहली बार इस तरह के कोच निर्मित किए गए हैं।

इन कोचों में यात्रियों की सुविधा के लिए कई हैंड्सफ्री सुविधाओं को शामिल किया गया है, जिसमें शौचालय के अंदर वॉश बेसिन पर पैर संचालित पानी के नल और साबुन के डिस्पेंसर शामिल हैं। इन कोचों में कॉपर कोटेड हैंडल, चिटकनी और कुंडी लगाए गए हैं। कॉपर में एंटी माइक्रोबियल गुण होते हैं। इसलिए यह कुछ ही घंटों में इस पर लगे वायरस को खत्म कर देता है।

उन्‍होंने बताया किक इसके अलावा प्लाज्मा एयर उपकरणों का प्रावधान एसी कोचों के एसी डक्ट में किया गया है। यह एसी कोच के अंदर की हवा और सतहों को आयनित हवा का उपयोग करके साफ़ करता है जो कोचों को कोविड -19 से बचाव करता है तथा उसे वायरस से प्रतिरोधी बनाता है।
आरसीएफ के जीएम रवींद्र गुप्ता ने चार कोचों को किया रवाना

जीएम ने बताया कि कोचों के अंदर टाइटेनियम डाइऑक्साइड की नैनो कोटिंग की गई है। यह वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और अधिक महत्वपूर्ण रूप से इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है। टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है और मनुष्यों के लिए हानि रहित है। यह पर्यावरण के अनुकूल जल आधारित कोटिंग है। यह वायरस, बैक्टीरिया, मोल्ड और फंगल विकास को समाप्त करती है और इनडोर वायु की गुणवत्ता को बढ़ाती है। टाइटेनियम डाइऑक्साइड एक सुरक्षित पदार्थ माना जाता है। यह कोटिंग वॉश बेसिन, बर्थ, स्नैक टेबल, ग्लास विंडो, फ्लोर और हर सतह पर लगाई जाती है जो मानव संपर्क में आती है।

जागरूक करने वाले स्टिकर लगाए
इसके अलावा, कोच में कई स्थानों पर कोविड से बचावों को दर्शाते स्टिकर लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को वायरस के खिलाफ सावधानी बरतने के लिए लगातार याद दिलाया जा सके । ये कोच बिना शक यात्रियों में बिना खौफ के रेल यात्रा करने का आत्म विश्वास पैदा करेंगे और कोरोनो वायरस के घातक खतरे से लड़ने में मदद करने को पूरी तरह सक्षम हैं।
पटना, जेएनएन। रेल यात्रियों के लिए य काम की खबर है। अब किसी भी स्टेशन पर कौन सी यात्री सुविधाएं उपलब्ध हैं, वहां से कौन सी ट्रेनें गुजरती हैं, स्टेशन की विशेषताएं क्या हैं, ये जानकारियां अब आसानी से ली जा सकती हैं। इसके लिए पूर्व-मध्य रेल (ECR) के समस्‍तीपुर डिविजन में एक ऐप 'समग्र' विकसित किया गया है। पूरी तरह से मुफ्त इस ऐप को एंड्रॉयड मोबाइल पर चलाया जा सकता है। इससे यात्री एकीकृत रूप से रेलवे से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं प्राप्त कर सकते हैं।

यात्रियों के लिए काफी उपयोगी
...
more...
साबित होगा ऐप

हाजीपुर स्थित पूर्व मध्य रेलवे के मुख्यालय से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से ऐप का लोकार्पण करते हुए महाप्रबंधक ललित चंद्र त्रिवेदी ने कहा कि यह यात्रियों के लिए काफी उपयोगी साबित होगा। उन्हें इससे विविध सूचनाएं मिलेंगी। इसके माध्यम से रेलवे की ओर से मिलने वाली सुविधाओं में समूह आरक्षण, विविध प्रकार की रियायतों, विशेष ट्रेनों, विभिन्न प्रकार के आवेदनों को एक स्थान पर एकत्रित करने का प्रयास किया गया है।



स्‍टेशनों व ट्रेनों की सुविधाओं की देगा जानकारी

उन्‍होंने बताया कि यह ऐप रेलवे स्‍टेशनों व वहां से गुजरने वाली ट्रेनों से संबंधित महत्‍वपूर्ण सूचनाएं देगा। यह वहां उपलब्‍ध यात्री सुविघाओं की जानकारी देगा। इसका लाभ विभिन्‍न ट्रेनों के यात्री ले सकेंगे।



रेलकर्मी भी अपने काम में ले सकते हैं मदद

महाप्रबंधक ने बताया कि इस मोबाइल ऐप से रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मी तथा टिकट  चेकिंग, बुकिंग, आरक्षण, माल व पार्सल कार्यालयों में कार्य करने वाले कर्मचारी भी अपने कार्यों से संबंधित विभिन्न आंकड़ों की मदद से रिपोर्ट बना सकेंगे।



ऐप को विकसित करने में योगदान की सराहना

इस ऐप से रेलवे को बड़ी उम्‍मीद है। इसे विकसित करने में समस्तीपुर मंडल के डीआरएम अशोक माहेश्वरी, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक सरस्वती चंद्र, मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रसन्न कुमार, तकनीशियन आरिफ  खान (टीआरएस) की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाप्रबंधक ने ऐप को विकसित करने में उनके योगदान की सराहना की।
Jul 15 (12:42) प्रतापगढ़ के गार्ड को गौरीगंज के स्टेशन मास्टर ने पीटा (www.amarujala.com)
Other News
NR/Northern
0 Followers
20652 views

News Entry# 414215  Blog Entry# 4669463   
  Past Edits
Jul 15 2020 (12:42)
Station Tag: GauriGanj/GNG added by Renovation And Doubling of PBH Soon/38492

Jul 15 2020 (12:42)
Station Tag: Pratapgarh Junction/PBH added by Renovation And Doubling of PBH Soon/38492
मालगाड़ी लेकर गौरीगंज गए एक गार्ड ने स्टेशन मास्टर पर पिटाई का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि बदसलूकी करते हुए स्टेशन मास्टर ने उसे चैंबर से बाहर निकाल दिया। प्रतापगढ़ पहुंचे गार्ड ने स्टेशन अधीक्षक से शिकायत की।स्टेशन अधीक्षक ने सीनियर डीसीएम को मामले की जानकारी दी। सीनियर डीसीएम ने दोनों को लखनऊ तलब किया है।मालगाड़ी का गार्ड योगेश कुमार शनिवार रात गौरीगंज गया था। वहां स्टेशन मास्टर से ड्यूटी कागज मांगने लगा।उसका आरोप है कि इससे नाराज स्टेशन मास्टर ने उसे पीट दिया। कालर पकड़कर खींचते हुए ऑफिस से बाहर कर दिया। गालियां देते हुए गायब करने की धमकी भी दी। इस घटना के बाद गार्ड सहमा हुआ है। प्रतापगढ़ पहुंचने पर उसने स्टेशन अधीक्षक त्रिभुवन मिश्र से शिकायत की। स्टेशन अधीक्षक ने सीनियर डीसीएम को जानकारी दे दी। सीनियर डीसीएम ने दोनों को लखनऊ तलब किया है। कर्मचारियों का आरोप है कि एसएम इससे पहले भी स्टाफ...
more...
से भिड़ चुका है। गार्ड, एसएम और ड्राइवर से मारपीट कर चुका है। विभाग कोई कार्रवाई नहीं करता है। जिससे उसका मनोबल बढ़ा हुआ है।
लखनऊ [निशांत यादव]। राजस्थान के फुलेरा-मकराना रेल सेक्शन के जिस गुधा-तठना मित्री स्टेशनों के बीच कभी मीटर गेज (छोटी लाइन) टे्रन दौड़ती थी। उस ट्रैक पर दो साल बाद हाईस्पीड ट्रेन हवा से बातें करेगी। वह भी ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के साथ। यह सिस्टम ट्रैक पर लाल सिग्नल होने पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से दौड़ रही ट्रेन में भी ऑटोमेटिक ब्रेक लगाने में सक्षम है। साथ ही यह एक पटरी पर दो ट्रेनों की भिड़ंत को कवच देगा। अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ), लखनऊ की देखरेख में बन रहे इस डेडीकेटेड टेस्टिंग ट्रैक पर अब 160 से 220 किमी की गति से ट्रायल होंगे। 

खोलेगा
...
more...
रोलिंग स्टॉक के निर्यात का रास्ता

ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से भविष्य में ड्राइवर लेस हाईस्पीड ट्रेनें दौड़ाने की तकनीक भी भारत हासिल कर सकता है। इंटरनेशनल स्टैंडर्ड यूआइसी-518/ईएन-14363 पर देश में पहली बार रोलिंग स्टाक (इंजन, बोगी व वैगन) के ट्रायल होंगे। यह इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का ट्रायल दूसरे देशों को रोलिंग स्टॉक के निर्यात का रास्ता भी खोलेगा।



वित्तीय वर्ष 2020-21 में हाईस्पीड ट्रेनों के ट्रायल के लिए इस टेस्टिंग टै्रक को बनाने के लिए 466.42 करोड़ रुपये स्वीकृत हुए हैं। यह डेडीकेटेड टेस्टिंग ट्रैक 59 किमी. लंबा होगा, जिसे बनाने में 819.90 करोड़ रुपये का खर्च आएगा। रेलवे ने इससे पहले 2018-19 में पहले फेस के 25 किमी. ट्रैक के लिए 353.48 करोड़ रुपये स्वीकृत किए थे। फेस एक में 160 किमी. की गति की ट्रेनों के ट्रायल के लिए 43.73 किमी. लंबा डेडीकेटेड टेस्टिंग ट्रैक होगा। जबकि अतिरिक्त 15.27 ट्रैक पर 200 किलोमीटर प्रति घंटे की गति का ट्रायल होगा। पहला फेस दिसंबर 2021 और दूसरा फेस दिसंबर 2022 में पूरा करने का लक्ष्य है।





विश्व के चंद देशों में होगा शुमार

आरडीएसओ ने 1985 में डेडीकेटेड टेस्टिंग ट्रैक के लिए प्रयास शुरू किया था। इस टेस्टिंग ट्रैक के तैयार होने के बाद भारत भी अमेरिका, चीन, जर्मनी और आस्ट्रेलिया जैसे देशों की श्रेणी में शामिल हो जाएगा। अभी ट्रायल के लिए आरडीएसओ को उन सेक्शन को चुनना पड़ता है, जिस पर ट्रेनें दौड़ रही हैं। अब एकीकृत टेस्टिंग ट्रैक होने से इस पर कई परिस्थितियां बनाकर ट्रायल हो सकेंगे। अब तक स्पेन से आई हाईस्पीड ट्रेन टेल्गो और गतिमान का ट्रायल अधिकतम 180 किमी. प्रति घंटे की स्पीड से हो सका है।



यह है प्रगति

टेस्टिंग ट्रैक पर तीन रेलवे स्टेशन आएंगे। इस पर 76 छोटे और नौ बड़े पुल होंगे। नावा सिटी स्टेशन पर मुख्य टेस्टिंग सेंटर होगा। यहां कई लैब, विश्वस्तरीय आधुनिक उपकरण, ऑटो पायलट इंजन, कोचिंग डिपो व सिकलाइन होगी। अभी दो बड़े व पांच छोटे पुलों को बनाने का काम चल रहा है।



क्या कहते हैं अफसर ? 

आरडीएसओ एग्जिक्यूटिव डायरेक्टर (प्रशासन) राजीव सिंह के मुताबिक, ''डेडीकेटेड टेस्टिंग ट्रैक बनने के बाद इस पर कई परिस्थितियां बनाकर ट्रायल हो सकेंगे।''
Jul 12 (18:43) India Nepal News: मालगाडि़यों से नेपाल तक आसानी से पहुंचेगा भारतीय सामान, Indian Railways ने की यह व्‍यवस्‍था (www.jagran.com)
0 Followers
14940 views

News Entry# 413997  Blog Entry# 4667691   
  Past Edits
Jul 12 2020 (18:44)
Station Tag: Gorakhpur Junction/GKP added by Renovation And Doubling of PBH Soon/38492

Jul 12 2020 (18:44)
Station Tag: Nautanwa/NTV added by Renovation And Doubling of PBH Soon/38492
गोरखपुर, जेएनएन। मालगाडि़यों के जरिये नेपाल और सीमाई इलाकों में अब माल पहुंचाना अब और आसान होगा। पूर्वोत्तर रेलवे प्रशासन ने माल ढुलाई की प्रक्रिया को और सुविधाजनक बनाते हुए नेपाल से सटे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन नौतनवां गुड्स शेड में कंटेनर रेल टर्मिनल खोलने का निर्णय लिया है। रेलवे की इस नई व्‍यवस्‍था से दोनो देशों के व्‍यापारियों को फायदा होगा। 
नौतनवां गुड्स शेड में खुलेगा कंटेनर रेल टर्मिनल
नई व्यवस्था के तहत मालगाड़ी पर लोड कंटेनर हाइड्रोलिक क्रेन से सीधे ट्रक पर पहुंच जाएंगे। प्राथमिक चरण में टर्मिनल की सुविधा 17 दिसंबर
...
more...
2020 तक मिलेगी। अनलोडिंग में अपेक्षाकृत बहुत कम समय लगेगा। मैनपॉवर की आवश्यकता भी कम हो जाएगी। माल समय से अपने गंतव्य पर पहुंच जाएगा। व्यापारियों को कंटेनर रेक लेने की सुविधा भी उपलब्ध मिलेगी। महराजगंज व आसपास के इलाकों में खाद्यान्न सहित अन्य सामग्रियों की लोडिंग के लिए भी नौतनवां एक बेहतर विकल्प होगा । दरअससल, माल परिवहन की दृष्टि से नौतनवा गुड्स शेड रेलवे का महत्वपूर्ण सेंटर है। यहां प्रत्येक माह 15 रेक माल आता है जो सोनौली के रास्ते ट्रकों के जरिये नेपाल जाता है।

नौतनवां गुड्स शेड नेपाल सीमा से सटे होने के कारण बेहद महत्वपूर्ण है। यह सुविधा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ाने में मदद करेगी। व्यवसाय व उद्योग को बढ़ावा देने के लिए माल ढुलाई में रेलवे की तरफ से कई तरह की रियायतें भी दी जा रही हैं। - पंकज कुमार सिंह, सीपीआरओ, एनई रेलवे।
Page#    956 news entries  next>>

Go to Full Mobile site