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WAP-7 - तेरे जैसा यार कहाँ , कहाँ ऐसा याराना , याद करेगी दुनियां तेरा मेरा अफसाना. - Arjun Rai

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News Posts by GZB⭐️WAP5⭐️35006

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Jan 22 (13:41) मुरादाबाद-चंदौसी होकर बरेली चलेंगी इलेक्ट्रिक ट्रेनें, तैयारियां शुरू (m-livehindustan-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 434540  Blog Entry# 4853223   
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Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Moradabad Junction/MB added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Chandausi Junction/CH added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Aonla/AO added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Bareilly City/BC added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Bareilly Junction/BE added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 22 2021 (13:41)
Station Tag: Ramganga Bridge NR/RGB added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
मुरादाबाद से चंदौसी होकर बरेली के लिए इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने का रास्ता साफ हो गया है। गुरुवार को रेलवे को इस रूट पर भी बिजली ट्रेनें चलाने को हरी झंडी मिल गई। सितंबर में आंवला से बरेली के बीच रेल संरक्षा आयुक्त(सीआरएस) ने मुआयना किया था। सामने आई कुछ खामियों को पूरा रेल प्रशासन ने पूरा कर लिया। सीआरएस ने इस रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने पर सहमति जता दी है। इसके बाद रेलवे ने चंदौसी होकर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने की तैयारी शुरू कर दी है।
मुरादाबाद से बरेली के मेन रूट से अलग चंदौसी रेल मार्ग पर अभी विद्युतीकरण का काम बाकी था। मुरादाबाद से चंदौसी के बीच पहले से ही इलेक्ट्रिक रूट है। चंदौसी से बरेली के बीच रेल मार्ग
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की लंबाई करीब 69.19 किमी है। चंदौसी से आंवला के बीच इलेक्ट्रीफिकेशन भी पहले पूरा हो चुका है। पर आंवला से बरेली के बीच 27 किमी के इलेक्ट्रिीफिकेशन का कार्य पिछले दिनों पूरा कर लिया गया।
ओएचई(ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन) का काम पूरा होने के बाद सीआरएस एसके पाठक व अधिकारियों ने पिछली 14 सितंबर को रेल मार्ग का मुआयना किया। पूरे दिन चले मुआयने में सीआरएस के अलावा अंबाला आरई के चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर, इलाहाबाद के सीईओ समेत रेल मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के अलावा मुरादाबाद के डीआरएम समेत अन्य अफसर मौजूद रहे। विभाग की माने तो रेल प्रशासन को कुछ खामी सुधारने की हिदायत दी गई। इसे लेकर आरई के अफसरों ने खामियां दूर कर ली। गुरुवार को सीआरएस ने इस पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने की हरी झंडी दे दी। 
यह होगा फायदा,
पहले चलेंगी गुड्स फिर मेल, एक्सप्रेस ट्रेनेंएक दो दिन में मालगाड़ी को चलाने की तैयारी
मुरादाबाद से बरेली के लिए अब दो रूट इलेक्ट्रीफाइड हो गए है। अभी तक रामपुर, बरेली होकर मेन रूट से इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलती थी। अब पर विकल्प के तौर पर चंदौसी बरेली रूट भी इलेक्ट्रीफाइड हो गया है। मेन लाइन के अधिकतर गाड़ियां चलाने से कई बार रेल संचालन में तमाम दिक्कतें पैदा हो जाती थी। पर अब रेलवे संचालन सुधारने के लिए चंदौसी, बरेली कैंट होकर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाएगा। 
विभाग की माने तो एक दो दिन में चंदौसी बरेली रूट से मालगाड़ियों को चलाया जाएगा। बाकी मेल व एक्सप्रेस ट्रेनों को भी चलाने का आदेश मिलते ही संचालन शुरू हो जाएगा। अभी तक सदभावना, डुप्लीकेट पंजाब मेल समेत अन्य ट्रेनें डीजल इंजन से चलती है। पर इन ट्रेनों का इलेक्ट्रिक इंजन से चलाया जाएगा।  सीआरएस ने चंदौसी-बरेली रूट पर इलेक्ट्रिक ट्रेनें चलाने की मंजूरी दे दी है। शुरुआत में मालगाड़ियों को इस रूट से चलाए जाने की तैयारी है। सदभावना समेत अन्य मेल व एक्सप्रेस ट्रेनें भी आदेश मिलते ही चलनी शुरु हो जाएंगी।रेखा शर्मा   सीनियर डीसीएम




Jan 10 (20:22) बरेली-चंदौसी रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से जल्द दौड़ने लगेंगी रेलगाड़ियां, लोगों ने जताई खुशी (www-amarujala-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 432772  Blog Entry# 4840417   
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Jan 10 2021 (20:23)
Station Tag: Ramganga Bridge NER/RGBD added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 10 2021 (20:22)
Station Tag: Ramganga Bridge NR/RGB added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 10 2021 (20:22)
Station Tag: Bareilly City/BC added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Jan 10 2021 (20:22)
Station Tag: Aonla/AO added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
दबतोरी (बदायूं)। बरेली-चंदौसी रेल रूट पर अब जल्द इलेक्ट्रिक इंजन की रेलगाड़ियों का संचालन शुरू होने की उम्मीद है। ट्रेनों का संचालन शुरू होने के बाद इस रेल रूट पर बिसौली तहसील के लोगों को काफी फायदा होगा। तहसील में इस रेल रूट पर चार रेलवे स्टेशन आते हैं। रेलवे सूत्रों ने बताया कि सीआरएस ने ट्रेनों के संचालन के संबंध में संस्तुति करके फाइल रेलवे बोर्ड को भेज दी है। विज्ञापन ...
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बरेली-चंदौसी रेल रूट के विद्युतीकरण को 2018 में स्वीकृति मिली थी। इसके बाद रेल रूट पर 2019 में काम शुरू हो गया था। चंदौसी से आंवला तक विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया था, लेकिन आंवला से बरेली के बीच काम में कुछ देरी हुई। सीआरएस ने दो चरणों में रेल रूट का निरीक्षण किया था। पहले चरण में चंदौसी से आंवला और दूसरे में आंवला से बरेली रूट का निरीक्षण किया गया। इस रेल रूट पर बदायूं की बिसौली तहसील के सिसरका, आसफपुर, दबतोरी और करेंगी रेलवे स्टेशन आते हैं। रेल रूट पर लंबे समय से ट्रेनों का संचालन बंद है। ऐसे में यहां के लोगों को बरेली और मुरादाबाद जाने के लिए सड़क मार्ग का इस्तेमाल करना पड़ता है। अब इस रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन की ट्रेनों का संचालन होने के बाद बिसौली के लोगों को काफी फायदा मिलेगा। इससे यहां व्यापारिक गतिविधियां तो बढे़ंगी ही साथ ही लोगों को आसानी से लंबी दूरी की ट्रेनें भी मिलने लगेंगी। रेल रूट पर इलेक्ट्रिक इंजन से ट्रेनों के संचालन को अब सिर्फ रेलवे बोर्ड की अनुमति मिलनी बाकी है।
Dec 20 2020 (21:30) गाजियाबाद में ट्रैफिक से बचने के लिए रोपवे चलाने का प्लान (navbharattimes-indiatimes-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 429302  Blog Entry# 4818656   
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Dec 20 2020 (21:30)
Station Tag: Ghaziabad Junction/GZB added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
Stations:  Ghaziabad Junction/GZB  
इर रोपवे में दो रूट ऐसे हैं, जिन पर अब तक सीधी मेट्रो चलाने का प्लान था, लेकिन अधिक बजट के कारण प्लान रुका हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री रोपवे मेट्रो के कुल बजट का केवल एक तिहाई हिस्सा लेगा।
यूपी के गाजियाबाद में बढ़ते ट्रैफिक के दबाव और रोज नए रूट पर मेट्रो की मांग को देखते हुए जीडीए को यात्री रोपवे चलाने का आइडिया मिला है। इसे देखते हुए जीडीए की ओर से एजेंसी से टेंडर आमंत्रित किए गए हैं। एजेंसी को दो महीने के अंदर डीपीआर बनाकर जीडीए को सौंपनी होगी। इसमें विस्तृत रूप से जानकारी दी जाएगी कि यहां यह प्रॉजेक्ट कितना संभव है।गाजियाबाद में तीन रूट पर रोपवे चलाने का प्लान है। इसमें दो
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रूट ऐसे हैं, जिन पर अब तक सीधी मेट्रो चलाने का प्लान था, लेकिन अधिक बजट के कारण प्लान रुका हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि यात्री रोपवे मेट्रो के कुल बजट का केवल एक तिहाई हिस्सा लेगा।जिन तीन रूट पर रोपवे चलाने का प्लान है, उनमें वैशाली से मोहननगर, वैशाली से नोएडा-62 (इलेक्ट्रॉनिक सिटी) और न्यू बस अड्डा से गाजियाबाद रेलवे स्टेशन शामिल है।
23 दिसंबर को बैठक
जीडीए ने रोपवे प्रॉजेक्ट पर 23 दिसंबर को बैठक बुलाई है। बैठक उन सभी एजेंसी के साथ होगी, जो इस प्रॉजेक्ट में दिलचस्पी रखती हैं। जो एजेंसी बैठक में शामिल नहीं हो सकती हैं, वह ऑनलाइन भी हिस्सा ले सकेंगी। अधिकारियों का कहना है कि बैठक में बजट, जमीन, यात्री संख्या जैसी तमाम बातों पर चर्चा होगी।मेट्रो से आएगी कम लागत
जीडीए के चीफ इंजीनियर वी. एन. सिंह ने बताया कि रोपवे बनाने में मेट्रो से भी कम लागत आएगी। अभी शुरुआती चरण है, इसलिए ज्यादा कुछ कहना सही नहीं होगा। 23 दिसंबर की बैठक के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
सांसद ने दिया है आइडिया
सूत्रों की मानें तो सांसद जनरल वी. के. सिंह ने रोपवे के आइडिया को जीडीए के साथ साझा किया था। यह उनका ड्रीम प्रॉजेक्ट है। वह चाहते हैं कि जल्द इस प्रॉजेक्ट पर काम शुरू किया जा सके।
मेरठ, जेएनएन। दिल्ली से अंबाला जाने वाली इंटरसिटी एक्सप्रेस बुधवार को लगभग साढ़े आठ माह बाद मेरठ पहुंची। अंबाला से दिल्ली जाने वाली ट्रेन एक दिसंबर को आरंभ हुई थी। बुधवार को ट्रेन दोपहर में 2.54 बजे पर सिटी स्टेशन पहुंची। यह निर्धारित समय से 12 मिनट विलंब से आई। 2 मिनट रुकने के बाद जैन अंबाला के लिए रवाना हो गई। ट्रेन से जाने वाले यात्रियों की संख्या लगभग 40 रही। पुरानी दिल्ली अंबाला से जोड़ने वाली वाली इस ट्रेन से व्यापारी सामान की खरीद-फरोख्त करने दिल्ली और पंजाब जाते हैं।

संचालन
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जल्‍द शुरू करने की तैयारी

वहीं दूसरी ओर उज्जैन से वाया मेरठ-देहरादून जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन 14309 का संचालन जल्द शुरू करने की तैयारी है। रेलवे के उच्च अधिकारियों ने इसके लिए संबंधित स्टेशनों पर क्रू की व्यवस्था करने को कहा है। 14309/14310 का संचालन सप्ताह में दो-दो दिन होता है। देहरादून से यह मंगलवार और बुधवार को और उज्जैन से इसका संचालन बुधवार और गुरुवार को होता है। इसी रूट की एक अन्य ट्रेन इंदौर-देहरादून 14317 के संचालन की बाबत रेलवे के विभिन्न विभागों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं। इंदौर-देहरादून ट्रेन का संचालन शनिवार और रविवार को होता है। वहीं, देहरादून से इंदौर जाने वाली ट्रेन संख्या 14318 शुक्रवार और शनिवार को प्रस्थान करती है।
Nov 02 2020 (22:36) लाल रंग के एलएचबी कोच को हरी झंडी का इंतजार (m-jagran-com.cdn.ampproject.org)
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News Entry# 423602  Blog Entry# 4765581   
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Nov 02 2020 (22:37)
Station Tag: Prayagraj Junction (Allahabad)/PRYJ added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693

Nov 02 2020 (22:37)
Station Tag: Meerut City Junction/MTC added by GZB⭐️WAP5⭐️35006/1833693
मेरठ, जेएनएन। नीले रंग के पारंपरिक रेलवे कोच अब गुजरे जमाने की बात हो जाएंगे। प्रयागराज जाने के लिए अब यात्री जर्मन तकनीकि वाले एलएचबी यानी लिक हाफमैन बुश कोच में सफर का आनंद ले सकेंगे। मेरठ आने के लिए ये कोच प्रयागराज स्टेशन के यार्ड में तैयार खड़े हैं। कोरोना काल में सात माह से बंद चल रही संगम एक्सप्रेस में भी ये कोच लगेंगे। इन कोच की खासियत यह है कि ये पारंपरिक कोच आइसीएफ यानी इंटीग्रल कोच फैक्ट्री की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित होते हैं और इनमें सफर ज्यादा आरामदायक होता है। भीषण हादसे में भी यात्रियों की सुरक्षा की संभावना अधिक होती है। संगम एक्सप्रेस का संचालन उत्तर मध्य रेलवे के प्रयागराज डिवीजन द्वारा किया जाता है। उत्तर मध्य रेलवे के अधिकारियों ने उत्तर रेलवे के दिल्ली डिवीजन को संगम एक्सप्रेस चलाने के लिए अनुमति देने की मांग की है। साथ ही कहा है कि 22...
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एलएचबी कोच तैयार हैं, जिन्हें पुराने कोच से रिप्लेस किया जाना है। इसकी फिजीबिलिटी चेक करने के निर्देश दिए हैं। सिटी रेलवे स्टेशन के अधीक्षक आरपी सिंह ने बताया कि एलएचबी कोच के साथ संगम ट्रेन संचालन की बात की गई है, पर इसकी अभी कोई तिथि निश्चित नहीं है।

एंटी क्लाइंबिग फीचर से
लैस होते हैं एलएचबी
आइसीएफ कोचों की तुलना में एलएचबी कोच हल्के होते हैं, पर इनमें भार वहन और तेज गति से चलने की क्षमता अधिक होता है। जर्मन कंपनियों से तकनीकि हस्तांतरण के बाद ये कोच कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार हो रहे हैं। ये कोच 200 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ सकते हैं। इनकी बाहरी बाड़ी माइल्ड स्टील की और अंदर का इंटीरियर एल्युमिनियम का होता है। इसमें एंटीटेलिस्कोपिक तकनीकि से दो कोचों को जोड़ा जाता है, जिससे हादसा होने पर यह एक दूसरे पर चढ़ते नहीं। इसमें डिस्क ब्रेक का प्रयोग होता है। बताते चलें कि आइसीएफ कोच एक दूसरे के उपर चढ़ जाते हैं, जिससे यात्रियों के मौत की आशंका बढ़ जाती है। एलएचबी वातानुकुलित कोच की कूलिग भी दमदार होती है। ट्रेन चलने पर इनमें शोर भी कम होता है। ये कोच तुलनात्मक रूप से लंबे होते हैं जिससे एक कोच में यात्रियों की संख्या भी बढ़ जाती है। सामान रखने की रैक भी बड़ी होती है इसके साथ चौड़ी खिड़कियों पर आराम से बाहर का नजारा लिया जा सकता है। हाइड्रोलिक और साइड सस्पेंशन से सौ किलोमीटर की रफ्तार से चलने पर भी यात्रियों को झटका नहीं महसूस होगा।
एलएचबी कोच एक नजर में
-स्लीपर और एसी कोच में आठ सीटें बढ़ जाएंगी।
-200 किलोमीटर प्रति घंटा होगी।
-लंबाई 23.54 मीटर व भार 39.5 टन।
-चौड़ाई 3.24 मीटर
-एक कोच में एक ओर तीन शौचालय होंगे।
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