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Oct 04 (21:20) रेलवे हर महीने इस तरह बचाएगा 6 करोड़ रुपए का डीजल (naidunia.jagran.com)
IR Affairs
WCR/West Central
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News Entry# 362645  Blog Entry# 3868151   
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Oct 04 2018 (21:21)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by a2z~/1674352
इटारसी से जबलपुर होते हुए कटनी तक रेलव लाइन का विद्युतीकरण का काम पूरा हो गया है। बुधवार को इसका विधिवत लोकार्पण मुख्य रेलवे स्टेशन पर सांसद राकेश सिंह, पश्चिम मध्य रेलवे के महाप्रबंधक अजय विजयवर्गीय ने किया। रेलवे के विद्युत विभाग का दावा है कि इटारसी से जबलपुर तक तकरीबन 336 किमी लंबे विद्युत ट्रैक पर डीजल इंजन की जगह विद्युत इंजन चलने से वह हर माह लगभग 6 करोड़ रुपए के डीजल की बचत कर रहा है। लोकमान्य तिलक टर्मिनल से इलाहाबाद के बीच चलने वाली दुरंतो 12293-94 का जबलपुर में प्रायोगिक ठहराव दे दिया गया है। लोकार्पण अवसर पर जबलपुर को मिली इस उपलब्धि का भी शुभारंभ किया गया।
कटनी से नैनी तक भी जल्द होगा विद्युतीकरण
सांसद
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राकेश सिंह ने बताया कि कटनी से नैनी तक ट्रैक का भी विद्युतीकरण तेजी से चल रहा है। इसे जून 2019 तक पूरा करना है, लेकिन रेलवे अधिकारियों से हुई चर्चा के बाद उम्मीद है कि यह काम मार्च 2019 तक पूरा हो जाएगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर से गोंदिया ब्राडगेज परियोजना अब 511 करोड़ से बढ़कर आज 1500 करोड़ की हो गई है। इस परियोजना में किसी तरह भी राशि की कमी नहीं हो रही है, यही वजह है कि यह परियोजना भी जल्द ही पूर्ण होने जा रही है। मुख्य रेलवे स्टेशन पर पैसेंजर सुविधाओं पर उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ में जबलपुर ही एक ऐसा स्टेशन है, जहां पैसेंजर के लिए 4 लिफ्ट और 4 एस्कलेटर लगाए गए हैं।
जबलपुर में रुकेगी मुंबई-इलाहाबाद दुरंतो
मुम्बई से इलाहाबाद के बीच सप्ताह में दो दिन चलने वाली दुरंतो ट्रेन अब जबलपुर में रुकेगी। इसका भी शुभारंभ बुधवार को से कर दिया गया है। मुम्बई से चलकर इलाहाबाद जाने वाली 12293 ट्रेन सुबह 6.05 मिनट पर जबलपुर आएगी और 10 मिनट रुकने के बाद इलाहाबाद रवाना होगी। वहीं इलाहाबाद से मुम्बई जाने वाली 12294 ट्रेन सप्ताह में दो दिन रात 12.40 पर जबलपुर आएगी और 10 मिनट रुकने के बाद रवाना हो जाएगा। रेलवे ने इस ट्रेन को 6 माह के लिए जबलपुर में प्रायोगिक ठहराव दिया है। यदि इस दौरान पैसेंजर टिकट की सेल अच्छी होती है तो ट्रेन का ठहराव बढ़ जाएगा।
जीएम ने दिया जबलपुर मंडल को नकद पुरस्कार
समारोह के समापन पर पमरे के नए जीएम अजय विजयवर्गीय ने जबलपुर मंडल द्वारा आयोजित किए गए इस कार्यक्रम की व्यवस्था और तैयारी को सराहा। उन्होंने डीआरएम मनोज सिंह समेत जबलपुर मंडल की टीम को बधाई दी और 30 हजार रुपए नकद पुरस्कार देने की घोषणा की। समारोह में आरपीएफ के आईजी डॉ.आरके मलिक, महापौर स्वाती गोडबोले, विधायक अंचल सोनकर, विधायक अशोक रोहाणी, भाजपा अध्यक्ष जीएस ठाकुर आदि मौजूद रहे।
इन सुविधाओं का शुभारंभ
-मुख्य स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 4 और 5 में लिफ्ट।
- प्लेटफार्म नंबर 6 पर पेपरलेस चार्टिंग।
- मदनमहल स्टेशन पर सूचना बोर्ड।
-मदनमहल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 में कोच गाइडेंस प्रणाली।
-देवरी, गोसलपुर, सिहोरा रोड, डुंडी स्टेशन पर वाईफाई।
  
Oct 04 (21:19) 6 अक्टूबर से कोरबा-रायपुर के बीच फिर से शुरू होगी चुनावी ट्रेन (naidunia.jagran.com)
New Facilities/Technology
SECR/South East Central
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News Entry# 362643  Blog Entry# 3868147   
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Oct 04 2018 (21:19)
Station Tag: Raipur Junction/R added by a2z~/1674352

Oct 04 2018 (21:19)
Station Tag: Korba/KRBA added by a2z~/1674352
Stations:  Raipur Junction/R   Korba/KRBA  
लोकसभा चुनाव से ठीक पहले एक बार फिर से कोरबा से रायपुर के बीच इंटरसिटी एक्सप्रेस ट्रेन चलाने की घोषणा की गई है। यह घोषणा बुधवार को केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने की। हसदेव एक्सप्रेस के नाम से चलने वाली यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन कोरबा-रायपुर के बीच चलेगी।
इसके परिचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। 6 अक्टूबर को ट्रेन के परिचालन का औपचारिक शुभारंभ होगा। यह ट्रेन 7 अक्टूबर से नियमित रूप से गुरुवार, शुक्रवार, शनिवार और रविवार को चलेगी। कोरबा और रायपुर के बीच इस ट्रेन के लिए 7 स्टॉपेज निर्धारित हैं।
इस
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ट्रेन के परिचालन के लिए लंबे समय से मांग की जा रही थी। अचानक केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल ने इसकी घोषणा की, जो यहां के लोगों के लिए एक विशेष तोहफे की तरह रहा।
बता दें कि साल 2014 में भी लोकसभा चुनाव से ठीक पहले इस ट्रेन का परिचालन शुरू किया गया था, लेकिन चुनाव के 3 महीने बाद इस ट्रेन का परिचालन बंद हो गया। इस बार रेल मंत्री पीयूष गोयल इस ट्रेन के परिचालन का शुभारंभ करने के लिए खुद कोरबा आ रहे हैं।
6 अक्टूबर को कोरबा स्टेशन से हरी झंडी दिखाकर वे इस ट्रेन का रवाना करेंगे। पिछली बार लंबे समय के इंतजार के बाद यहां के लोगों को सीधे राजधानी से जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेन की सुविधा मिली थी, जो इनके लिए काफी जरूरी थी। दूसरी तरफ लोगों को आशंका भी है कि कहीं दोबारा यह ट्रेन चुनाव के बाद बंद न हो जाए। नई ट्रेन को अन्य ट्रेनों के अतिरिक्त रेक को जोड़ कर तैयार किया गया है।
  
Oct 04 (07:35) Tata-Siemens consortium wins bid for Rs 8k-cr Pune Metro line (www.financialexpress.com)
New Facilities/Technology
PMRC/Pune Metro
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News Entry# 362547  Blog Entry# 3865902   
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हिन्दी
Work order for the Rs 8,313-crore Metro Line 3 project based on a PPP model was awarded to the Tata-Siemens consortium on October 3 in Mumbai.
Work order for the Rs 8,313-crore Metro Line 3 project based on a PPP model was awarded to the Tata-Siemens consortium on October 3 in Mumbai. Tata Projects will be the EPC partner supporting the consortium. Maharashtra chief minister Devendra Fadnavis handed over the letter of award to the consortium in Mumbai on Wednesday to N Chandrasekaran, chairman, Tata Sons and Ralph Hasselbacher, CEO, Siemens Group.
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Kiran Gitte, PMRDA metropolitan commissioner, said the maximum time period allowed for the consortium to commence the project is till June 2019, but Fadnavis urged them to start work by January 2019.
The project is to be completed within a time span of three years. The elevated Metro line will originate from Hinjewadi Rajiv Gandhi Infotech Park and travel via Balewadi to Shivajinagar. Hinjewadi is Pune’s IT industrial hub providing employment to over 4,00,000 people. The 23.3-km corridor with 23 stations will be the first Metro project in India under the PPP model after the 2017 New Metro Rail Policy. The consortium of TRIL Urban Transport (a Tata Group Company), and Siemens Project Ventures (subsidiary of Siemens Financial Services), has been awarded the contract by the Pune Metropolitan Region Development Authority (PMRDA) to develop the Metro corridor from Hinjewadi to Shivajinagar.
Banmali Agrawala, president, infrastructure, defence and aerospace, Tata Sons, said they had expertise and capabilities of delivering on long-term and large infrastructure projects like this project. He was confident of meeting delivering the project as per the scheduled timelines. Sunil Mathur, MD and CEO, Siemens, said this project will positively impact the quality of life for the people of Pune.
  
Oct 04 (07:35) Green signal! Modi government gives nod to railway station revamp programme (www.financialexpress.com)
IR Affairs
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News Entry# 362546  Blog Entry# 3865898   
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The Cabinet on Wednesday approved the long-pending station redevelopment programme of the railways, paving the way for revamping of stations by private parties to enhance facilities for passengers.
The Cabinet on Wednesday approved the long-pending station redevelopment programme of the railways, paving the way for revamping of stations by private parties to enhance facilities for passengers. In return, private parties will get to commercially exploit railway land and air space around stations. Under the public-private partnership model to redevelop railway stations, the special purpose vehicle (SPV), Indian Railway Station Redevelopment Corporation (IRSDC), will be the nodal executing agency.
The
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lease term for contracts has been raised up to 99 years from the earlier envisaged 45 years and residential premises will be a part of the assets created. Addressing the media after the Cabinet meeting, law minister Ravi Shankar Prasad said the IRSDC will take the decision on the tenure of the lease period taking into account suitability, executability and market conditions.
“The corporation will have the freedom to decide the tenure in a professional manner keeping in mind facilities for passengers and commercial viability. The SPV will also have flexibility to offer a cluster of stations, instead of just one, as this is one of the feedbacks that the transporter received from developers. Developers will also be allowed to give multiple sub-leases rather than just one. The railways redevelopment plan had to be revisited as the ‘Swiss challenge’ bidding process evoked only a lukewarm interest.
Under the ‘Swiss Challenge’ method, an unsolicited offer is made by the original proponent to the railways ensuring her process to be the best (in terms of effectiveness including both cost and time). It further allows third parties to make better offers (challenges) for a project during a designated period with the simple objective to discourage frivolous project, or to avoid exaggerated project development costs.
  
सरकार ने रेलवे की स्टेशन पुनर्विकास योजना के प्रति निवेशकों में आकर्षण पैदा करने के लिए इसकी शर्तों में बड़ा बदलाव किया है। इसके तहत स्टेशनों के पट्टे की अवधि को 45 वर्ष से बढ़ाकर 99 वर्ष करने का प्रावधान किया गया है। बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी गई। इसी के साथ स्टेशनों के पुनर्विकास की रेलवे की राह आसान हो गई है।
रेल मंत्रालय ने तीन वर्ष पहले 600 स्टेशनों के विकास की योजना बनाई थी। लेकिन हबीबगंज और गांधीनगर को छोड़ बाकी स्टेशनों के विकास में निवेशकों ने रुचि नहीं दिखाई। कारण पता करने पर निवेशकों ने 45 वर्ष की लीज को प्रमुख
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वजह बताया। उनका कहना था कि स्टेशनों में निवेश तभी फलदायी हो सकता है जब उन पर रिहायशी इमारतें बनाने की छूट दी जाए। इसके लिए 99 वर्ष की लीज जरूरी है।
विवादों के कारण निवेशकों की इस मांग को पूरा करने में सरकार को दो वर्ष लग गए। इस बीच योजना के प्रति अनुत्साह को देखते हुए रेलवे ने स्टेशन पुनर्विकास योजना के आकार को घटाकर 400 स्टेशन पर सीमित किया और इनमें से 68 स्टेशनों का पुनर्विकास प्राथमिकता के आधार पर प्रारंभ करने का निर्णय लिया।
योजना के लिए इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कारपोरेशन को नोडल एजेंसी बनाया गया है जिस पर रणनीतिक और व्यावसायिक योजना तैयार करने की जिम्मेदारी है। मंत्रालय द्वारा उक्त योजनाओं की मंजूरी के बाद आइआरएसडीसी तथा अन्य एजेंसियां मिलकर स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए निजी कंपनियों को फ्रीहोल्ड जमीन का हस्तांतरण करेंगी।
99 वर्ष के लीज का अधिकार मिलने से रेलवे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के देश भर के प्रमुख स्टेशनों का नए सिरे से कायाकल्प कर सकेगा। इसके तहत ऐसे विस्तृत और आधुनिक स्टेशन तैयार होंगे जो 'मिनी स्मार्ट सिटी' के तौर पर कार्य करेंगे।
स्टेशन पुनर्विकास योजना को सबसे पहले 24 जून, 2015 को कैबिनेट ने मंजूरी दी थी। इसमें ए1 और ए श्रेणी के स्टेशनों के पुनर्विकास के लिए जमीन को 45 वर्ष की लीज पर देने का प्रावधान था। 400 स्टेशनों के पुनर्विकास पर लगभग एक लाख करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है।
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