Spotting
 Timeline
 Travel Tip
 Trip
 Race
 Social
 Greeting
 Poll
 Img
 PNR
 Pic
 Blog
 News
 Conf TL
 RF Club
 Convention
 Monitor
 Topic
 Bookmarks
 Rating
 Correct
 Wrong
 Stamp
 PNR Ref
 PNR Req
 Blank PNRs
 HJ
 Vote
 Pred
 @
 FM Alert
 FM Approval
 Pvt
News Super Search
 ↓ 
×
Member:
Posting Date From:
Posting Date To:
Category:
Zone:
Language:
IR Press Release:

Search
  Go  

12567/68 राज्यरानी सुपरफास्ट की धाक राजधानी से कम नहीं है। - Prabhat Sharan

Full Site Search
  Full Site Search  
 
Sat Jan 16 16:50:32 IST
Home
Trains
ΣChains
Atlas
PNR
Forum
Topics
Gallery
News
FAQ
Trips/Spottings
Login
Advanced Search
<<prev entry    next entry>>
News Entry# 426267
Nov 28 2020 (00:02) Jabalpur News: रेल कर्मचारियों को अब निजी अस्पताल में मिलेगा इलाज (www.naidunia.com)
IR Affairs
WCR/West Central
0 Followers
6036 views

News Entry# 426267  Blog Entry# 4793329   
  Past Edits
Nov 28 2020 (00:02)
Station Tag: Jabalpur Junction/JBP added by Adittyaa Sharma/1421836
Stations:  Jabalpur Junction/JBP  
जबलपुर, नईदुनिया प्रतिनिधि।
रेल कर्मचारियों को उचित इलाज देना रेलवे की जिम्मेदारी है, लेकिन वह इस जिम्मेदारी से पीछे हट रहा है। रेलवे लगातार रेल कर्मचारियों के विरोध में तुगलकी फरमान निकाल रहा है, जिससे बीमार कर्मचारियों की परेशानी बढ़ने लगी है। पश्चिम मध्य रेलवे मजदूर संघ के महामंत्री अशोक शर्मा ने बताया कि रेलवे बोर्ड द्वारा 23 नवंबर को एक तुगलकी फरमान निकाला था, जिसमें कहा गया था कि रेल कर्मचारियों को निजी अस्पतालों में चिकित्सा सुविधा पर रोक लगा दी। इसके तहत रेलवे अस्पताल से केवल सरकारी अस्पताल या आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत आने वाले अस्पताल में ही रेल कर्मचारी और उनके स्वजन रेफर किए जाएंगे।
मजदूर
...
more...
संघ ने किया था विरोध:
इस प्रावधान के तहत यह भी कहा गया कि यदि इन अस्पतालों में इलाज की सुविधा नहीं होने की दशा में ही अति आवश्यक गंभीर स्थिति में कर्मचारी को निजी अस्पताल में रेफर किया जाएगा। मजदूर संघ ने इसका विरोध किया और चेतावनी दी कि रेलवे बोर्ड यदि इस तुगलकी फरमान को वापस नहीं लेती है तो इसका देशव्यापी विरोध किया जाएगा।
रेलवे बोर्ड को लिखा था पत्र:
संघ के प्रवक्ता सतीश कुमार ने बताया कि एनएफआइआर के महामंत्री डॉ.एम राघवैया और एनएफआइआर के कार्यकारी अध्यक्ष एवं संघ अध्यक्ष डॉ.आरपी भटनागर ने इस तुगलकी फरमान का विरोध किया। इतना ही नहीं विरोध के बाद रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष विनोद यादव को पत्र लिखकर रोष प्रकट किया और इस फरमान को वापस लेने कहा गया, जिसके परिणाम स्वरूप रेलवे बोर्ड ने अपने इस आदेश को वापस ले लिया है। अब पहले की तरह की रेल कर्मचारी और उनके स्‍वजनों को निजी अस्पताल में बेहतर इलाज मिलेगा।
Go to Full Mobile site