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Indian Railways: Divided By Zones, United By Railfans - Karthik

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News Entry# 421864
Oct 18 (23:38) रेलवे लाइन दोहरीकरण के ठंडे बस्ते में पहुंचने की जांच करेगी रेलवे विजीलेंस (m.jagran.com)
Commentary/Human Interest
NR/Northern
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News Entry# 421864  Blog Entry# 4751574   
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Oct 18 2020 (23:38)
Station Tag: Saharanpur Junction/SRE added by Anupam Enosh Sarkar/401739

Oct 18 2020 (23:38)
Station Tag: Shamli/SMQL added by Anupam Enosh Sarkar/401739
शामली, जेएनएन : दिल्ली शामली-सहारनपुर रेलमार्ग के दोहरीकरण कार्य की फाइल ठंडे बस्ते में डालने में रही विभागीय अधिकारियों की लापरवाही की जांच शुरू हो गई है। रेल मंत्री ने अग्रवाल मित्र मंडल की शिकायत पर पूरे मामले की जांच रेलवे विजीलेंस को सौंपी है। संगठन ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की है।
दिल्ली-शामली-सहारनपुर रेल लाइन के दोहरीकरण व लंबी दूरी वाली ट्रेन की मांग लंबे अर्से से चली आ रही है। भाजपा के तत्कालीन सांसद हुकुम सिंह ने संसद में इन मांगों को उठाया था। काफी प्रयासों के बाद अप्रैल 2016 में सांसद के अनुरोध पर इस रेलमार्ग के विद्युतीकरण-दोहरीकरण का शिलान्यास रेल राज्यमंत्री मनोज सिन्हा ने सहारनपुर के नानौता में किया था। कई
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साल बीतने के बाद आज तक यह योजना पूरी नहीं हो सकी, बल्कि रेलवे अधिकारियों की लापरवाही के चलते योजना की फाइल भी ठंडे बस्ते में पहुंच गई। बताया गया कि इस योजना को परवान चढ़ाने में शामली के अग्रवाल मित्र मंडल के सचिव अनुज बंसल व चेयरमैन नवीन गर्ग अधिकारियों से पत्राचार करने में लगे थे। अनुज बंसल का कहना है कि उनके पत्राचार करने के बाद रेलवे अधिकारियों ने 1214 करोड़ की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) बनाकर अधिकारियों को भेजी थी। यह फाइल काफी समय तक दबी रही। पत्राचार करने पर रेलवे बोर्ड अध्यक्ष ने बताया कि इस फाइल में काफी कागजात अधूरे थे और वन विभाग की अनुमति लेने का प्रयास ही नहीं किया गया था। इस कारण योजना को ठंडे बस्ते में डाला गया। यह लापरवाही सामने आने के बाद मित्र मंडल के नेताओं ने प्रधानमंत्री, रेल मंत्री, राष्ट्रपति को पत्र भेजकर मांग उठाई थी कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को पद मुक्त किया जाए। योजना की फाइल नई प्रक्रिया से चालू कराकर रेलवे लाइन का दोहरीकरण पूरा कराया जाए। अनुज बंसल ने बताया कि रेल मंत्री ने विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के इस मामले में जांच शुरू कराई है। रेलवे विजीलेंस के अधिकारी आरके झा को जांच सौंपी है। जल्द इस मामले में दिल्ली रेलवे बोर्ड अधिकारियों से मुलाकात की जाएगी।
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